HomeHealth & Fitnessबीकेटी में सड़क जाम पर फूटा वकीलों का गुस्सा, प्रशासन को चेतावनी

बीकेटी में सड़क जाम पर फूटा वकीलों का गुस्सा, प्रशासन को चेतावनी

बख्शी का तालाब। इलाके में रोज-रोज लगने वाले भारी जाम का मुद्दा अब बहुत बड़ा रूप लेता जा रहा है। तहसील रोड पर गाड़ियों की वजह से पैदा होने वाली इस मुसीबत से परेशान होकर अब वकीलों के सबसे बड़े संगठन ‘बीकेटी बार एसोसिएशन’ ने सीधे मोर्चा खोल दिया है। वकीलों ने इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस को अल्टीमेटम जारी कर दिया है।

बख्शी का तालाब तहसील की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर पिछले काफी समय से अव्यवस्था का माहौल है। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि इस रोड पर दोनों तरफ लोग बेतरतीब ढंग से अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस अवैध पार्किंग के चलते चौड़ी सड़क भी बेहद संकरी गली जैसी दिखने लगती है। नतीजा यह होता है कि सुबह से लेकर शाम तक यहां गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि, इस बेतरतीब जाम की सबसे बड़ी मार उन गरीब फरियादियों पर पड़ रही है जो दूर-दराज के गांवों से अपने कानूनी कामों के लिए तहसील आते हैं। घंटों जाम में फंसे रहने की वजह से लोगों की कोर्ट की तारीखें छूट जाती हैं और सुनवाई का समय निकल जाता है। वकीलों के मुताबिक, केवल अदालती काम ही नहीं, बल्कि स्कूली बच्चे, मरीज और जरूरी काम से निकलने वाले आम राहगीर भी इस रास्ते पर नरक जैसी स्थिति झेलने को मजबूर हैं।

संगठन ने साफ किया कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को आगाह किया गया था। उन से गुहार लगाई गई थी कि, सड़क के दोनों किनारों को साफ कराया जाए, लेकिन हर बार उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। प्रशासन की इसी लापरवाही से तंग आकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह और महामंत्री जितेन्द्र बहादुर सिंह ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

एसोसिएशन ने अब इस मामले का लिखित मांग पत्र सीधे तहसीलदार को सौंप दिया है। इसके साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी कॉपियां बीकेटी थाना प्रभारी, इंदिराबाग चौकी इंचार्ज और स्थानीय अखबारों को भी भेज दी गई हैं। वकीलों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तुरंत सड़कों को खाली कराकर इस समस्या का कोई पक्का समाधान नहीं निकाला गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। आने वाले दिनों में संगठन इस ढिलाई के खिलाफ सख्त कानूनी रास्ता अपनाएगा और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगा।

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