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बदायूं: सपा नेता मोतशाम सिद्दीकी की दूसरी फेसबुक पोस्ट से फिर गरमाई राजनीतिक चर्चा

 

बदायूं। समाजवादी पार्टी के नेता मोतशाम सिद्दीकी ने एक बार फिर फेसबुक पोस्ट के जरिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्षों को लेकर की गई उनकी पोस्ट जिले की राजनीति में चर्चा का विषय बनी थी। अब उनकी दूसरी फेसबुक पोस्ट ने भी राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

इस बार साझा की गई पोस्ट में बदायूं की आबादी का उल्लेख करते हुए मुस्लिम समाज को उनकी संख्या के आधार पर दो विधानसभा टिकट दिए जाने की मांग की गई है। पोस्ट में कहा गया है कि आम मुस्लिम समाज को केवल संगठनात्मक पदों तक सीमित न रखकर विधानसभा में भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। मोतशाम सिद्दीकी की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और अन्य लोगों की ओर से विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इसे राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं। इससे पहले विधानसभा अध्यक्षों को लेकर की गई उनकी पोस्ट भी जिलेभर में चर्चा का केंद्र बनी थी। लगातार दूसरी बार फेसबुक पोस्ट के जरिए उठाए गए इस मुद्दे ने बदायूं की राजनीति में प्रतिनिधित्व को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है।

FDA की कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र में दूध का कलेक्शन गिरा

राज्य के डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के डेटा के मुताबिक, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मिलावटी दूध के खिलाफ पूरे राज्य में कार्रवाई की है। इससे महाराष्ट्र में एक महीने में दूध की रोज़ाना की औसत खरीद में 7,50,000 लीटर से ज़्यादा की कमी आई है।(Milk collection in Maharashtra drops after FDA action)

अधिकारियों ने कहा कि डेटा से पता चलता है कि राज्य में खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल करके बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध बेचा और इस्तेमाल किया जा रहा था।FDA ने पिछले दो महीनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मिलावटी दूध के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

एजेंसी ने करीब 360 जगहों की जांच की है। 65.17 लाख रुपये कीमत का 1,60,329 लीटर मिलावटी दूध ज़ब्त किया गया है। 35 लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए हैं और सात FIR दर्ज की गई हैं।

छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि नकली दूध बनाने वाले सिंडिकेट स्किम्ड मिल्क पाउडर, वेजिटेबल ऑयल, डिटर्जेंट और शैम्पू जैसी खतरनाक चीज़ों को खराब पानी और यूरिया जैसे फर्टिलाइज़र के साथ मिला रहे थे।

इस बैकग्राउंड में, डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की मंथली स्टैटिस्टिकल रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में एवरेज डेली दूध की खरीद 17.923 मिलियन लीटर से घटकर जून में 17.172 मिलियन लीटर हो गई है, यानी हर दिन 7,51,000 लीटर की कमी।

जनवरी महीने की तुलना में, जब एवरेज डेली खरीद 18.923 मिलियन लीटर थी, यह हर दिन 1.8 मिलियन लीटर की कमी है।दूसरी ओर, एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने कहा कि पिछले तीन सालों में महाराष्ट्र में एवरेज डेली दूध कलेक्शन 13.1 मिलियन लीटर से बढ़कर 17.1 मिलियन लीटर हो गया है।

उन्होंने कहा कि FDA की कार्रवाई के बाद इस तेज गिरावट से सवाल उठे हैं कि क्या पहले की कीमतों में बढ़ोतरी मिलावटी दूध की वजह से हुई थी।एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि दूध में मिलावट के खिलाफ FDA की बड़ी कार्रवाई, खासकर अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कलेक्शन सेंटर्स को टारगेट करने की वजह से रोज़ाना दूध का कलेक्शन कम हो गया है।

अधिकारी ने यह भी साफ किया कि डिपार्टमेंट के पास दूध में मिलावट के खिलाफ एक्शन लेने का अधिकार नहीं है।इसका रोल सिर्फ दूध डेवलपमेंट स्कीम को लागू करने और किसानों और बड़े डेयरी फार्म से दूध इकट्ठा करने से लेकर प्रोक्योरमेंट सेंटर्स तक उसके ट्रांसपोर्टेशन तक के प्रोसेस पर नज़र रखने तक लिमिटेड है।

अधिकारी ने कहा कि FDA के पास खाने और दूध में मिलावट के खिलाफ एक्शन लेने का लीगल अधिकार है, लेकिन मैनपावर की कमी की वजह से इसे लागू करना एक चुनौती है।मार्च में जारी महाराष्ट्र इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक, पिछले एक दशक में राज्य का सालाना दूध प्रोडक्शन लगभग 68 परसेंट बढ़ा है, जो 2015-16 में 10.1 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 16.6 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है।

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राष्ट्रमंडल खेल: हरजिंदर कौर ने भारोत्तोलन में जीता रजत पदक

ग्लासगो।भारतीय भारोत्तोलक हरजिंदर कौर ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। हरजिंदर ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क के सभी छह प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए और कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरे स्थान पर रहीं।

स्नैच स्पर्धा में हरजिंदर ने 96 किलोग्राम से शुरुआत की और इसके बाद 99 किलोग्राम तथा 101 किलोग्राम वजन भी सफलतापूर्वक उठाया। स्नैच में 101 किलोग्राम के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ वह कनाडा की शार्लोट सिमोनो के बाद दूसरे स्थान पर रहीं। सिमोनो ने 108 किलोग्राम वजन उठाकर बढ़त बनाई थी।

क्लीन एंड जर्क में भी हरजिंदर ने अपनी शानदार लय बरकरार रखी। उन्होंने पहले प्रयास में 120 किलोग्राम, दूसरे में 123 किलोग्राम और अंतिम प्रयास में 126 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया।

इस तरह उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम सहित कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया।

कनाडा की शार्लोट सिमोनो ने 240 किलोग्राम (108 किलोग्राम स्नैच और 132 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) के राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।ऑस्ट्रेलिया की न्या फीबी हेमैन ने कुल 218 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।

यह हरजिंदर कौर का लगातार दूसरे राष्ट्रमंडल खेलों में पदक है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 71 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था। ग्लासगो 2026 में उन्होंने 69 किलोग्राम भार वर्ग में उतरकर एक बार फिर भारत को पदक दिलाया।

 

मुंबई के मशहूर रीगल जंक्शन का 31 करोड़ में होगा नया रूप

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने कोलाबा में रीगल जंक्शन को सुंदर बनाने के लिए INR 31.20 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इस प्रोजेक्ट से पैदल चलने वालों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और टूरिज्म बेहतर होगा। यह काला घोड़ा, गेटवे ऑफ इंडिया एरिया और रीगल जंक्शन को कवर करने वाले बड़े पैदल चलने वालों के प्लान का हिस्सा है।(Mumbai’s Iconic Regal Junction To Get INR 31 Crore Facelift)

हाईवे डिपार्टमेंट ने 22 जुलाई को टेंडर जारी किया था, और इच्छुक बोली लगाने वाले 17 अगस्त तक अपने प्रपोज़ल जमा कर सकते हैं।

रीडेवलपमेंट में ये बदलाव शामिल होंगे:

पूरे एरिया में ग्रेनाइट और बेसाल्ट कोबलस्टोन

ट्रैफिक आइलैंड और मीडियन को फिर से डिज़ाइन और रीअलाइन किया जाएगा

हेरिटेज-स्टाइल लैंप पोस्ट और कैंटिलीवर ट्रैफिक सिग्नल

रीगल जंक्शन की रोशनी का काम और रीअलाइनमेंट

विक्रांत मेमोरियल का रीलोकेशन

जहां ज़रूरी हो, मौजूदा पेड़ों को रीलोकेशन करना, साथ ही नए पेड़ और झाड़ियां लगाना

ट्रैफिक सिग्नल 27 से घटाकर नौ किए जाएंगे।

HT की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रीगल जंक्शन के पास पुलिस डायरेक्टर जनरल के ऑफिस के सामने एक पब्लिक प्लाजा बनाया जाएगा। इस प्लाज़ा में मुंबई का पहला आउटडोर आर्ट म्यूज़ियम होगा। रीगल जंक्शन से गेटवे ऑफ़ इंडिया की ओर जाने वाला ट्रैफ़िक वन-वे हो जाएगा।

रिपोर्ट में महाराष्ट्र असेंबली स्पीकर राहुल नार्वेकर के हवाले से यह भी कहा गया है कि प्रोजेक्ट को सभी ज़रूरी कानूनी मंज़ूरी मिल गई हैं। रीगल में एक अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा भी प्लान की जा रही है। इन बदलावों से ट्रैफ़िक फ़्लो बेहतर होगा और भीड़ कम होगी, साथ ही इलाके में आने-जाने में आसानी होगी।

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UP: DFCCIL रेलवे लाइन के पास 7.424 किलो गांजा बरामद, अलीनगर पुलिस-आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में तस्कर गिरफ्तार

चंदौली: जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अलीनगर पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7.424 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी बिहार से गांजा लाकर चंदौली में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर उसकी बिक्री करता था. पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है.

पुलिस अधीक्षक चंदौली के निर्देशन एवं प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के दौरान आरपीएफ से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति डीएफसीसीआईएल रेलवे लाइन के पास मादक पदार्थ लेकर आने वाला है. सूचना मिलते ही अलीनगर पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को रोक लिया.

तलाशी के दौरान उसके हैंड बैग और पिट्ठू बैग से कुल 7.424 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ. पूछताछ में आरोपी की पहचान उत्सव सिंह (28 वर्ष) पुत्र रवीन्द्र प्रताप सिंह, निवासी ग्राम खड़ेहरा, थाना सकलडीहा, जनपद चंदौली के रूप में हुई.

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पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बिहार से गांजा खरीदकर लाता था और उसे छोटे-छोटे पैकेट बनाकर स्थानीय स्तर पर बेचता था. इस अवैध कारोबार से वह आर्थिक लाभ कमाता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा उसका नेटवर्क किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है.

बरामदगी के आधार पर थाना अलीनगर में मु0अ0सं0 469/2026 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

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मूंग खरीदी पर बढ़ा सियासी दबाव, MP कृषि मंत्री ने शिवराज को लिखा पत्र, दोगुना लक्ष्य तय करने की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के बीच ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के लिए तय मूंग खरीदी के लक्ष्य को 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया है।

कृषि मंत्री कंषाना ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश सरकार ने 14 मई और 3 जुलाई 2026 को ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए केंद्र सरकार को 8.06 लाख मीट्रिक टन खरीदी का प्रस्ताव भेजा था। इसके मुकाबले केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए 4.54 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है। अनुमानित उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के आधार पर कुल उत्पादन करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए।

कृषि मंत्री के अनुसार, पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया था, जबकि प्रदेश में वास्तविक खरीदी 7.72 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची थी। इस वर्ष मूंग उपार्जन का लाभ लेने के लिए 3.47 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, लेकिन अब तक करीब 82 हजार किसानों से ही खरीदी हो सकी है।

उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का अधिकतम लाभ दिलाने और उन्हें भविष्य में दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीदी सीमा बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र से राष्ट्रीय स्तर पर तय लक्ष्य में अन्य मूंग उत्पादक राज्यों की बचत मात्रा का हिस्सा मध्यप्रदेश को देने की मांग की है।

इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार की मूंग खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग पर केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पहले जवाब दिया था कि ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 में देशभर के लिए मंजूर 5.23 लाख मीट्रिक टन मूंग में से 4.54 लाख मीट्रिक टन यानी करीब 87 प्रतिशत मात्रा मध्य प्रदेश को दी गई है। केंद्र का कहना है कि यह प्रदेश को अब तक दिया गया सबसे बड़ा मूंग खरीदी कोटा है। पीएम-आशा योजना के तहत किसानों को एमएसपी का लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी को मंजूरी दी गई थी।

भोपाल में बीच सड़क पर डटे हजारों किसान, बुधवार को सीएम हाउस कूच

इधर, प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर करीब दो हजार किसान भोपाल पहुंच गए हैं और होशंगाबाद रोड पर डटे हुए हैं। मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे किसानों को मंगलवार शाम को पुलिस ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च- एडवांस मैटेरियल एंड प्रोसेसेज रिसर्च इंस्टीट्यूट के सामने रोक दिया, जिसके बाद वे सड़क पर ही बैठ गए।

किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि वे रात सड़क पर ही गुजारेंगे और बुधवार सुबह मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, एडिशनल एसपी अनिल शर्मा ने कहा कि किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यह किसानों का आखिरी पॉइंट तय किया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंची। रास्ते में कई जगह पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान बैरिकेडिंग हटाते हुए आगे बढ़ते रहे।

भोपाल में प्रवेश के बाद किसान हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान वे लगातार ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे लगाते रहे। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता रहा, लेकिन 11 मील बायपास पर पुलिस और किसानों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन किसान बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए। इसके बाद किसान 11 मील से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर गए। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन भी चल रहे थे।

भोपाल कूच में शामिल किसान लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ पहुंचे हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात दिन का राशन और पानी लेकर आए हैं। कई किसान दाल-बाटी भी बनाकर साथ लाए हैं। किसानों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने अफसरों और कृषि मंत्री के साथ की बैठक

किसान आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार देश शाम अपने निवास पर अधिकारियों और कृषि मंत्री के साथ बैठक की। बैठक में किसानों की मांगों और आंदोलन की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिए।

 

ठाणे में 37 साल पुरानी बिल्डिंग की दूसरी मंज़िल की बालकनी गिरने से 13 साल की लड़की की मौत

सोमवार शाम को ठाणे ज़िले के मुंब्रा में करीब चार दशक पुरानी एक रिहायशी बिल्डिंग का एक हिस्सा गिरने से 13 साल की एक लड़की की जान चली गई और पांच लोगों को बचा लिया गया।(13-Year-Old Girl Killed in Balcony Collapse, Residents Relocated)

यह घटना मुंब्रा दरगाह रोड पर जनता बेकरी के पास अमृत नगर में मौजूद ग्राउंड-प्लस-चार मंज़िला बिल्डिंग फैयाज़ अपार्टमेंट में हुई। ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (TMC) के रीजनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेल (RDMC) के मुताबिक, शाम करीब 7:15 बजे दूसरी मंज़िल की बालकनी का स्लैब पहली मंज़िल की बालकनी पर गिर गया, जिससे मलबे के नीचे छह लोग फंस गए।

ठाणे फायर ब्रिगेड, RDMC, ठाणे डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (TDRF), मुंब्रा पुलिस, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD), एनक्रोचमेंट डिपार्टमेंट और पावर यूटिलिटी की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। फंसे हुए सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

उनमें फ्लैट नंबर 102 की रहने वाली 13 साल की अस्मा कादर शेख भी शामिल थी, जिसे गंभीर चोटें आईं। उसे कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया। बचाए गए बाकी पाँच लोग बिना किसी गंभीर चोट के बच गए।

अधिकारियों ने कहा कि बिल्डिंग, जो लगभग 37 से 38 साल पुरानी है, को C2B स्ट्रक्चर के तौर पर क्लासिफ़ाई किया गया था, जिससे पता चलता है कि इसे स्ट्रक्चरल रिपेयर की ज़रूरत थी। अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में 30 रेजिडेंशियल यूनिट हैं, जिनमें से लगभग 15 से 20 में अभी लोग रह रहे हैं।

सावधानी के तौर पर, सिविक अधिकारियों ने इमारत गिरने के बाद पूरी बिल्डिंग खाली करा ली। लगभग 70 से 80 लोगों को कुछ समय के लिए ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल नंबर 78 और 123 में शिफ्ट किया गया है, जबकि इंजीनियर बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी का अंदाज़ा लगा रहे हैं और यह तय कर रहे हैं कि इसे रिपेयर किया जा सकता है या इसे गिराना होगा।

RDMC के चीफ़ यासीन एम. तड़वी ने कहा कि डिटेल्ड इंस्पेक्शन पूरा होने तक लोगों की सुरक्षा पक्का करने के लिए लोगों को निकाला गया। डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल, विपक्ष के नेता अशरफ शानू पठान और डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर दीपक झिंझड़ समेत सीनियर सिविक अधिकारियों ने बचाव की कोशिशों का जायजा लेने और हालात का रिव्यू करने के लिए मौके का दौरा किया।

अधिकारियों ने इमारत गिरने की सही वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

मुंबई में भी ऐसी ही घटना

शनिवार को एक अलग घटना में, मुंबई के मस्जिद बंदर में MHADA की सेस वाली प्रॉपर्टी लोखंडवाला बिल्डिंग में छठी मंज़िल के एक गैर-कानूनी स्ट्रक्चर का एक हिस्सा पांचवीं मंज़िल पर गिर गया, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया।

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने कहा कि यह घटना दोपहर करीब 12:34 बजे हुई, जब बिल्डिंग के अंदर छह लोग थे। बचाव टीमों ने तुरंत कार्रवाई की और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारी उस इमारत गिरने की वजह की भी जांच कर रहे हैं।

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‘एक अधिकारी-एक कार’, केंद्र सरकार ने सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर दिए निर्देश

केंद्र सरकार ने अपने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आदेश जारी कर बताया कि अब कोई भी अधिकारी जिसे सरकारी गाड़ी दी जानी है उसे एक से अधिक गाड़ी आवंटित नहीं की जाएगी। आदेश में यह भी बताया गया है कि भले ही वह अधिकारी किसी दूसरे मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार क्यों ना संभाल रहा हो लेकिन उसे एक ही गाड़ी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग, अनावश्यक खर्च पर रोक और जवाबदेही बढ़ाना है।

यह निर्देश वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को जारी किया है। नए आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि ‘एक अधिकारी, एक सरकारी कार’ का नियम सख्ती से लागू किया जाए। यह आदेश 2022 में जारी किए गए स्टाफ कार उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों को और भी ज्यादा मजबूत बनाता है।

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नहीं मिलेगी एक्स्ट्रा गाड़ी

अब तक कई मामलों में ऐसा देखा जाता था कि यदि किसी सीनियर अधिकारी को किसी दूसरे मंत्रालय, विभाग या सरकारी संस्था का अतिरिक्त प्रभार मिलता था तो वहां से भी अलग सरकारी गाड़ी उपलब्ध करा दी जाती थी। आसान भाषा में कहें तो हर एक पद के साथ गाड़ी दी जाती थी फिर चाहे चार्ज संभाल रहा अधिकारी पहले ही किसी दूसरे डिपार्टमेंट से गाड़ी लेकर चल रहा हो। नए नियम के बाद ऐसी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब अधिकारी अपने मूल पद के लिए आवंटित सरकारी गाड़ी का ही उपयोग करेंगे और अतिरिक्त प्रभार के आधार पर दूसरी सरकारी कार नहीं मिलेगी।

इन संस्थाओं पर भी लागू होगा नियम

सरकार ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि कोई अधिकारी सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या स्वायत्त निकाय की गाड़ी का नियमित उपयोग नहीं करेगा। ऐसे संस्थानों के वाहन केवल उनके आधिकारिक कार्यों के लिए ही इस्तेमाल किए जाएंगे। यदि किसी केंद्रीय अधिकारी को वहां किसी बैठक या आधिकारिक कार्यक्रम में जाना है, तो वह गाड़ी का इस्तेमाल कर सकता है और गाड़ी का इस्तेमाल उसी उद्देश्य तक सीमित रहेगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का मानना है कि कई जगह एक ही अधिकारी के पास अलग-अलग जिम्मेदारियों के कारण एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध हो जाते थे। इससे न केवल सरकारी खर्च बढ़ता था, बल्कि वाहनों, ड्राइवरों और ईंधन जैसे संसाधनों का दोहराव भी होता था। नए नियम का उद्देश्य इसी दोहराव को खत्म करना और सरकारी संसाधनों का अधिक जिम्मेदारी के साथ उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे सरकार के खर्च में भी कमी आने की संभावना है।

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2022 में भी जारी किया था आदेश

सरकार ने सितंबर 2022 में केंद्र सरकार के स्टाफ कारों के उपयोग को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए थे। नए आदेश में उन्हीं नियमों को और स्पष्ट करते हुए मंत्रालयों से सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि सरकारी गाड़ी केवल अधिकृत अधिकारियों और निर्धारित आधिकारिक कार्यों के लिए ही उपयोग की जाएं तथा उनका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।


 12 घंटे में नंदा की चौकी की क्षतिग्रस्त सड़क बहाल

देहरादून: भारी वर्षा के चलते मंगलवार प्रातः लगभग 6:30 बजे नंदा की चौकी स्थित पुल की एप्रोच रोड का एक छोटा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल अधिकारियों को मौके पर राहत एवं मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए।
12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड पर यातायात बहाल
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों ने एक दूसरे के साथ समन्वय बिठाकर काम किया और मात्र 12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत कर मार्ग को पुनः सुचारु रूप से आवागमन के लिए खोल दिया। मार्ग खुलते ही स्थानीय लोगों को राहत मिली तथा आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सामान्य हो गया। एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल पहुंचाने में सफल रही।

किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल, एप्रोच रोड एवं संबंधित निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। अगर जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नागरिकों ने सीएम का जताया आभार
स्थानीय नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तेजी से सरकार ने हालात पर काबू पाया और मात्र 12 घंटे में रास्ते को फिर से चालू कराया, उससे लोगों को बड़ी राहत मिली। नागरिकों ने इसे संवेदनशील, जवाबदेह और त्वरित निर्णय लेने वाली सरकार का उदाहरण बताया।

जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता
धामी सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा आपदा की हर स्थिति में सरकार पूरी तत्परता के साथ जनता के साथ खड़ी है

 

 

मुंबई- आदित्य ठाकरे ने स्टूडेंट प्रोटेस्टर्स के खिलाफ FIR वापस लेने की मांग की

शिवसेना (UBT) लीडर आदित्य ठाकरे ने BJP सरकार से हाल के प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स के खिलाफ जारी सभी नोटिस और FIR वापस लेने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एडमिनिस्ट्रेशन युवा प्रोटेस्ट करने वालों को डरा रहा है।(Mumbai Aaditya Thackeray Demands Withdrawal of FIRs Against Student Protesters Offers Free Legal Aid)

एक बयान में, ठाकरे ने कहा कि सरकार को स्टूडेंट्स को परेशान करने का काम तुरंत बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा, “BJP सरकार को सभी नोटिस, FIR वापस लेने चाहिए और स्टूडेंट्स को डराना-धमकाना बंद करना चाहिए।”

प्रोटेस्ट करने वालों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, ठाकरे ने कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे स्टूडेंट्स को भरोसा दिलाया कि शिवसेना (UBT) उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, “जिन लोगों को ये नोटिस मिले हैं, हम उनके साथ खड़े रहेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हम प्रोटेस्ट के दौरान खड़े थे।”

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की लीगल टीम ने पहले ही काम शुरू कर दिया है और प्रोटेस्ट के सिलसिले में जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उन्हें फ्री लीगल मदद देगी। ठाकरे ने कहा, “हमने अपना लीगल काम शुरू कर दिया है और इन प्रोटेस्ट में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनके लिए हम बिना किसी फीस के लड़ेंगे।” उन्होंने प्रभावित स्टूडेंट्स से पार्टी के लीगल सेल से shivsenaubtlegal@gmail.com पर ईमेल के ज़रिए संपर्क करने की अपील की।

ठाकरे ने विरोध प्रदर्शनों पर सरकार के जवाब की भी आलोचना की और कहा कि स्टूडेंट्स को राहत पाने के लिए सरकारी अधिकारियों से मिलने या अर्जी देने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “इसके लिए सरकार या पुलिस से मिलने या अर्जी देने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। यह बेसिक बात है।”

शिवसेना (UBT) नेता ने प्रदर्शनों के दौरान निहत्थे स्टूडेंट्स पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर ज़्यादा बल इस्तेमाल करने की जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा, “साथ ही, कुछ जगहों पर निहत्थे युवा स्टूडेंट्स पर ज़्यादा बल इस्तेमाल करने की भी जांच होनी चाहिए। हम उस पर भी मामले को आगे बढ़ाएंगे।”

यह बयान हाल के विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कानूनी कार्रवाई पर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है।

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छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत! 

दिल्ली  : अगर आप छोटा कारोबार चलाते हैं और ग्राहकों या बड़ी कंपनियों से समय पर भुगतान न मिलने की वजह से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस नए कानून का मकसद छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान दिलाना, विवादों का जल्दी निपटारा करना और उनकी नकदी की समस्या को कम करना है।

नए विधेयक के तहत यदि किसी MSME का भुगतान लंबे समय तक अटका रहता है और मामला अदालत में चल रहा है, तो कोर्ट जरूरत पड़ने पर खरीदार को कम से कम 50% राशि MSME को देने का आदेश दे सकेगा। इससे छोटे कारोबारियों को सालों तक पैसे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनका कारोबार प्रभावित नहीं होगा।

विवादों का होगा जल्द निपटारा
सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि MSME से जुड़े भुगतान विवादों का तय समय के भीतर निपटारा किया जाए। इसके लिए राज्यों को जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइज फैसिलिटेशन काउंसिल बनाने का अधिकार भी दिया जाएगा, ताकि मामलों का तेजी से समाधान हो सके।

सरकारी कंपनियों पर भी लागू होंगे नए नियम
विधेयक में कहा गया है कि सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSE) MSME से सामान या सेवाएं खरीदने पर उनके बिलों का भुगतान ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) के जरिए करेंगे। इससे छोटे उद्योगों को समय पर पैसा मिलने में मदद मिलेगी। राज्यों को भी अपनी सरकारी कंपनियों के लिए ऐसा नियम लागू करने का अधिकार दिया जाएगा।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आसान नियम
सरकार MSME के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू करेगी, जहां छोटे उद्योग मुफ्त और स्वैच्छिक रूप से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। साथ ही, कुछ मामलों में आपराधिक कार्रवाई खत्म कर चेतावनी और जुर्माने जैसी व्यवस्था लागू करने का भी प्रस्ताव है, जिससे कारोबार करना आसान हो सके।

MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा सहारा
सरकार का कहना है कि 2006 के कानून में समय के साथ बदलाव जरूरी हो गया था। नई तकनीक, डिजिटल सिस्टम और बदलते कारोबारी माहौल को देखते हुए यह संशोधन लाया गया है। अगर यह विधेयक कानून बनता है, तो लाखों छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान मिलने, नकदी की समस्या कम होने और कारोबार बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।

 

 

FDA को फफूंद लगी सब्जियां और खराब साफ-सफाई मिलने के बाद 60 साल पुराना मुंबई का उडुपी रेस्टोरेंट बंद

फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मुंबई के सबसे मशहूर उडुपी खाने की जगहों में से एक, पूर्णिमा रेस्टोरेंट का फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। इंस्पेक्टरों ने एक सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान साफ-सफाई और फूड सेफ्टी में गंभीर कमियां पाईं।(60-Year-Old Mumbai Udupi Restaurant Closed After FDA Finds Fungal Vegetables, Poor Hygiene)

फोर्ट के राजा बहादुर कंपाउंड में बॉम्बे हाउस और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के पास मौजूद 60 साल से ज़्यादा पुराना यह रेस्टोरेंट लंबे समय से ऑफिस जाने वालों, बिजनेस प्रोफेशनल्स और साउथ मुंबई आने वाले टूरिस्ट्स के लिए एक पॉपुलर जगह रहा है।

पूर्णिमा रेस्टोरेंट का FSSAI लाइसेंस क्यों सस्पेंड किया गया?

महाराष्ट्र FDA ने 23 जुलाई को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत एक इंस्पेक्शन किया, और कई नियम तोड़ने के मामले पाए, जिनके बारे में अधिकारियों ने कहा कि वे पब्लिक हेल्थ के लिए एक बड़ा खतरा हैं।

सबसे गंभीर बातों में से एक कच्ची सब्जियों पर फंगल ग्रोथ थी, जिसमें सांभर में इस्तेमाल होने वाली ड्रमस्टिक और रेस्टोरेंट के खास बनाना वड़ा के लिए रखे केले शामिल थे। फ़ूड सेफ़्टी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इडली और डोसा बैटर जैसे फ़र्मेंटेड फ़ूड को हैंडल करने वाले किचन के अंदर फंगल कंटैमिनेशन से फ़ूड से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

इंस्पेक्शन के दौरान फ़ूड सेफ़्टी के बड़े उल्लंघन पाए गए

FDA इंस्पेक्शन रिपोर्ट में कई हाइजीन और फ़ूड सेफ़्टी कमियों को हाईलाइट किया गया, जिनमें शामिल हैं:

कच्ची सब्ज़ियों और केलों पर फंगल ग्रोथ।

पके और फ्रोज़न फ़ूड के साथ स्टोर किया गया कंटैमिनेटेड कच्चा सामान।

किचन और खाना बनाने की जगहों के अंदर मक्खियाँ।

बिना कॉकरोच ट्रैप के रुका हुआ पानी और गंदी नालियाँ।

उखड़ता हुआ पेंट, जंग लगी सतहें और अनहाइजीनिक किचन की दीवारें और छतें।

ठीक से सील न किए गए दरवाज़ों वाले रेफ़्रिजरेशन यूनिट।

बिना ज़रूरी कम्प्लायंस सर्टिफ़िकेशन के नॉन-फ़ूड-ग्रेड प्लास्टिक बैरल में स्टोर किया गया अचार।

फ़ूड हैंडलर के लिए कोई मेडिकल फ़िटनेस रिकॉर्ड या समय-समय पर हेल्थ चेक-अप रिपोर्ट नहीं।

अधिकारियों ने कहा कि इन उल्लंघनों के कॉम्बिनेशन ने फ़ूड बनाने और हैंडल करने के लिए एक असुरक्षित माहौल बनाया।

रेस्टोरेंट को काम बंद करने का आदेश

इंस्पेक्शन के बाद, महाराष्ट्र FDA ने पूर्णिमा रेस्टोरेंट का FSSAI लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिया और रेस्टोरेंट को तब तक सभी फ़ूड बिज़नेस ऑपरेशन रोकने का आदेश दिया जब तक कि पहचानी गई कमियों को ठीक नहीं कर लिया जाता।

रेस्टोरेंट के स्टाफ़ ने कन्फ़र्म किया कि अभी रेनोवेशन और सुधार का काम चल रहा है और ज़रूरी फ़ूड सेफ़्टी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के बाद इसे फिर से खोलने की उम्मीद जताई।

महाराष्ट्र FDA ने फ़ूड सेफ़्टी ड्राइव तेज़ की

पूर्णिमा रेस्टोरेंट के ख़िलाफ़ यह कार्रवाई महाराष्ट्र FDA के अनहाइजीनिक रेस्टोरेंट, बेकरी और फ़ूड जगहों के ख़िलाफ़ चल रहे राज्यव्यापी एनफ़ोर्समेंट कैंपेन का हिस्सा है।

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंधे के नेतृत्व में, 23 जुलाई को चलाए गए इंस्पेक्शन ड्राइव में पूरे महाराष्ट्र के 61 होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और बेकरी शामिल थे।

राज्यव्यापी ऑपरेशन के नतीजे में

61 फ़ूड जगहों का इंस्पेक्शन किया गया।

34 सुधार नोटिस जारी किए गए।

6 FSSAI लाइसेंस तुरंत सस्पेंड किए गए।

4 बिज़नेस रोकने के नोटिस दिए गए। अकेले मुंबई में, अधिकारियों ने 34 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, 22 सुधार नोटिस, पांच लाइसेंस निलंबन और चार स्टॉप-बिजनेस नोटिस जारी किए।

अन्य रेस्तरां और बेकरी जिन पर FDA की कार्रवाई हो रही है

पूर्णिमा रेस्तरां के अलावा, महाराष्ट्र FDA ने कई अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, जिनमें शामिल हैं:

मेराज़ क्रिस्टल बेकरी, माहिम

अनमोल बेकरी एंड स्टोर्स, अंधेरी ईस्ट

महाराष्ट्र बेकरी एंड रेस्तरां, चेंबूर

सावा बेकरी एंड रेस्तरां, गोरेगांव ईस्ट

उज्जवला बेकरी, दहिसर वेस्ट

होटल श्री युवराज खानवल, सांगली

नियामक ने मेराज़ बैंगलोर आर्यन बेकरी (कालाचौकी), मेराज़ गोल्डन बेकरी (घाटकोपर वेस्ट), फाइन एंड फ्रेश बेकरी (विक्रोली वेस्ट), और बिग बाइट बेकरी प्राइवेट लिमिटेड (कांदिवली ईस्ट) को भी स्टॉप-बिजनेस नोटिस दिए। महाराष्ट्र FDA फ़ूड सेफ़्टी उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रखे हुए है

यह ताज़ा कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र FDA फ़ूड जगहों में साफ़-सफ़ाई के स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने के लिए पूरे राज्य में इंस्पेक्शन तेज़ कर रहा है। हाल के हफ़्तों में, रेगुलेटर ने मुंबई भर में कई रेस्टोरेंट और कैंटीन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है, जिसमें बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) हेडक्वार्टर में एक कैंटीन को कथित फ़ूड सेफ़्टी उल्लंघन के लिए बंद करने का आदेश देना भी शामिल है।

अधिकारियों ने दोहराया है कि फ़ूड सेफ़्टी और स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 का पालन करने में नाकाम रहने वाले फ़ूड बिज़नेस को कस्टमर की सेहत की सुरक्षा के लिए सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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मौसम 29 जुलाई: 16 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, 90 की स्पीड से हवा

नई दिल्ली: देश में मानसून के कहर के बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ाने वाला नया अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल यानी 29 जुलाई को यूपी, बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, इस आंधी के चलते कई जगहों पर बिजली कट की समस्या होने की आशंका है। इतना ही नहीं कुछ जगहों पर बड़े-बड़े वृक्ष धाराशायी हो सकते हैं। वहीं, कुछ राज्यों में बड़े-बड़े ओले गिर सकते हैं। कुछ राज्यों में भूस्खलन की भी संभावना है। अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मॉनसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

वहीं, 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच पूर्वी राज्यों में भारी बारिश होने का अलर्ट है। इसके अलावा बिजली-वज्रपात का कहर देखने को मिल सकता है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

देश के 16 राज्यों भारी बारिश-आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक कल यानी 29 जुलाई को देश के 16 राज्यों यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। किसानों और मछुआरों को समुद्री तट से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली NCR
दिल्ली (29 जुलाई-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली में कल यानी 14 जुलाई को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। लोगों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, दिल्ली में कल यानी 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

उत्तर प्रदेश
यूपी (29 जुलाई-तेज बारिश-आंधी की चेतावनी): नोएडा, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, कुशीनगर, मैनपुरी, बिजनौर, मोरादाबाद, बरेली, देवरिया, सोनभद्र, अलीगढ़, मिर्जापुर, गाजीपुर, वाराणसी, भदोही, अयोध्या, प्रयागराज और औरैया में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। वहीं, लखनऊ में कल यानी 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

बिहार
बिहार (29-30 जुलाई-भारी बारिश-तूफान का अलर्ट): गया, सिवान, पटना, भोजपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, भागलपुर, बांका, सहरसा, सुपौल, अररिया, किशनगंज और कटिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं,पटना में कल यानी 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

झारखंड
झारखंड (29 जुलाई-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): रांची, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला और साहेबगंज में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इस बारिश के चलते 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी का अलर्ट है। वहीं, रांची में 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

उत्तराखंड
उत्तराखंड (29 जुलाई-बारिश-आंधी का अलर्ट): नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चमोली में बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चल सकती है। वहीं, देहरादून में 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रहने की चेतावनी है।

हिमाचल
हिमाचल प्रदेश (29-31 जुलाई-बारिश-आंधी की संभावना): कांगड़ा, सिरमौर, मंडी, शिमला, चंबा कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में मध्यम से तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। वहीं, 29 जुलाई को मनाली का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर (29-30 जुलाई-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): जम्मू, पुंछ, सांबा, कुपवाड़ा, कुलगाम, कठुआ, राजौरी, रियासी, बडगाम, गांदरबल और अनंतनाग में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, श्रीनगर में कल यानी 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल(29 जुलाई-भारी बारिश-तूफान की संभावना): दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, पुरबा बर्धमान,कोलकाता, हावड़ा, बांकुड़ा, अलीपुर द्वार, मालदा और दुर्गापुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी। वहीं, कोलकाता में कल यानी 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

पंजाब 
पंजाब (29-30 जुलाई-बारिश का येलो अलर्ट): बरनाला, फरीदकोट, बठिंडा, गुरदासपुर, होशियारपुर, पठानकोट, अमृतसर, रूपनगर, मुक्तसर, कपूरथला और संगरूर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। किसानों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है।

राजस्थान 
राजस्थान (29-31 जुलाई-हल्की बारिश-आंधी की चेतावनी): अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, उदयपुर, फलोदी, जैसलमेर, टोंक, नागौर, शाहपुरा में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, जयपुर में कल यानी 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश (29 जुलाई-तेज बारिश-हवा का अलर्ट): सतना, मांडला, विदिशा, शिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, अनूपपुर, अशोकनगर, बड़वानी, दमोह, दतिया, देवास और भोपाल में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल में 29 जुलाई को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने डॉक्टर असॉल्ट केस में रमेश म्हात्रे की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की ज़मानत अर्ज़ी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। उन पर डोंबिवली के एक सिविक हॉस्पिटल में डॉक्टरों और हॉस्पिटल स्टाफ़ पर हमला करने का आरोप है।(Bombay High Court Reserves Order on Ramesh Mhatre’s Bail Plea in Doctor Assault Case)

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने आरोपी और पुलिस जांच दोनों के बर्ताव पर सवाल उठाए और कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों से उम्मीद की जाती है कि वे कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय उसका पालन करें। बेंच ने जांच के तरीके पर भी चिंता जताई और कहा कि जांच से लोगों का भरोसा जीतना चाहिए।

म्हात्रे को कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) के शास्त्री नगर हॉस्पिटल में एक मरीज़ के इलाज को लेकर हुए विवाद के बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ़ पर कथित तौर पर हमला करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद मेडिकल बिरादरी ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और हाई कोर्ट को मामले का खुद से संज्ञान लेने के लिए मजबूर किया।

हाई कोर्ट ने पहले म्हात्रे को एक निचली अदालत से मिली ज़मानत पर रोक लगा दी थी और उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया था। उनकी नई ज़मानत याचिका पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील ने उनकी रिहाई का विरोध करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं और जांच अभी भी चल रही है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने ज़मानत अर्जी पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। आने वाले दिनों में इस मामले पर फ़ैसला होने की उम्मीद है।

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मौसम का हाल: कल हो गया था पानी-पानी, आज भी दिल्ली से महाराष्ट्र तक होगी बारिश

पिछले 24 घंटों में देशभर में मॉनसूनी बारिश के कारण कई जगहों पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में तो भारी बारिश के कारण तबाही देखने को मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज 29 जुलाई को भी इसी तरह का मौसम रह सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान भी देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक देखने को मिली। कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके साथ ही हिमाचल के कुछ हिस्सों में लैंडस्लाइड के कारण मुश्किलें बढ़ी और चंडीगढ़ में बारिश के कारण करंट लगने से एक युवती की मौत भी हो गई।

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दिल्ली-एनसीआर में बारिश

अगर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो आज दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में भी दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली है। पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण कई जगहों पर दिल्ली बेहाल भी दिखी और जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

यूपी-बिहार में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार के कई जिलों में आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी दोनों राज्यों के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई, जिससे कुछ निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी। आज मौसम विभाग ने नोएडा, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, कुशीनगर, मैनपुरी, बिजनौर, मोरादाबाद, बरेली, देवरिया, सोनभद्र, अलीगढ़, मिर्जापुर, गाजीपुर, वाराणसी, भदोही, अयोध्या, प्रयागराज और औरैया में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं।

वहीं बिहार की बात करें तो मौसम विभाग ने स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। इसके साथ ही गया, सिवान, पटना, भोजपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, भागलपुर, बांका, सहरसा, सुपौल, अररिया, किशनगंज और कटिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।

पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई हैं और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने आज भी इन राज्यों के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। हिमाचल में आज येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर के लोगों से बारिश से आज राहत मिल सकती है।

पूर्वोत्तर में बारिश जारी

पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में आज भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। असम में पहले से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और कई जिलों में लोग अब भी प्रभावित हैं। लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।

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इन राज्यों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने आज विदर्भ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटों में भी इन इलाकों में कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे कुछ जिलों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। आज भी मौसम विभाग ने इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई है जिसके चलते प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है।

अन्य राज्यों का मौसम

राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी आज गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। मध्य और पश्चिम भारत में सक्रिय मॉनसूनी सिस्टम के कारण कई राज्यों में बारिश का दायरा बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश और आंधी-तूफान का असर देखने को मिल सकता है। इसलिए इन राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।