गोरखपुर : उत्तर प्रदेश पंचायतीराज विभाग पंचायत स्तर पर कार्यों की दक्षता बढ़ाने और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए बड़े कदम उठा रहा है। इसी क्रम में 2 से 8 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पंचायतों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जीआईएस (GIS) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा।
उप निदेशक पंचायतीराज हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि इस विशेष सप्ताह के दौरान जिला और विकास खंड स्तर पर परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाई जाएगी। सेवा वितरण की समयबद्धता, शिकायत निस्तारण और लाभार्थियों की संतुष्टि जैसे मापदंडों पर फोकस किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएं
– प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के लिए न्यूनतम चार घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य होगा।
– आईगाट पोर्टल पर शत-प्रतिशत नामांकन और पाठ्यक्रम पूर्णता सुनिश्चित की जाएगी।
– सभी प्रतिभागियों को कम से कम एक AI आधारित कोर्स पूरा करना होगा।
– जिला पंचायत राज अधिकारी को मुख्य क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और प्रत्येक स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे।
शासन की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ाना, कार्यों की निगरानी को डिजिटल बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण को तेज तथा प्रभावी बनाना है। AI और GIS के उपयोग से पंचायतों की योजनाओं की प्लानिंग, निगरानी और मूल्यांकन में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल उत्तर प्रदेश और सुशासन के विजन को और मजबूत करेगी।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)












