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‘आप सेक्स के बारे में पूछ सकते हैं,’ भरी महफिल में ये क्या बोल गए ट्रंप?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में जारी युद्ध के बीच लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दुनिया के सामने अपनी बात रख रहे हैं। विवादों से पुराना नाता रखने वाले ट्रंप ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सामने कुछ ऐसा बोल दिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, ट्रंप अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमेशा पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हैं।

इसी दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आप मुझसे जो चाहें पूछ सकते हैं। आप सेक्स के बारे में बात कर सकते हैं। जो मन करे, पूछ सकते हैं। उनकी यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

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राष्ट्रपति ने कहा क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कह, ‘आप लोग मुझसे सवाल पूछ सकते हैं। मैं दूसरे नेताओं की तरह नहीं हूं, जो सवालों को मोड़ देते हैं। आप जो चाहें मुझसे पूछ सकते हैं। आप सेक्स के बारे में बात कर सकते हैं। आप जो सुनना चाहते हैं वो पूछिए। मैं यहां आपके लिए हूं… आप जो सवाल पूछना चाहते हैं.. आप पूछेंगे?’

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर एप्सटीन फाइल्स में नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

ट्रंप ने किया बड़ा दावा

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट के दौरान बड़ी बात कही। उन्होंने दावा किया है कि मिडिल ईस्ट अब ईरान के आतंक और उसकी न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग से पूरी तरह आजाद होने वाला है।

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उन्होंने कहा कि ईरान जैसा धौंस दिखाने वाला देश अब भाग रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना ऑपरेशन एपिक फ्युरी के जरिए ईरान के खतरे को जड़ से खत्म कर रही है और उसकी ताकत अब काफी कमजोर हो गई है।

कैसरगंज में जंगली जानवर का हमला, युवक घायल:एसडीएम ने सीएचसी में घायल का जायजा लिया


कैसरगंज थाना क्षेत्र के बभनान पुरवा गोडहिया नंबर 1 में एक जंगली जानवर के हमले से एक युवक घायल हो गया। यह घटना दोपहर लगभग 3 बजे हुई, जिसके बाद इलाके में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी। हमले में 31 वर्षीय राकेश कुमार (पुत्र जानकी प्रसाद) घायल हुए हैं। उनकी कमर पर दांतों के गहरे निशान हैं, जबकि जांघ पर पंजों और नाखूनों से चोट के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। घायल राकेश को तुरंत सीएचसी कैसरगंज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह स्वयं सीएचसी कैसरगंज पहुंचे और घायल का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और वे सतर्कता बरतते हुए समूह में ही बाहर निकल रहे हैं। वन विभाग की टीम ने भी कमान संभाल ली है, जिसमें रेंजर सहित कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एसडीएम अखिलेश सिंह ने जंगली जानवर को जल्द से जल्द ट्रैक कर पकड़ने की बात कही है और ग्रामीणों की भी मांग है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

श्रावस्ती के भटपुरवा में श्री राम जन्मोत्सव:विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने किया आयोजन, भजन- कीर्तन हुए


श्रावस्ती जनपद के जमुनहा प्रखंड अंतर्गत ग्राम भटपुरवा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के तत्वावधान में श्री राम जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से आरती-पूजन किया गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ गांव के लोग भी इसमें शामिल हुए। उपस्थित महिलाओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। इस आयोजन ने गांव में उत्साह का माहौल बनाया, जहां लोगों ने मिलकर भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाया।

गालापुर महाकाली स्थान पर चैत्र नवमी पर उमड़ी भीड़:श्रद्धालुओं ने की विशेष पूजा-अर्चना, भंडारे का आयोजन


खुनियाँव क्षेत्र के वटवासिनी महाकाली स्थान गालापुर में शुक्रवार को चैत्र नवरात्रि की नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन और पूजन-अर्चन के लिए पहुंचे। नवमी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां महाकाली की आराधना की। महिलाओं और युवतियों ने माता के दरबार में दीप प्रज्वलित किए तथा नारियल, चुनरी और फल अर्पित किए। पूरे दिन मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा। मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर समिति के सदस्य सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहे। उनके सहयोग से दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हुई। दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला निरंतर चलता रहा। नवमी के इस अवसर पर गालापुर का महाकाली मंदिर श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना रहा।

मिठौरा सीएचसी में स्वास्थ्य शिविर:75 मरीजों का निशुल्क जांच, 80% सर्दी-खांसी और त्वचा रोग से पीड़ित मिले


मिठौरा सीएचसी में शुक्रवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के करीब 75 मरीजों की निशुल्क जांच कर उन्हें परामर्श दिया गया। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। डॉ. डी.एन. सिंह ने मरीजों की जांच करते हुए उन्हें बदलते मौसम में सतर्क रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। डॉ. सिंह ने बताया कि इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिनका समय पर उपचार जरूरी है। शिविर में आए मरीजों में लगभग 80 प्रतिशत सर्दी, खांसी, बुखार व त्वचा रोग से पीड़ित पाए गए। वहीं 10 प्रतिशत मरीज शुगर और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त थे, जबकि शेष 10 प्रतिशत अन्य बीमारियों से प्रभावित रहे। सभी मरीजों को निशुल्क दवाएं वितरित की गईं। शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पंजीकरण, जांच और दवा वितरण की व्यवस्था संभाली।

PM मोदी और ट्रंप के फोन कॉल पर क्या कर रहे थे एलन मस्क? ईरान वॉर से है कनेक्शन?

मिडिल ईस्ट में जारी संकट को लेकर पूरी दुनिया चिंता में है। इसी संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी और यह काफी ज्यादा चर्चा में भी रही थी। इस बातचीत को लेकर अब एक नई बात सामाने आ रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस बातचीत में पीएम मोदी और ट्रंप के साथ-साथ दुनिया के दिग्गज टेक लीडर और बिजनेसमैन एलन मस्क भी थी। अब लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों के फोन कॉल पर एक बिजनेसमैन का क्या काम और वह भी एक अंतर्राष्ट्रीय युद्ध से जुड़े मामले में।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान युद्ध पर फोन कॉल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के साथ एलन मस्क भी थे। उनकी मौजूदगी की रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियाकों में हलचल मचा दी है। खासकर तब जब कुछ महीने पहले ही ट्रंप और एलन मस्क के बीच विवाद सामने आ चुका है। एलन मस्क अब ना ट्रंप सरकार का हिस्सा हैं और ना हीं किसी सरकारी पद पर हैं। कुल मिलाकर उनका मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध से कोई कनेक्शन नहीं है।

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पीएम मोदी और ट्रंप के बीच हुई थी बातचीत

न्यूयॉर्क टाइम की रिपोर्ट में जिस फोन कॉल पर ट्रंप और मोदी के साथ एलन मस्क के जुड़ने की बात कही जा रही है वह कोल इसी हफ्ते मंगलवार 24 मार्च को हुआ था। ट्रंप और मोदी के फोन कॉल को लेकर जो जानकारी अब तक सामने आई थी उसके अनुसार, दोनों नेताओं ने ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर चर्चा की थी। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने पर भी बात हुई थी। जब से अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है तब से यह पहली बार था जब पीएम मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत हुई हो।

इस बाचीत के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर लिखा था कि भारत तनाव को कम करने और जल्ज से जल्द शांति स्थापित करने के पक्ष में है। यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज स्ट्रेट खुला और सुरक्षित बना रहे यह पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है।

एलन मस्क का क्या काम?

अब सामने आया है कि इस कॉल में ट्रंप और मोदी के अलावा एलन मस्क भी थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस कॉल पर एलन मस्क के होने की पुष्टि दो अमेरिकी अधिकारियों ने की है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि मस्क इस कॉल में क्यों जुड़े थे या उन्होंने बातचीत के दौरान कुछ कहा भी था या नहीं। आधिकारिक तौर पर दोनों देशों ने इस पर कोई जानकारी नहीं दी है।

हालांकि, अगर सच में ट्रंप और मोदी के साथ एलन ने चर्चा की है तो इससे साफ है कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के राष्ट्रपति ट्रंप के साथ संबंध फिर से बेहतर हो गए हैं। पिछले साल ट्रंप और एलन मस्क के बीच अनबन हो गई थी, जिसके बाद एलन मस्क ने ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा भी दे दिया था।

‘पश्चिम एशिया में मंडरा रहा खतरा…’, DGCA से क्या चाहता है पायलट एसोसिएशन?

एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA इंडिया) ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कमर्शियल उड़ानों के लगातार ऑपरेशन को लेकर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संघ ने चेतावनी दी है कि ऐसे फैसलों से जान का खतरा हो सकता है और सरकार को तुरंत दखल देना होगा। इसको लेकर ALPA ने डीजीसीए को पत्र लिखा है।

डीजीसीए को लिखे गए पत्र में पायलटों की संस्था ने कहा है कि एक्टिव वॉर जोन में या उसके आसपास फ्लाइट्स चलाना यात्रियों, क्रू और एयरक्राफ्ट के लिए एक गंभीर और अस्वीकार्य जोखिम पैदा करता है। ऐसे फैसलों को जानबूझकर इंसानी जान को खतरे में डालना बता गया है।

DGCA ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की

ALPA इंडिया ने कहा है कि इससे पहले उसने 18 मार्च को इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाया था, जिसके बाद DGCA ने 19 मार्च को एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी करके एयरलाइनों से अपने जोखिम का आकलन करने को कहा था। हालांकि, एसोसिएशन ने इस तरीके की आलोचना की और कहा कि युद्ध क्षेत्र में जोखिम का आकलन सरकारों को करना चाहिए, न कि अलग-अलग एयरलाइनों पर छोड़ देना चाहिए।

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अपने जोखिम का आकलन करें

वैश्विक एविएशन मानदंडों का जिक्र करते हुए ALPA इंडिया ने कहा कि इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) ऑपरेटरों को अपने जोखिम का आकलन करने की इजाजत देता है लेकिन सक्रिय संघर्ष क्षेत्रों में सरकारों द्वारा केंद्रीकृत, आधिकारिक निरीक्षण और समय पर संवाद करने की जरूरत होती है।

इसमें यह भी कहा गया कि एयरलाइंस के पास युद्ध जैसे हालात में खतरों का जोखिम का आकलन करने के लिए जरूरी इंटेलिजेंस और सर्विलांस कैपेबिलिटीज की कमी है।

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यात्री जहाजों को मार गिराने का दिया हवाला

एसोसिएशन ने ऐसे रूट्स पर उड़ान भरने वाले पायलटों के लिए वॉर-रिस्क इंश्योरेंस कवरेज पर स्पष्टता की कमी पर भी चिंता जताई। इसमें कहा गया है कि क्रू मेंबर्स ने इस बात का पुष्टि मांगी है कि क्या युद्ध क्षेत्र में इंश्योरेंस वैध रहता है, लेकिन अब तक कोई फॉर्मल एश्योरेंस या डॉक्यूमेंटेशन नहीं दिया गया है, जिससे किसी घटना के मामले में देनदारी और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

ALPA इंडिया ने आगे उन पिछली घटनाओं की ओर इशारा किया जहां युद्ध क्षोत्रों में यात्री जहाजों को मार गिराया गया था। इसमें ईरान एयर फ्लाइट 655, लीबिया अरब एयरलाइंस फ्लाइट 114, और यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस फ्लाइट 752 शामिल हैं। इन घटनाओं के जरिए संघ ने जान के जोखिम को लेकर चिंता जताई है।

बालेन शाह के PM बनते ही विरोधियों पर कार्रवाई शुरू? केपी ओली गिरफ्तार हो गए

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर साल 2025 के ‘जेन जी’ आंदोलन में युवा प्रदर्शनकारियों पर हुई गोलीबारी और हिंसा में शामिल होने के आरोप हैं। शनिवार सुबह काठमांडू में पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पुलिस ने हिरासत में लिया।

काठमांडू घाटी पुलिस के प्रवक्ता ओम अधिकारी ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे एक दिन पहले ही नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली थी।

नेपाल में साल 2025 में हुए ‘जेन जी’ आंदोलन के बाद सरकार गिर गई थी। सरकार गिरने के बाद आम चुनाव कराए गए, जिसमें बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह, सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरे। उनकी पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने चुनाव में भारी जीत हासिल की।

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नेपाल में आंदोलन क्यों शुरू हुआ था?

साल 2025 में नेपाल में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन शुरू हुए थे। सितंबर तक, युवा सड़कों पर आ गए थे। शुरुआत में सोशल मीडिया पर लगे छोटे प्रतिबंध को लेकर प्रदर्शन हुए, लेकिन जल्द ही आर्थिक मुश्किलों और दशकों के गुस्से की वजह से देशभर में हंगामा हो गया।

केपी शर्मा ओली गिरफ्तार क्यों हुए?

पहले दिन प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई में कम से कम 19 प्रदर्शनकारी मारे गए। दूसरे दिन आंदोलन और बढ़ गया। लोग संसद भवन तक पहुंचे, सरकारी दफ्तरों में आगजनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने सिंहद्वार जला दी। नेपाल हिंसा में करीब युवा मारे गए। दूसरे दिन आंदोलन और भड़क गया, जिसमें संसद और सरकारी दफ्तरों में आगजनी हुई।

नेपाल हिंसा में 77 लोग, अलग-अलग घटनाओं में मारे गए। केपी ओली की सरकार गिर गई थी। नेपाल में प्रदर्शनकारी इस हद तक भड़के थे कि केपी ओली की भीड़ हत्या करने जा रही थी। कई पूर्व प्रधानमंत्रियों की शामत आई थी।

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कहां चूक गए केपी ओली?

घटना की जांच करने वाली एक सरकारी समिति ने इस हफ्ते सिफारिश की थी कि केपी ओली पर मुकदमा चलाया जाए। समिति ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई गोलीबारी को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अब नई सरकार के गठन के ठीक अगले दिन ये गिरफ्तारियां हुई हैं।

अब आगे क्या?

पुलिस के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। केपी ओली पर संगीन आरोप हैं। उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

बेटी को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप:संतकबीरनगर निवासी पर केस दर्ज, पुलिस तलाश में जुटी


मुंडेरवा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने अपनी 31 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप लगाया है। महिला ने मुंडेरवा थाने में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी का पता लगाना शुरू कर दिया है। महिला का आरोप है कि संतकबीरनगर जनपद के महुली थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति पिछले एक वर्ष से उसकी बेटी से फोन पर बात कर रहा था। इस बात की जानकारी पीड़िता और उसके परिवार को नहीं थी। आरोप है कि आरोपी 21 मार्च को शाम पांच बजे उसकी लड़की को शादी का झांसा देकर भगा ले गया। मां ने बेटी के साथ किसी भी अनहोनी की आशंका जताते हुए 26 मार्च को शाम पांच बजे प्रार्थना पत्र दिया और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मुंडेरवा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि 26 मार्च को मिली तहरीर के आधार पर आरोपी और उसके परिवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 में कार्रवाई की गई है और आरोपी की तलाश जारी है।
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ईरान से भिड़कर अमेरिका में कैसे बढ़ रहीं ट्रंप की मुश्किलें? इनसाइड स्टोरी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान सकंट की वजह से धीरे-धीरे अपने देश में ही अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे हैं। पहले कार्यकाल में जिस राजनीतिक स्थिरता की बात डोनाल्ड ट्रंप कर रहे थे, उससे कहीं दूर, वह आगे निकल आए हैं। उन्होंने दूसरे कार्यकाल का सबसे हिंसक फैसला लिया है, जिसका खामियाजा, अमेरिकी सेना भुगत रही है। खाड़ी के देशों में अमेरिकी सैन्य बेस को नुकसान हुआ है, अमेरिकी सैनिकों की शहादत हुई है। ईरान में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को तेल और गैस संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

अमेरिका में ट्रंप अभी भी देश की मुख्य आवाज बने रहेंगे या उनके द्वारा शुरू की गई जंगें, उन्हें असफल राष्ट्रपति बनाने की ओर ले जा रही हैं। अमेरिका में पहली बार, राजनीतिक अस्थिरता के हालात नजर आ रहे हैं। 2028 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अब रिपब्लिकन के लिए राहें मुश्किल होने वाली हैं। 5 साल शासन, फिर डेमोक्रेट्स को वनवास से जूझना पड़ रहा है लेकिन अब वे, ट्रंप से बेहतर नजर आ रहे हैं।

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कैपिटल हिल पर पकड़ खो रहे ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप की कैपिटल हिल पर रिपब्लिकन सांसदों की पकड़ अब परीक्षण के दौर से गुजर रही है। ईरान नीति पर उनके नेतृत्व से नाराजगी बढ़ रही है। पिछले साल एपस्टीन फाइल्स पर विद्रोह के बाद यह और साफ हो गया है। अब लोग, ट्रंप के अभियानों के खिलाफ मुखर हो रहे हैं। उनकी पार्टी के लिए यह ठीक राजनीतिक संकेत नहीं है।

अलोकप्रिय हो रहे हैं ट्रंप?

कठोर इमिग्रेशन नीतियों के कारण हवाई अड्डों पर लंबी लाइनें और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के मनमाने रवैये ने आम लोगों में असंतोष बढ़ा दिया है। सरकारी शटडाउन से दोनों सरकार और जनता दोनों को नुकसान होता है। राष्ट्रपति ट्रंप की वजह से अमेरिका में लंबे समय तक, शटडाउन की स्थिति रही है। उनके थोपे गए फैसले, अब अमेरिका पर भारी पड़ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप को सफाई देनी पड़ रही है कि वह ईरान से तेल नहीं खरीदते हैं, उन्हें होर्मुज की जरूरत नहीं है। जिस होर्मुज पर पूरा कंट्रोल चाहते थे, उसी पर बयान बदल रहे हैं।

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राजनीतिक पारी में ट्रंप के बुरे दिन शुरू?

डोनाल्ड ट्रंप, अब 80 साल के होने वाले हैं। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती ईरान युद्ध शुरू करके ली है। बिना देश को साथ लिए वह जंग में कूद पड़े हैं। अमेरिका में लोग कह रहे हैं कि यह जंग, अमेरिका ने इजरायल के दबाव में शुरू की है। उनकी चौतरफा आलोचना हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि जंग से बाहर निकलने के लिए भी ट्रंप के पास कोई प्लान नहीं है, न ही जंग जारी रखने का। उनके बार-बाद बदलते बयानों ने उनकी मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।

कैसे घट रही है ट्रंप की लोकप्रियता?

अमेरिका में अब डोनाल्ड ट्रंप, अप्रूवल रेटिंग में लगातार हाशिए पर जा रहे हैं। CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक तीन हालिया ओपिनियन पोल में उनकी अप्रूवल रेटिंग 40 फीसदी से नीचे चली गई है। 60 फीसदी लोग उन्हें खारिज कर रहे हैं, या नराज हैं। सिर्फ 38 फीसदी लोग, उनके साथ हैं।

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जंग में क्या करना है, सोच नहीं पा रहे ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने जंग तो छेड़ दी है लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि करना क्या है। कभी शांति सौदे की बात करते हैं, कभी हमले रोकने की बात करते हैं, कभी कहते हैं कि उन्हें होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण ही नहीं चाहिए। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कैबिनेट मीटिंग में इसे ऐतिहासिक क्षण बताया है लेकिन अगर अमेरिका को जीत नहीं मिली तो ट्रंप की विरासत पर संकट आएगा।

रिपब्लिकन पार्टी पर पकड़ खो रहे हैं ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप, रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत नेता रहे हैं। ईरान युद्ध पर लगातार वादा खिलाफी के चलते, उनका विस्तारित गठबंधन भी संकट में है। स्वतंत्र वोटरों में ट्रंप के खिलाफ अस्वीकृति 68 फीसदी तक पहुंच गई है। कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (CPAC) 2026 टेक्सास के ग्रेपवाइन में हो रहा है। यहां आमतौर पर ट्रंप की जीत का उत्सव होता था, लेकिन इस बार ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ वाले नारों और कार्यक्रमों से लोग दूर जा रहे हैं।

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अमेरिका में क्या हो रहा है?

डोनाल्ड ट्रंप का इस जंग में व्यक्तिगत नुकसान नहीं होगा लेकिन उनकी पार्टी को यह नुकसान झेलना पड़ेगा।अमेरिका में मौजूदा रुझान 2028 चुनाव की नींव रख रहे हैं। अमेरिका में अगला चुनाव, महंगाई, आवास संकट और युद्ध पर होगा। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉपरेशन एंड डेवपेलमेंट (OECD) ने गुरुवार को आशंका जाहिर की है कि अमेरिका में महंगाई, इस साल 4 फीसदी बढ़ेगी। ट्रंप का यह आखिरी कार्यकाल है लेकिन उनकी वजह से रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ माहौल बन रहा है।

दिल्ली से बंगाल तक बारिश का अलर्ट, आंधी बढ़ाएगी परेशानी, जानिए मौसम का हाल

देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश, आंधी और ओले गिरने का दौर जारी है। यह सिलसिला आज यानी 28 मार्च को और कल 29 मार्च को भी जारी रहने की संभावना है। इसके बाद कुछ हिस्सों में मौसम सामान्य बना रहेगा। । मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने से देश के करीब 11 राज्यों में आज मौसम खराब रहेगा। उत्तर भारत के कुछ राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दक्षिण भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज 28 मार्च को दिल्ली के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 28 मार्च को दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। वहीं गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। दिल्‍ली का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। मौसम में आए इस बदलाव से दिल्ली वालों को प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है।

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आज का मौसम

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने का सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत के राज्यों में देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के राज्यों में लगातार बारिश और बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम विभाग के अनुमान की मौनें तो आज से 30 मार्च तक दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, महामायानगर, अलीगढ़ और फिरोजाबाद में मौसम की ज्यादा मार हो सकती है।

इसके साथ ही हरियाणा में आज मौसम सामान्य रह सकता है लेकिन रात से मौसम खराब होने की संभावना है और सोमवार तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही चंडीगढ़ में भी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों के दौरान राजस्थान में भी मौसम खराब रहने के संकेत हैं। 31 मार्च तक पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। जिन जिलों में बारिश हो सकती है उनमें श्री गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर शामिल हैं। पंजाब की बात करें तो पंजाब में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। 28-30 मार्च के दौरान पंजाब में मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर का मौसम

पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड और हिमाचल में 28-31 मार्च के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। हिमाचल के शिमला, ऊना, चंबा, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, शिमला, कुल्लू, हमीरपुर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड की बात करें तो यहां नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में भी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।

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पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मौसम लगातार खराब बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में बारिश और ओले के साथ-साथ तेज हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि इन राज्यों में अगले 3 से 4 दिन तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने बताया है कि 28 मार्च को पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 से 31 मार्च के दौरान छिटपुट से लेकर भारी बारिश तक का अलर्ट जारी किया गया है। इतना ही नहीं इन राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग की मानें तो इन राज्यों में 0-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

शिव की नगरी में भगवान नारायण का चमत्कारी मंदिर, ऋषि अग्निबिंदु से जुड़ी है मान्यता

News Desk

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव यानी रामनवमी का पर्व आज देशभर में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. भक्त पूजा-पाठ करने के साथ नारायण के दर्शन को देवालय जाते हैं. श्रीकाशी विश्वनाथ की नगरी काशी में गंगा, शिव और ज्ञान का अद्भुत संगम है. इसी के बीच स्थित है, नारायण को समर्पित भव्य मंदिर, जिसकी मान्यता ऋषि अग्निबिंदु से जुड़ी है. वाराणसी के पंचगंगा घाट पर स्थित नारायण को समर्पित मंदिर का नाम बिंदु माधव मंदिर है, जो धार्मिक रूप से विशेष महत्व रखता है, जहां भगवान नारायण ‘बिंदु माधव’ या ‘बूंदों के स्वामी’ के रूप में विराजमान हैं. यह मंदिर ना केवल विष्णु भक्ति का केंद्र है, बल्कि रामनवमी पर यहां आने वाले भक्त भगवान राम और विष्णु के एकत्व का अनुभव करते हैं. आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में खास बातें…

मंदिर की उत्पत्ति ऋषि अग्निबिंदु से जुड़ी
उत्तर प्रदेश सरकार के काशी गवर्मेंट पोर्टल के अनुसार, पंचगंगा घाट से ऊपर जाती सीढ़ी एक साधारण पत्थर के हॉल तक पहुंचती है. यहां कोई तड़क-भड़क नहीं, सिर्फ पौराणिक कथाओं और शांत भक्ति की गूंज है. इस हॉल में है प्राचीन बिंदु माधव मंदिर. किंवदंतियों के अनुसार, इस मंदिर की उत्पत्ति ऋषि अग्निबिंदु से जुड़ी है. ऋषि ने यहां तपस्या की और पवित्र जल की बूंदों को पीकर ही अपना जीवन व्यतीत किया. उनकी निष्ठा और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने वरदान दिया कि वह सदैव यहां निवास करेंगे. इसी वजह से उनका नाम बिंदु माधव पड़ा, जिसका अर्थ है बूंदों के स्वामी.
रामनवमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना
यह मंदिर पंच माधव मंदिरों में से एक है, जहां सच्ची भक्ति से मनुष्य के कर्मों के पाप धुल जाते हैं. रामनवमी के दिन भक्त इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. भगवान राम विष्णु के अवतार हैं, इसलिए रामनवमी पर बिंदु माधव मंदिर में राम-विष्णु की संयुक्त भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. श्रद्धालु यहां दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की कामना रखते हैं.

फ्रांसीसी यात्री ने की थी खूब प्रशंसा
मोक्षनगरी के इस मंदिर की शांति दुनिया की भागदौड़ से राहत देती है. ऐतिहासिक रूप से यह मंदिर कभी अत्यंत भव्य था. 17वीं शताब्दी के फ्रांसीसी यात्री जीन बप्तिस्त टैवर्नियर ने अपने यात्रा वर्णन में इसकी खूब प्रशंसा की. उन्होंने बताया कि मंदिर क्रॉस (एक्स) के आकार का पैगोडा था, जिसमें भगवान विष्णु की छह फुट ऊंची प्रतिमा रत्नों, माणिकों और मोतियों की मालाओं से सजी हुई थी. वर्ष 1669 में मंदिर को नष्ट कर दिया गया, लेकिन प्रतिमा को गुप्त रूप से बचाया गया.

मराठा शासक ने करवाया था मंदिर का निर्माण
19वीं शताब्दी में मराठा शासक भवान राव ने नए साधारण मंदिर का निर्माण करवाया और प्राचीन प्रतिमा को फिर से स्थापित किया. आज मंदिर में भगवान विष्णु की शालिग्राम शिला व प्रतिमा स्थापित है, जिसके दोनों ओर गरुड़ और हनुमान जी विराजमान हैं. जानकारी के अनुसार, ये प्रतिमाएं पुराने मंदिर के मलबे से बचाई गई हैं. कम ऊंचाई वाले हॉल में श्रद्धालु कीर्तन और जप करते हैं.
इस तरह पहुंचे मंदिर
हर वर्ष कार्तिक मास में यह मंदिर दीपों से जगमगा उठता है. धार्मिक ग्रंथों का पाठ होता है और दूर-दूर से भक्त पापों से मुक्ति की कामना लेकर आते हैं. रामनवमी पर भी यहां विशेष सजावट और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जो भक्ति भाव को और गहरा करता है. बिंदु माधव मंदिर, पंचगंगा घाट के रतन फाटक, घसी टोला इलाके में स्थित है. मंदिर जाने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन से ऑटो, रिक्शा या कैब कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार की रोडवेज बसें भी उपलब्ध हैं. मंदिर प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 10.30 बजे तक खुला रहता है.

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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन केंद्र की मांग:सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में उठाया मुद्दा


भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को लोकसभा में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में ‘केन्द्रित बौद्ध अध्ययन केंद्र’ स्थापित करने की मांग की। उन्होंने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया और संस्कृति मंत्रालय से विशेष वित्तीय सहायता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया। सांसद पाल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह वह भूमि है जहां प्राचीन कपिलवस्तु स्थित था और जहां गौतम बुद्ध ने अपने जीवन के शुरुआती 29 वर्ष बिताए थे। उन्होंने पिपरहवा में मिले बौद्धकालीन पुरातात्विक अवशेषों का भी जिक्र किया, जिससे यह क्षेत्र वैश्विक बौद्ध अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक संवाद का केंद्र बन सकता है। बौद्ध शिक्षा और अनुसंधान को गति जगदंबिका पाल ने बताया कि केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से बौद्ध अध्ययन और सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। लेह में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ बौद्ध स्टडीज और नालंदा में नवा नालंदा महाविहार जैसे संस्थानों को मिले सहयोग से देश में बौद्ध शिक्षा और अनुसंधान को गति मिली है। उन्होंने इन्हीं संस्थानों की तर्ज पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में भी एक उच्च स्तरीय ‘केन्द्रित बौद्ध अध्ययन केंद्र’ स्थापित करने की वकालत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित केंद्र केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं होगा, बल्कि यह बौद्ध इतिहास, दर्शन, प्राचीन भाषाओं, पुरातत्व, संस्कृति और आधुनिक बौद्ध कूटनीति के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का शोध एवं अध्ययन केंद्र बन सकता है। इससे देश-विदेश के छात्र, शोधकर्ता और विद्वान सिद्धार्थनगर की ओर आकर्षित होंगे, जिससे क्षेत्र का शैक्षणिक और सांस्कृतिक महत्व बढ़ेगा।

वैष्णो सोनी बने सिसवा मंडल उपाध्यक्ष:बूथ अध्यक्ष के बाद बढ़े कद, कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर


सिसवा मंडल में भाजपा स्वर्णकार संघ के महामंत्री वैष्णो कुमार सोनी को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति पर स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल है और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है। व्यापार मंडल के जिला महामंत्री एवं सभासद प्रमोद जायसवाल ने वैष्णो सोनी को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। वहीं स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष दिनेश सोनी, अरुण वर्मा, सभासद जितेंद्र वर्मा और पूर्व सभासद धर्मवीर सोनी ने माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर वैष्णो कुमार सोनी ने सभी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे संगठन की मजबूती के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। कार्यक्रम में संतोष सोनी, प्रिंस सोनी, मनीष रौनियार, प्रभात सर्राफ, मनोज मधु सोनी, राजन सोनी, संदीप सोनी, विशाल चौधरी और विनय कुशवाहा सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी।