लखनऊ। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लखनऊ पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के एक मामले में आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला 14 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित विशेष न्यायालय द्वारा सुनाया गया। मामले में थाना मोहनलालगंज में दर्ज मु0अ0सं0 450/2022, धारा 302 भादवि से संबंधित आरोपी विजय बहादुर पुत्र प्यारेलाल, निवासी जगनापुर शिव, थाना लोनीकटरा, बाराबंकी को दोषसिद्ध किया गया।
पारिवारिक विवाद के बाद पेट्रोल डालकर जलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर 2022 को थाना मोहनलालगंज में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता नन्हू प्रसाद के मुताबिक, उनके बेटे संगम कुमार का विवाह वर्ष 2013 में शीला के साथ हुआ था। संगम अपनी पत्नी और बेटे के साथ अपने ससुराल में रहकर जीवन यापन करता था।
आरोप था कि पारिवारिक विवाद और रंजिश को लेकर संगम के साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। 24 अगस्त 2021 को भी उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से एकराय होकर संगम पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।आग की चपेट में आने से संगम कुमार गंभीर रूप से झुलस गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 27 अगस्त 2021 को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के ससुर का दामाद था दोषी
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में विजय बहादुर की भूमिका सामने आई। वह मृतक संगम कुमार के ससुर महादीन का दामाद बताया गया है। मामले की विवेचना और न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने विजय बहादुर को दोषी माना।
पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिली सजा
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लखनऊ पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों में आरोपियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जा रही है।पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह के निर्देशन में मामले की पैरवी की गई।थाना मोहनलालगंज के प्रभारी निरीक्षक राम बाबू सिंह के नेतृत्व में पैरोकार कांस्टेबल प्रदीप आनन्द द्वारा न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी विजय बहादुर को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
सजा का फैसला
न्यायालय ने आरोपी विजय बहादुर पुत्र प्यारेलाल, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी जगनापुर शिव, थाना लोनीकटरा, जनपद बाराबंकी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 50,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।पुलिस के अनुसार, यह फैसला गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लखनऊ पुलिस की प्रभावी न्यायिक पैरवी का परिणाम है।












