रिपोर्ट – रमेश चंद्र
जिला संवाददाता बस्ती/रुधौली:
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों और सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण फैलाकर आम जनता को परेशान करने वालों के खिलाफ बस्ती जिले की रुधौली पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने पटाखे जैसी तेज आवाज निकालने वाली एक बुलेट मोटरसाइकिल पर कड़ा एक्शन लेते हुए उसका मॉडिफाइड साइलेंसर उतरवा दिया है।
पुलिस ने बीच सड़क पर रोका वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक (बस्ती) के कड़े निर्देशों के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में रुधौली पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर एक ऐसी बुलेट मोटरसाइकिल पर पड़ी, जिसका चालक मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़क पर तेज आवाज और ‘पटाखे’ फोड़ते हुए जा रहा था। इस तेज आवाज से राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही थी।
उतरवाया गया साइलेंसर, हुई एमवी एक्ट की कार्रवाई
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को तुरंत रोका और उसके कागजातों की सघन जांच की। जांच के दौरान बुलेट में लगा साइलेंसर मोटर वाहन अधिनियम के मानकों के पूर्णतः विरुद्ध पाया गया। पुलिस ने मौके पर ही तत्काल प्रभाव से उस अवैध साइलेंसर को हटवाया और मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। इसके साथ ही, चालक को सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में इस तरह के नियमों का उल्लंघन करने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की आम जनता से अपील
इस कार्रवाई के बाद रुधौली पुलिस ने क्षेत्र के सभी नागरिकों और वाहन चालकों से विशेष अपील की है। पुलिस ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपने दोपहिया या चौपहिया वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन (विशेषकर तेज आवाज वाले साइलेंसर) न कराए। यातायात नियमों का पूरी जिम्मेदारी से पालन करें, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और ध्वनि प्रदूषण से किसी को असुविधा न हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
श्रावस्ती जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना सोनवा स्टोर चौराहे के पास भारी गांव के निकट हुई, जहां एक ऑटो रिक्शा और भूसा ट्राली की आमने-सामने टक्कर हो गई। जानकारी के अनुसार, ऑटो रिक्शा भूसा ट्राली से सामने से टकरा गया। इस हादसे में ऑटो रिक्शा में सवार एक यात्री ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ऑटो रिक्शा चालक को गंभीर चोटें आई हैं। इसके अलावा, ऑटो रिक्शा में सवार दो अन्य यात्री भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए भिनगा अस्पताल भेजा गया है।
मेष दिन ऊर्जा से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। पारिवारिक जीवन में तालमेल बना रहेगा। प्रेम संबंधों में ईमानदारी जरूरी होगी।
वृषभ धैर्य रखने की जरूरत है। काम में थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन मेहनत का फल जरूर मिलेगा। वित्तीय मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
मिथुन दिन शुभ संकेत दे रहा है। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। धन लाभ के योग बन रहे हैं। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी और परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।
कर्क भावनात्मक फैसलों पर नियंत्रण रखना होगा। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें पार कर लेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें।
सिंह दिन शानदार रहेगा। आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। करियर में उन्नति के संकेत हैं। निवेश के लिए अच्छा समय हो सकता है। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और रिश्ते मजबूत होंगे।
कन्या योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन खान-पान का ध्यान रखें।
तुला दिन संतुलन बनाए रखने का है। काम और निजी जीवन में तालमेल जरूरी होगा। धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। यात्रा के योग बन सकते हैं।
वृश्चिक दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। काम में रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार का सहयोग आपको मजबूत बनाएगा।
धनु दिन सकारात्मक रहेगा। करियर में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के योग हैं। प्रेम जीवन में खुशियां मिलेंगी। यात्रा लाभदायक हो सकती है।
मकर लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
कुंभ दिन रचनात्मक कार्यों के लिए अच्छा है। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। धन लाभ के संकेत हैं। रिश्तों में सुधार होगा। मानसिक शांति बनी रहेगी।
मीन दिन मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में थोड़ी सावधानी जरूरी है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पं सुभाष पाण्डेय
तेलअवीव। इजरायल और ईरान के बीच पिछले 40 दिनों से चल रहे संघर्ष में इजरायली वायुसेना ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए 18,000 से ज्यादा बम गिराए हैं। आईडीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में 4,000 से अधिक सैन्य ठिकानों, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर्स और न्यूक्लियर प्लांट शामिल हैं, को निशाना बनाया गया है। इजरायल सवा चार बम प्रति लक्ष्य की रणनीति पर काम कर रहा है ताकि दुश्मन की सैन्य क्षमता को पूरी तरह नष्ट किया जा सके। इन हमलों से ईरान के पेट्रोकेमिकल और हथियार उत्पादन ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान के साथ-साथ लेबनान में भी इजरायली हमले जारी हैं।
अप्रैल को लेबनान पर महज 10 मिनट में 100 से ज्यादा हमले किए गए, जिसमें 350 से अधिक लोग मारे गए। इजरायल का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह के कमांड सेंटरों और हथियार डिपो को नष्ट करने के लिए किए गए हैं। इस युद्ध के कारण लेबनान में लाखों लोग बेघर हो गए हैं और मानवीय संकट गहरा गया है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की बात चल रही है, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सिविल डिफेंस के अनुसार उस एक दिन में 250 से 350 से ज्यादा लोग मारे गए और 1100 से अधिक घायल हुए। यह लेबनान में हाल के सालों का सबसे खूनी दिन था। पूरे अभियान में लेबनान में 1000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं। इजरायल ने हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर, हथियार डिपो, ब्रिज और रसद मार्गों को नष्ट किया। कई पुल टूट गए जिससे दक्षिणी लेबनान में मदद पहुंचना मुश्किल हो गया है। इजरायल का दावा है कि इन हमलों में सैकड़ों हिजबुल्लाह लड़ाके मारे गए। लेबनान में लाखों लोग बेघर हो गए और देश में बड़ी तबाही मची है। इजरायल हर एक महत्वपूर्ण टारगेट को पूरी तरह खत्म करने के लिए बहुत ज्यादा बम गिरा रहा है. औसतन हर टारगेट पर 4.5 बम या उससे ज्यादा गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका मकसद है कि कोई भी सैन्य सुविधा, मिसाइल या कमांड सेंटर बच न सके।
महाराजगंज के ठूठीबारी थाना क्षेत्र के जमुई गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक नाबालिग छात्र पर जानलेवा हमला किया गया। 15 वर्षीय छात्र सत्यम को लोहे की रॉड से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। यह घटना 11 अप्रैल 2026 को रात करीब 8 बजे हुई। पीड़ित छात्र सत्यम अपने एक सहपाठी के घर किताब मांगने गया था। इसी दौरान गांव के ही निपेंद्र पुत्र योगेंद्र ने पुरानी रंजिश के चलते सत्यम पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमलावर ने सत्यम के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। हमलावर निपेंद्र यहीं नहीं रुका। उसने सत्यम के सीने पर बैठकर उसका गला तब तक दबाया जब तक उसे यह विश्वास नहीं हो गया कि सत्यम की मौत हो गई है। इसके बाद निपेंद्र सत्यम को अचेत अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद शोर सुनकर सत्यम के पिता संजय मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि उनका बेटा अचेत पड़ा है और उसके मुंह, नाक तथा सिर से खून बह रहा है। संजय ने तत्काल पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी और अपने बेटे सत्यम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया। सत्यम के पिता संजय पुत्र राम अवध ने कोतवाली ठूठीबारी में निपेंद्र के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी निचलौल शिव प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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इजरायल ने लेबनान के साथ होने वाली बातचीत से पहले हिजबुल्लाह के साथ सीजफायर करने से इनकार कर दिया है। अगले हफ्ते वॉशिंगटन में दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक होने वाली है, उससे पहले ही इजरायल ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इजरायल लगातार हिजबुल्लाह को निशाना बनाकर, दक्षिणी लेबनान में हमले कर रहा है, जिनमें सिर्फ शनिवार को ही 10 से ज्यादा मौतें हुईं हैं। मरने वाले लोगों में आम नागरिक भी शामिल हैं।
इजरायल, लेबनान में लगातार बमबारी कर रहा है। हमलों में नागरिक इलाकों में खूब बम बरसाए जा रहे हैं। इजरायल के अमेरिका में राजदूत येचियल लीटर ने कहा कि इजरायल लेबनान सरकार के साथ औपचारिक शांति वार्ता शुरू करने को तैयार है। इजरायल ने शर्त रखी है कि हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन के साथ सीजफायर पर कोई चर्चा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह लगातार इजरायल पर हमले कर रहा है और दोनों देशों के बीच शांति का सबसे बड़ा रोड़ा यही है।
दक्षिणी लेबनान में हर तरफ से मौत बरस रही है। इजरायल के ड्रोन उड़ रहे हैं और दोनों तरफ से गोलीबारी हो रही है। पिछले हफ्तों में लेबनान में लड़ाई में करीब 2000 लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह को कमजोर करने के लिए कार्रवाई कर रहा है। अगले सप्ताह वॉशिंगटन में होने वाली बैठक में लेबनान सरकार से हिजबुल्लाह को नियंत्रित करने की मांग की जाएगी। दोनों देशों के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं, इसलिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आखिर हिजबुल्लाह, ईरान के लिए इजरायल से भिड़कर तबाह होने के लिए तैयार क्यों है, हिजबुल्लाह को कहां से ताकत मिलती है, जंग में इजरायल को मिटाने पर इजरायल क्यों तुला है-
ईरान देता है हिजबुल्लाह को दाना-पानी
हिजबुल्लाह, लेबनान में स्थित एक शिया मुस्लिम राजनीतिक दल है। अमेरिका और इजरायल, इसे आतंकी संगठन मानते हैं। लेबनान की सरकार से अलग, इनका स्वततंत्र राज्य चलता है। साल 1980 के दशक में लेबनान के गृहयुद्ध के दौरान ईरान ने ही इस संगठन को खड़ा किया है। यह समूह, इजरायल की दखल के खिलाफ लड़ता है। अमेरिका से भी इजरायल का पंगा है।
ईरान हर साल हिजबुल्लाह को भारी-भरकम आर्थिक मदद देता है। अमेरिका कई बार दावा कर चुका है कि यह रकम 700 मिलियन डॉलर से लेकर 1 बिलियन डॉलर तक हो सकती है। इस पैसे का इस्तेमाल न केवल सेना बनाने में, बल्कि लेबनान में स्कूल, अस्पताल और अपना टीवी चैनल चलाने के लिए भी किया जाता है। हिजबुल्लाह के पास जो हजारों मिसाइलें और ड्रोन हैं, उनमें से ज्यादातर ईरान में बने हैं या ईरानी तकनीक से तैयार किए गए हैं।
विलायत अल-फकीह की वजह से ईरान का रक्षक है हिजबुल्लाह
ईरान, विलायत अल-फकीह के सिद्धांत को मानता है। शिया राजनीति के केंद्र में यह विचारधारा है। यह उस राजनीतिक व्यवस्था का नाम है, जिसमें ‘आयतुल्ला’ का पद सर्वोच्च होता है। हिजबुल्लाह के लड़ाके भी इसी विचारधारा के अनुरूप काम करते हैं। शियाओं के सर्वोच्च लीडर, अब मोजतबा खामेनेई हैं। आयतुल्ला अली खामेनेई की शहादत के बाद, हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमला बोला था।
इजरायल के हमलों में अब तक लेबनान में 2000 से ज्यादा मौतें हुईं हैं। Photo Credit: PTI
ईरान का प्रॉक्सी संगठन है हिजबुल्लाह
हिजबुल्लाह और ईरान का रिश्ता धार्मिक है। साल 1982 में हिजबुल्लाह अस्तित्व में आया था। इसकी स्थापना में ईरान का हाथ था। ईरान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की एक टुकड़ी लेबनान में भेजी थी। इसी संगठन ने हिजबुल्लाह के लड़ाकों को प्रशिक्षित किया था। उन्हें हथियार दिए गए। हिजबुल्लाह, अब ईरान का सबसे मजबूत प्रॉक्सी संगठन है, जो पश्चिम एशिया में ईरान के हितों की रक्षा करता है।
ईरान की तरह, इजरायल के अस्तित्व को हिजबुल्लाह भी नकारता है। हिजबुल्लाह ईरान के सर्वोच्च नेता को अपना आध्यात्मिक गुरु मानता है। उनका मकसद एक है, इजरायल का विरोध और खाड़ी के देशों में अमेरिकी दखल को खत्म करना। हिजबुल्लाह के बड़े नेता तेहरान जाकर ईरानी नेताओं से सलाह-मशविरा करते हैं। कई बार तो इजरायली सेना हिजबुल्लाह को लेबनानी संगठन के बजाय ईरानी सैन्य टुकड़ी बता देती है। ईरान ने अमेरिका के साथ हुई शांति वार्ता में यही शर्त रखी थी कि हिजबुल्लाह पर हमले नहीं किए जाएंगे।
अमेरिका और इजरायल के लिए काल हैं हिजबुल्लाह के लड़ाके
जब-जब ईरान ने कहीं हमला किया है, हिजबुल्लाह का नाम सबसे पहले आया है। ईरान, इसे इजरायल के खिलाफ सबसे बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करता है। साल 1980 के दशक में विमान अपहरण का मामला हो या अर्जेंटीना में इजरायली दूतावास पर धमाका, हिजबुल्लाह का नाम सबसे पहले आया। ईरान ने समर्थन किया। हिजबुल्लाह ने ही ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस की फ्लाइट 847 को हाइजैक किया था। ईरान को जब भी दबाव बनाना होता है, हिजबुल्लाह को आगे कर देता है। लेबनान और इजरायल की सीमाएं सटी हुईं हैं, इसलिए हिजबुल्लाह ज्यादा नुकसान पहुंचा देता है।
ईरान का कहां तक साथ निभाता है हिजबुल्लाह?
लेबनान से लेकर सीरिया तक, हिजबुल्लाह, ईरान की मदद करता है। मध्य पूर्व में ईरान की एक बड़ी ताकत, यह संगठन है। लेबनान की राजनीति में हिजबुल्लाह की मजबूत पकड़ है। हिजबुल्लाह के लड़ाके संसद और सरकार में भी शामिल हैं। शिया बाहुल इलाकों में हिजबुल्लाह, मानवीय मदद भी पहुंचाता है। अमेरिका, इजरायल और कई देश इसे आतंकवादी संगठन मानते हैं।
आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद लेबनान में लोग सड़कों पर आ गए थे। Photo Credit: PTI
हिजबुल्लाह में कितना दमखम है जो इजरायल से भिड़ रहा है?
हिजबुल्लाह को सबसे बड़ा झटका, सितंबर 2024 में लगा। इजरायल ने हवाई हमले में हसन नसरल्लाह को ढेर कर दिया था। उनकी मौत के बाद, नईम कासिम महासचिव बने। एक जमाने में हिजबुल्लाह के पास 40 हजार से 50 हजार लड़ाके थे। 1 से 2 लाख रॉकेट और मिसाइलें थीं। यह संगठन, दुनिया का सबसे बड़ा, गैर सरकार समर्थित संगठन था। ईरान ही इन लड़ाकों को ट्रेनिंग, हथियार और करोड़ों-डॉलर की मदद देता है। हिजबुल्लाह, आयतुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद और ज्यादा आक्रामक हो गया है।
अब आगे क्या?
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अपनी अमेरिका यात्रा स्थगित कर दी है। उन्होंने कहा कि लेबनान के लोगों की सुरक्षा और एकता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। हिजबुल्लाह से जुड़े लेबनानी सांसद हसन फदलल्लाह ने कहा कि लेबनान सरकार और इजरायल के बीच सीधी बातचीत राष्ट्रीय समझौते, संविधान और कानूनों का उल्लंघन है। इससे देश में विभाजन बढ़ेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर में लेबनान को शामिल करने की मांग ईरान ने की थी। इजरायल और अमेरिका ने इसे अलग मुद्दा बताया। पाकिस्तान में चल रही अमेरिका-ईरान बातचीत में भी लेबनान का मुद्दा उठा है। ईरान ने कहा है कि लेबनान में सीजफायर के बिना कोई बातचीत नहीं होगी। बैठक बेनतीजा रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, वापस अमेरिका लौट गए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है।
श्रावस्ती जिले में शनिवार देर रात नेशनल हाईवे 730 पर एक इनोवा कार दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में मिली। यह घटना इकौना थाना क्षेत्र के सत्या दा आयरन स्कूल के पास हुई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों में कौतूहल का विषय बन गया। वाहन सड़क किनारे क्षतिग्रस्त हालत में पाया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलते ही इकौना थाना अध्यक्ष परमानंद तिवारी अपनी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में ले लिया। थाना अध्यक्ष परमानंद तिवारी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हादसे के समय वाहन में कौन सवार था और यह दुर्घटना कैसे हुई।
महराजगंज जिले के सोनौली नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 गांधीनगर में सड़क किनारे और गलियों में कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। इन अंबारों के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध ने वातावरण को दूषित कर दिया है, जिससे आवागमन में बाधा और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ताजुद्दीन अंसारी, रामविलास यादव, अभिषेक वर्मा, रवि और संजू ने बताया कि कई दिनों से वार्ड में नियमित सफाई नहीं हो रही है। इसके कारण कूड़ा लगातार इकट्ठा होता जा रहा है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि कचरा नालियों में फंसकर जलभराव का कारण बनता है। इससे मच्छरों का प्रकोप और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। वार्ड वासियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और कचरा उठाने के लिए उचित प्रबंधन करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि वार्ड में स्वच्छता बनी रहे और लोग स्वस्थ जीवन जी सकें। इस संबंध में, अधिशासी अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि उन्हें सूचना मिल गई है और जल्द ही साफ-सफाई कराई जाएगी।
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Asha Bhosle Heart Attack: भारतीय संगीत जगत की मशहूर गायिका आशा भोसले की हेल्थ को बड़ी खबर सामने आई है. हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में उनका इलाज जारी है. इस खबर से उनके प्रशंसकों और करीबियों के बीच चिंता बढ़ गई है.
डॉक्टर ने क्या कहा?
ब्रीच कैंडी अस्पताल की डॉक्टर प्रति समदानी ने इस खबर की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सिंगर आशा भोसले को ICU में भर्ती किया गया है. जहां उनकी देखरेख की जा रही है. इसके अलावा उन्होंने कोई भी जानकारी से इनकार कर दिया. बताया जा रहा है कि गायिका का परिवार अस्पताल भी ही मौजूद है.
आशा भोसले की पोती ने क्या कहा?
मशहूर गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले की पोती ज़नाई भोसले ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके उनकी हेल्थ के बारे में जानकारी दी. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मेरी दादी, आशा भोसले, बहुत अधिक थकान और सीने में इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं. उनका इलाज जारी है और उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा. हम आपको जल्द ही अच्छी खबर देंगे.
पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था.
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ के गाने ‘चला चला नवबाला’ से की थी.
हिंदी सिनेमा में उनका पहला गाना साल 1948 में आयी फिल्म ‘चुनरिया’ का ‘सावन आया रे’ था.
आशा भोसले ने 14 भाषाओं में 12000 से अधिक गाने गाए हैं.
उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है.
साल 2008 में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.
साल 1997 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया था. वे पहली भारतीय महिला गायिका थीं.
श्रावस्ती जनपद में गेहूं की खड़ी फसलों और फूस के मकानों में हो रही आगजनी की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आगजनी की किसी भी घटना में कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। प्रतिबंध के बावजूद, जिले के कई क्षेत्रों में किसान नियमों की अनदेखी कर खेतों में गेहूं के फसल अवशेष जला रहे हैं, जिससे आग फैलने का खतरा बना हुआ है। बीते कुछ दिनों में जमुनहा, इकौना और भिनगा क्षेत्रों में हुई आगजनी की घटनाओं में सैकड़ों बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। हाल ही में, दामूपुरवा के धैसरा गांव में खेतों में पड़े गेहूं के डंठलों में आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए गांव के करीब पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 और दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने का कारण (फसल अवशेष जलाना या अज्ञात) अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो सप्ताह में जिले में दो बार हुई बारिश के कारण कई किसानों की खड़ी फसलें भीग गई थीं। किसान अब फसलों के सूखने का इंतजार कर रहे थे और अब मड़ाई का कार्य कर रहे हैं। ऐसे समय में खेतों में जरा सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले सकती है। प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे फसल अवशेष में आग न लगाएं। साथ ही, बिजली के उपकरणों और चूल्हों का सावधानी से उपयोग करें। तेज हवाओं के बीच लगी आग न केवल फसलों बल्कि आसपास के मकानों के लिए भी घातक साबित हो सकती है। प्रशासन ने कहा है कि सावधानी ही आग से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।
LPG Crisis: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से दुनियाभर में तेल-गैस का संकट मंडराया हुआ है. लेकिन हाल ही में हुई सीजफायर की घोषणा के बाद तेल-गैस को लेकर राहत माना जा रहा है. सीजफायर के बाद भारत का एक और LPG टैंकर ‘जग विक्रम’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है. यानी अब एलपीजी गैस की किल्लत से छुटकारा मिल सकेगा. इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दी.
LPG को लेकर देश में कई दिनों से समस्याएं आ रही थी. लेकिन इसी बीच राहत भरी खबर आई है. सीजफायर के बाद पहला एलपीजी टैंकर जग विक्रम होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया है. केंद्रीय मंत्री ने एलपीजी टैंकर को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि “भारतीय शिपिंग ऑपरेशंस पर अपडेट. भारतीय ध्वज वाला जहाज JAG VIKRAM, जिसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर हैं, 11 अप्रैल को पर्शियन गल्फ क्षेत्र से सफलतापूर्वक बाहर निकल गया है.”
कहां पहुंचा जहाज?
जानकारी के अनुसार, जहाज ओमान की खाड़ी को पार कर गया है. जग विक्रम की क्षमता करीब 26,000 टन की है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से यह जहाज कई दिनों से फंसा था. जो सीजफायर के ऐलान होते ही होर्मुज से रवाना हो गया है. होर्मुज बंद होने की वजह से भारत समेत दुनियाभर में गैस की किल्लत देखने को मिलने लगी थी.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज इलाके में अभी भी करीब 400 से ज्यादा टैंकर, दर्जनों एलपीजी और एलएजी जहाज मौजूद हैं, जो जंग की वजह से प्रभावित हुए थे. सरकार ने भी एलपीजी की किल्लत को देखते हुए लोगों से पीएनजी का कनेक्शन लेने पर जोर दिया था. फिलहाल सीजफायर के ऐलान के बाद रसोई गैस की किल्लत से छुटकारा मिलते नजर आ रहा है. होर्मुज को जग विक्रम ने शुक्रवार की रात पार किया है, जो जल्द ही भारत पहुंचेगा.
Islamabad Talks: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर वार्ता चल रही थी. लेकिन 21 घंटे चली लंबी बातचीत को कोई नतीजा नहीं निकला. ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया. इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि हम खुले दिल से यहां आए थे, लेकिन अब हम बिना डील के अमेरिका लौट रहे हैं. बड़ा सवाल यह है कि अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मामले में अब क्या कदम उठाएंगे. इसको लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ‘गुड न्यूज ये है कि हमारी ईरानियों के साथ कई मुद्दों पर सार्थक चर्चाएं हुई हैं. बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाए हैं. मेरा मानना है कि यह अमेरिकी की तुलना में ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर है. हमने अपनी ओर से फाइनल और बेस्ट ऑफर पेश किया है, लेकिन ईरानियों ने अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है. हमने भी स्पष्ट कर दिया है कि किन चीजों पर समझौता नहीं किया जाएगा. अमेरिका ने अपनी रेड लाइन्स स्पष्ट कर दी है.
पाकिस्तान को लेकर क्या बोले वेंस?
ईरान ने अमेरिका की शर्तों को स्वीकार क्यों नहीं किया. जब इसको लेकर सवाल किया गया तो जेडी वेंस ने कहा कि मैं ज्यादा डिटेल्स में नहीं जाऊंगा और निजी बातचीत को सार्वजनिक भी नहीं करना चाहता. इस दौरान वेंस ने कहा कि बातचीत के दौरान जो भी कमियां थीं. वह पाकिस्तान की वजह से नहीं थी. पाकिस्तान ने शानदार काम किया और उसने वास्तव में ईरानियों और अमेरिका के बीच की खाई को पाटने का काम किया है.
फिलहाल, यह साफ हो गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता पर कोई हल नहीं निकला है. ईरान ने अमेरिका की कई शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है. अमेरिका का कहना है कि हमें गारंटी चाहिए कि ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा. अमेरिका का साफ कहना है कि वह परमाणु सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता है.
रुधौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करते हुए मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिल के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक बस्ती के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में रुदौली पुलिस टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक ऐसी बुलेट मोटरसाइकिल को रोका, जिसमें अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया गया था। वाहन चालक तेज और पटाखे जैसी आवाज निकालते हुए सड़क पर चल रहा था, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही थी।
पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसके कागजातों की जांच की। जांच के दौरान वाहन में लगाए गए साइलेंसर को नियमों के विरुद्ध पाया गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से साइलेंसर को हटवाया और मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। साथ ही चालक को सख्त चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में इस प्रकार के नियमों का उल्लंघन न करे।
रुदौली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सीएचसी जगदौर में संसाधनों का टोटा, परिजनों ने बाहर से खरीदीं दवाइयां और उपकरण।
रिपोर्ट:गजेंद्र गुप्त।
महराजगंज (मिठौरा)। जनपद के मिठौरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जगदौर इन दिनों बदहाली और कर्मचारियों की संवेदनहीनता का केंद्र बन गया है। शनिवार को स्वास्थ्य केंद्र की भारी लापरवाही के कारण एक नवजात को दुनिया देखने से पहले ही अपनी जान गंवानी पड़ी। स्टाफ नर्सों की आपसी खींचतान और ड्यूटी से नदारद रहने के कारण हरपुर कला निवासी एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
नर्स ने फोन नहीं उठाया, तड़पती रही महिला हरपुर कला निवासी चंद्रभान प्रसाद शनिवार सुबह 9 बजे अपनी बहू संजू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी जगदौर लेकर आए थे। परिजनों का आरोप है कि शाम 4 बजे ड्यूटी पर तैनात नर्स सीमा मिश्रा ने जांच के बाद प्रसव कराया,इस दौरान घोर लापरवाही बरती गई। सीमा मिश्रा का कहना है कि उनकी ड्यूटी समाप्त हो चुकी थी, उन्होंने अगली शिफ्ट की नर्स रिंकी को बार-बार फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। घंटों तक प्रसूता वार्ड में तड़पती रही और कोई उसकी सुध लेने वाला नहीं था।
रेफर के बाद रास्ते में हुई मौत। परिजनों का गंभीर आरोप है कि बच्चा नॉर्मल डिलीवरी की स्थिति में नहीं था, लेकिन नर्स द्वारा जबरन प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद बच्चा रोया नहीं, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया।
जेब ढीली कर रहे मरीज, अस्पताल में दवाओं का टोटा सरकारी दावों के उलट सीएचसी जगदौर में मरीजों को हर छोटी चीज के लिए बाहर भेजा जा रहा है। पीड़ित परिवार ने बताया कि प्रसव के दौरान उपयोग होने वाले यंत्र और जरूरी दवाइयां भी उन्हें प्राइवेट मेडिकल स्टोर से लानी पड़ीं। अस्पताल के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां स्टाफ की भारी कमी है और बुनियादी सुविधाओं के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की जा रही है।
जर्जर भवन और बदबूदार पानी के बीच कैसे हो इलाज
अस्पताल की व्यवस्था इतनी पंगु हो चुकी है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों को आवंटित मकान जर्जर हाल में हैं। परिसर की पानी की टंकी से बदबू आती है और शौचालय टूटे पड़े हैं। ऐसे में रात में ड्यूटी करना कर्मचारियों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। जब डॉक्टर और स्टाफ खुद इन हालातों से जूझ रहे हैं, तो मरीजों को बेहतर इलाज मिलना नामुमकिन साबित हो रहा है।
प्रभारी चिकित्सक दयानंद सिंह CHC जगदौर ने क्या कहा। > “मुझे चार्ज लिए अभी कुछ ही समय हुआ है, इसलिए पूरी व्यवस्था की जानकारी नहीं है। स्टाफ की कमी जरूर है, जिससे कुछ दिक्कतें आ रही हैं। 8 घंटे की जगह 12-12 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है। कमियों को जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा।”
श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना परिसर के ठीक सामने कूड़े का अंबार लगा हुआ है। यह गंदगी लंबे समय से जमा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में फैल रही तेज दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि थाने जैसी महत्वपूर्ण सरकारी इमारत के सामने ऐसी गंदगी का होना गंभीर विषय है। निशांत शेखर सिंह, संजय, आलोक और अतुल पाठक जैसे स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में यह कूड़े का ढेर मच्छरों और मक्खियों का अड्डा बन गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है। इस स्थिति से क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था करने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव कराने का आग्रह किया है, ताकि बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके।