श्रावस्ती जिले के नासिरगंज कस्बे के अंतर्गत आने वाले काला गांव का मुख्य मार्ग बदहाली का शिकार है। ग्रामीण इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और बेहतर आवागमन की सुविधाएं देने के सरकारी दावे इस क्षेत्र में खोखले साबित हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार, यह मार्ग लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। सड़क की शुरुआत में ही ईंटें पूरी तरह टूटकर बिखर चुकी हैं और चारों तरफ मलबा व कूड़ा फैला हुआ है। सड़क का यह हिस्सा गड्ढे और उबड़-खाबड़ मलबे के ढेर जैसा नजर आता है, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहनों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। गांव के अंदर जाने वाला यह मुख्य मार्ग केवल नाम का खड़ंजा रह गया है। पूरी सड़क पर धूल और मिट्टी जमी हुई है और बीच का हिस्सा धंस चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि सूखी गर्मियों में तो लोग जैसे-तैसे निकल जाते हैं, लेकिन हल्की सी बारिश होते ही यह पूरी सड़क कीचड़ के दलदल में तब्दील हो जाती है। बारिश के मौसम में गांव के बच्चों को स्कूल जाने और बुजुर्गों को इलाज के लिए बाहर ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति ग्रामीणों के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। फिरोज, उस्मान, अनुज और बबलू सहित कई ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इस मुख्य मार्ग की स्थिति को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने जल्द से जल्द यहां पक्की सड़क (पिच रोड) या नए इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण कराने की अपील की है, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके।
श्रावस्ती के काला गांव का मुख्य मार्ग जर्जर:ईंटें उखड़ीं, बारिश में कीचड़, ग्रामीणों ने की पक्की सड़क की मांग
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