बहराइच जिले के फखरपुर थाना क्षेत्र से 16 वर्षीय किशोरी लाजमीन संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। ग्राम कोठवल कलां निवासी शफील्लाह की पुत्री लाजमीन 14 जुलाई की सुबह लगभग 3 बजे अपने घर से गायब हुई थी। परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों के अनुसार, लाजमीन के लापता होने के बाद से उन्होंने हर संभावित स्थान पर उसकी खोजबीन की है। लापता किशोरी का रंग गोरा, चेहरा गोल और कद छोटा है। परिवार ने यह भी बताया कि वह मानसिक रूप से मंदबुद्धि है, जिसके कारण उनकी चिंता और बढ़ गई है। परिजनों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को लाजमीन कहीं दिखाई दे या उसके बारे में कोई जानकारी मिले, तो तत्काल सूचित करें। उन्होंने सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया है। थाना प्रभारी संजीव चौहान ने बताया कि पुलिस की एक टीम किशोरी की तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लड़की के मिलते ही उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
बहराइच में 16 वर्षीय किशोरी लापता:परिजनों ने खोज की गुहार लगाई, मंदबुद्धि होने से चिंता बढ़ी
लोनिवि ने जौहर विवि में लगवाया बोर्ड,आम रास्ता है
रामपुर:मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में लोक निर्माण विभाग ने 3.5 किलोमीटर की सड़क पर बोर्ड लगवा दिया है। जिस पर साफ लिखा है कि यह आम रास्ता है। विभागीय अफसरों ने मौके पर पहुंचकर बोर्ड लगवाया।बोर्ड लगवाने की कई दिनों से विभाग की ओर से तैयारियां आरंभ थी।
सपा नेता मोहम्मद आजम खां ने गांव सींगनखेड़ा में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विवि का निर्माण इस तरह से कराया कि विवि के मैन गेट पर लोनिवि की सड़क पर गेट बना दिया गया।वर्ष 2003-04 में मुलायम सिंह के मुख्यमंत्री रहने के दौरान आजम खां ने जौहर विवि के प्रस्तावित मानचित्र में मौजूद मुख्य द्वार से होते हुए लोनिवि की साढ़े तीन किलोमीटर की सड़क का निर्माण करा लिया।इस मामले में तत्कालीन डीएम आंजेनय कुमार सिंह ने नौ सदस्यीय टीम गठित कर इसकी जांच कराई तो धीरे-धीरे विवि पर सरकारी बजट लगाने के रिकॉर्ड सामने आए।जांच के दौरान पिछले दिनों आला अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मांगी थी।उन्होंने इसकी रिपोर्ट सौंपी। बुधवार को जौहर विवि के गेट के बाहर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बोर्ड लगवा दिया है।
लोक निर्माण विभाग की साढ़े तीन किलोमीटर की सड़क की रिपोर्ट प्रशासन अधिकारियों ने मांगी।बुधवार को बोर्ड लगवा दिया गया है जिस पर लिखा है कि आम रास्ता है।
इ.कृष्ण वीर सिंह,अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोनिवि।
हूती और सऊदी अरब के बीच नई झड़प की वजह क्या, पाकिस्तान कैसे फंस गया?
अमेरिका और ईरान में जारी जंग के बीच एक और युद्ध का खतरा मध्य-पूर्व में गहराने लगा है। कई वर्षों बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोही आमने-सामने आ चुके हैं। यमन के सना एयरपोर्ट पर हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की घेरेबंदी की धमकी दी है। अगर तनाव बढ़ा तो इसका असर मध्य-पूर्व के दूसरे छोर बाब अल-मंडेब तक देखने को मिल सकता है।
चार साल पहले 2022 में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों ने युद्धविराम का ऐलान किया था। हालांकि सना पर हमले के बाद हूती विद्रोहियों का दावा है कि यह समझौता टूट चुका है। आइये समझते हैं कि सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच ताजा झड़प की वजह क्या है, क्या अब सऊदी अरब जंग में तटस्थ रहने की जगह अमेरिका की तरफ झुक रहा है?
यह भी पढ़ें: अमेरिका ने चाबहार का वॉचटावर उड़ाया, नए हमले शुरू; 30 की मौत और 260 घायल
कहां से शुरू हुआ मौजूदा तनाव?
मौजूदा तनाव की शुरुआत 3 जुलाई को हुई। एक ईरानी जहाज यमन की राजधानी सना में उतरा, लेकिन हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब की वायुसेना ने ईरानी जहाज को उतरने से रोकने का प्रयास किया। यह एक दशक में पहली बार था जब कोई ईरानी जहाज सना तक पहुंचा। इसी जहाज में सवार होकर हूती का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। जहां दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक रस्म में हिस्सा लिया। 13 जुलाई को यही प्रतिनिधिमंडल ईरान के विमान से वापस लौटा तो बवाल मच गया।
ईरानी विमान को क्यों नहीं उतरने दिया गया?
सऊदी अरब और यमन की सरकार नहीं चाहते हैं कि सना में ईरान के जहाज उतरे। उनका आरोप है कि इन फ्लाइट की आड़ में ईरान हूती विद्रोहियों को हथियारों की खेप भेज रहा है। संयुक्त राष्ट्र में यमन के राजदूत अब्दुल्ला अल-सादी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इन्हीं आरोपों को दोहराया। उनका कहना है कि राजधानी सना में उतरने का प्रयास कर रहा विमान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से संबंधित था। उसमें कर्मचारी, सैन्य और दोहरे उपयोग वाले उपकरण थे।
13 जुलाई को ईरान के महान एयर का एक विमान सना एयरपोर्ट पर उतरने वाला था। ऐन वक्त में सना एयरपोर्ट के रनवे पर बमबारी हो गई। विमान को आनन-फानन अपना रास्ता बदलना पड़ा। बाद में यह विमान लाल सागर तट पर स्थित होदेइदाह एयरपोर्ट पर उतारा गया। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने सना एयरपोर्ट पर हमले की जिम्मेदारी ली। उसने कहा कि यह कदम ईरानी विमान को सना में उतरने से रोकने की खातिर उठाया गया था।
तो सऊदी अरब को सजा जरूर मिलेगी!
हूती विद्रोहियों ने सना एयरपोर्ट हमले का दोषी सऊदी अरब को ठहराया। जवाब में दक्षिणी सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया। सऊदी अरब ने इन हमलों को रोकने का दावा किया। बाद में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की घेरेबंदी का ऐलान किया। आभा एयरपोर्ट हमले के बाद भी हूती के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-बुखैती ने कहा कि हम मानते हैं कि इन हमलों को सऊदी अरब से अंजाम दिया गया। इसकी सजा जरूर मिलेगी। उनसे इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संकट और गहराने वाला है।
हूती विद्रोहियों ने खींच दी लाल लकीर
हूती विद्रोहियों ने कहा कि सना से तेहरान के बीच उड़ानें जारी रहेंगी। अगर सऊदी अरब बाधा बना तो उसके एयरपोर्ट को ठप्प करने से भी नहीं हिचकेंगे। खतरा यह भी है कि हूती विद्रोही लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब अल-मंडेब को बंद कर सकते हैं। अगर ऐसा करेंगे तो सऊदी अरब को बड़ा झटका लगेगा, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से सऊदी अरब बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का निर्यात लाल सागर पर स्थित अपने यानबू बंदरगाह से कर रहा है। गाजा पर इजरायल के हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब में कई इजरायली और अन्य देशों के जहाजों को निशाना बनाया था।
यह भी पढ़ें: भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट पर साइबर अटैक! 19 हजार फाइलें लीक का दावा
क्या अब खुलकर सामने आने लगा सऊदी अरब?
हूती विद्रोहियों के खिलाफ हमला करके सऊदी अरब ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग में अब एक साइड लेने लगा है। अगर उसके हितों को ईरान खतरे में डालेगा तो सऊदी अरब न केवल हूती, बल्कि ईरान के खिलाफ भी खुलकर सामने आ सकता है। हालांकि अमेरिका के साथ ताजा झड़प में सऊदी अरब ने एक अलग रणनीति अपनाई है। उसने अबकी सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बजाय कतर, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों को अधिक निशाना बना रहा है।
पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट
जंग की शुरुआत में ईरान ने सऊदी अरब को निशाना बनाया। रियाद के दबाव के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी सेना नहीं भेजी, जबिक दोनों देशों के बीच रक्षा समझौता है। हालांकि तब किसी तरह बातचीत बन गई। युद्धविराम के बीच पाकिस्तान ने प्रतीकात्मक तौर पर कुछ जहाज और सैनिकों को सऊदी अरब में तैनात किया है। मगर सबसे बड़ी परीक्षा यह है कि अगर हूती विद्रोहियों के साथ सऊदी अरब का संघर्ष बढ़ता है तो क्या पाकिस्तान इसमें रियाद का साथ देगा? क्योंकि वह अपने आंतरिक मामले में ही चौतरफा घिरा है।
यूपी-112 को और हाईटेक बनाने की तैयारी, 4 दिवसीय प्रशिक्षण में नोडल अधिकारियों को दिए गए आधुनिक पुलिसिंग के गुर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आपातकालीन पुलिस सेवा यूपी-112 को और अधिक तेज, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस महानिदेशक (डीजी) यूपी-112 विनोद कुमार सिंह के निर्देश पर लखनऊ स्थित यूपी-112 मुख्यालय में प्रदेश के सभी जनपदों के राजपत्रित नोडल अधिकारियों के लिए चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य तकनीकी एवं प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) के रिस्पॉन्स टाइम को और कम करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक दिन दो जोन के अधिकारियों को यूपी-112 की आधुनिक कार्यप्रणाली, तकनीकी संसाधनों और आपातकालीन सेवाओं के समन्वय से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर
अधिकारियों को पीआरवी में लगाए गए आधुनिक उपकरणों जैसे आई-पैड (MDT), बॉडी वॉर्न कैमरा, पीटीजेड (PTZ) कैमरा और जीपीएस आधारित लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही इन उपकरणों के माध्यम से आपातकालीन घटनाओं पर तेज और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के तरीकों से भी अवगत कराया गया।
सोशल मीडिया के जरिए भी मिलेगी त्वरित मदद
प्रशिक्षण में बताया गया कि अब नागरिक पारंपरिक 112 कॉल के अलावा व्हाट्सएप (7570000100), फेसबुक (@112uttarpradesh), एक्स (@112uttarpradesh) और इंस्टाग्राम के माध्यम से भी आपातकालीन सहायता प्राप्त कर सकते हैं। अधिकारियों को इन डिजिटल माध्यमों पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया भी समझाई गई।

एक मंच पर कई आपातकालीन सेवाएं
यूपी-112 किस प्रकार फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, जीआरपी, एसडीआरएफ, एनएचएआई, 1090 वीमेन पावर लाइन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाती है, इस संबंध में भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
महिला सुरक्षा और सवेरा योजना पर भी फोकस
प्रशिक्षण में बुजुर्गों के लिए संचालित ‘सवेरा योजना’ तथा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए संचालित महिला पीआरवी एवं एस्कॉर्ट स्कीम की कार्यप्रणाली और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अधिकारियों को जानकारी दी गई।
डीजी विनोद कुमार सिंह ने दिए अहम निर्देश
प्रशिक्षण के समापन पर डीजी यूपी-112 विनोद कुमार सिंह ने सभी नोडल अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में पीआरवी का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम किया जाए ताकि पीड़ितों को तत्काल पुलिस सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को पीआरवी वाहनों की नियमित और औचक जांच करने तथा यूपी-112 की आधुनिक सेवाओं और योजनाओं के प्रति आमजन को अधिक से अधिक जागरूक करने के निर्देश दिए।

सेवाओं को और प्रभावी बनाने की पहल
चार दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और व्यवहारिक बताया। उनका कहना था कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी एवं प्रशासनिक जानकारी के आधार पर वे अपने-अपने जनपदों में यूपी-112 की सेवाओं को पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और जनहितैषी बना सकेंगे।
यूपी-112 का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में आपातकालीन पुलिस सेवाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त, तकनीक आधारित और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
हरदी फीडर पर एक हफ्ते से बिजली कटौती:ग्रामीण परेशान, लाइनमैनों पर मनमानी का आरोप
बहराइच में महसी क्षेत्र के हरदी फीडर से जुड़े गांवों में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली बाधित होने से ग्रामीणों को पेयजल, घरेलू कार्य, खेती और छोटे कारोबार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण दिन और रात दोनों समय सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) से संपर्क कर समस्या से अवगत कराया। एसडीओ ने बताया कि बिजली आपूर्ति में आ रही समस्या की जानकारी है और इसे दूर कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जल्द ही स्थिति सामान्य होने का आश्वासन दिया है।
बहू प्रताड़ना केस में शिवसेना UBT नेता की बढ़ीं मुश्किलें, अग्रिम जमानत पर राहत नहीं
- ठाणे जिला न्यायालय ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार।
- अग्रिम जमानत याचिका पर 23 जुलाई को होगी सुनवाई।
- विनायक राउत और बेटे गीतेश राउत की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ी।
मुंबई। शिवसेना यूबीटी के नेता और पूर्व सांसद विनायक राउत और उनके बेटे पार्षद गीतेश राणे की बुधवार को बहू प्रताडऩा मामले में मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इस मामले में पुलिस इन दोनों आरोपित पिता- पुत्रों को किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है, इसका कारण आज ठाणे जिला न्यायालय ने राऊत पिता -पुत्रों की अग्रिम जमानत की अर्जी पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया है।
इस अर्जी पर सुनवाई न्यायालय में 23 जुलाई को होगी, इस तरह आज न्यायालय से राउत पिता-पुत्र को कोई राहत नहीं मिली है।
विनायक राउत की बहू गिरिजा राउत ने अपने पति गीतेश राउत, ससुर विनायक राउत और परिवार के कुल 7 सदस्यों के खिलाफ घरेलू उत्पीडऩ और अंधविश्वास रोकथाम एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है।
गिरिजा राउत ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाया है कि उनके पति शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ थे, इसलिए उनके ससुराल वालों ने जादू-टोना और अघोरी उपायों का सहारा लिया।
इस मामले में पुलिस अघोरी कृत्य करने वाले ढोंगी फिरोज शेख को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए विनायक राउत और उनके बेटे गीतेश राऊत ने ठाणे जिला न्यायालय ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था और जल्द सुनवाई की मांग की थी।
लेकिन न्यायालय नेपूर्व सांसद विनायक राऊत की अग्रिम जमानत की अर्जी पर जल्द सुनवाई की मांग को अस्वीकार कर दिया और मामले की सुनवाई के लिई 23 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है।
न्यायालय के इस निर्णय के बाद विनायक राऊत की बहू गीतेश राऊत के वकील ने पत्रकारों को बताया कि इस मामले में न्यायालय ने अग्रिम जमानत के आवेदन पर २३ जुलाई को सुनवाई करने का मुकर्रर किया है।
इसलिए आरोपितों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। मामले में पूछताछ के लिए पुलिस को जल्द विनायक राऊत और उनके बेटे को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए।
बहराइच के करेहना तालाब में भैंस की संदिग्ध मौत:पशुपालक को आर्थिक नुकसान, सांप के काटने की आशंका
बुधवार शाम करीब 6 बजे करेहना ग्राम पंचायत के एक तालाब में नहाने के दौरान एक भैंस की मौत हो गई। घटना से पशुपालक को आर्थिक नुकसान हुआ है। भैंस की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित विभाग को सूचना दी गई है। पशुपालक मुंशीलाल वर्मा, पुत्र लालबहादुर वर्मा, ने बताया कि वह भैंस को चराकर घर ला रहे थे। रास्ते में भैंस तालाब में नहाने के लिए उतर गई। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पशुपालक ने आशंका जताई है कि भैंस की मौत किसी विषैले जीव या सर्पदंश के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग को दे दी गई है। संबंधित अधिकारी मौके पर जांच कर भैंस की मौत के कारणों का पता लगाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नानपारा डाकघर में कैश काउंटिंग मशीन नहीं:खाताधारकों को लंबी कतारों में इंतजार, पोस्टमास्टर ने विभाग से की मांग
नानपारा के मुख्य डाकघर में कैश काउंटिंग मशीन न होने से खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीन के अभाव में कैशियर को नोटों की गिनती हाथ से करनी पड़ती है, जिससे भुगतान और जमा की प्रक्रिया में अधिक समय लगता है। इस समस्या के कारण ग्राहकों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। जागरूक खाताधारकों ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए उच्च अधिकारियों से तत्काल कैश काउंटिंग मशीन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्राहकों का कहना है कि आधुनिक समय में जब लगभग सभी बैंकों में नोट गिनने की मशीनें उपलब्ध हैं, ऐसे में प्रधान डाकघर जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में इस मूलभूत सुविधा का अभाव चिंताजनक है। प्रधान डाकघर नानपारा के पोस्ट मास्टर रितेश श्रीवास्तव ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डाकघर में कैश काउंटिंग मशीन की आवश्यकता महसूस की जा रही है, क्योंकि खाताधारकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इससे कार्यभार भी बढ़ा है। श्रीवास्तव ने आगे बताया कि मशीन उपलब्ध कराने के लिए विभाग को पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही डाकघर को कैश काउंटिंग मशीन उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे ग्राहकों की परेशानी कम होगी।
‘तुम मुसलमान हो’, Yes कहा तो शख्स पर 15 बार चाकू से हमला
अमेरिका के यूटा राज्य के वेस्ट वैली सिटी के वैली फेयर मॉल में एक भारतीय युवक पर सिर्फ मुस्लिम होने के कारण 15 बार चाकू से हमला किया गया। वारदात को अंजाम देने वाले की पहचान 48 वर्षीय पीटर माइकल लार्सन और पीड़ित की पहचान भारत के रहने वाले सोहेल के तौर पर हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने धर्म के आधार पर ही सोहेल पर हमला किया है। वह मुसलमानों को मारना चाहता था। आरोपी को साल्ट लेक काउंटी जेल में रखा गया है।
एबीसी साल्ट लेक से बातचीत में पड़ोस की ही एक ज्वैलरी स्टोर में काम करने वाली महिला लूना नुनेज ने बताया कि आरोपी माइकल लार्सन ने सोहेल से सबसे पहले पूछा कि वह कहां से आया? जवाब में कर्मचारी ने बताया कि वह भारत से आया है। उसका नाम सोहेल है। आरोपी ने आगे पूछा कि क्या वह मुसलमान है? सोहेल ने हां में जवाब दिया।
यह भी पढ़ें: POJK में मार्च शुरू, 12 की मौत; पाकिस्तान ने उतारे हजारों सैनिक
पानी मांगने के बहाने चाकू से किया हमला
यूटा इस्लामिक सेंटर के इमाम शुऐब दीन के मुताबिक माइकल ने सोहेल से पानी की बोतल मांगी। जैसे वह बोतल उठाने को मुड़ा तो आरोपी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि सोहेल पर 15 बार चाकू से हमला किया गया। उसकी हालत गंभीर है। कई सर्जरी हो चुकी है।
‘बेहद मेहनती था सोहेल’
सोहेल के मैनेजर अदनान मोहम्मद ने हमले की निंदा की और कहा कि नफरत की कोई जगह नहीं है। यह सरासर पागलपन है। उन्होंने बताया कि सोहेल हमेशा मुस्कुराता रहता था। वह बेहद मेहनती था। मैंने उसे मैनेजर के पद पर प्रमोशन दिया था ताकि वह सब कुछ संभाल सके। उन्होंने आगे कहा कि जब आप किसी इंसान को मारते हैं तो आप सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं आप उसके पूरे परिवार को मारते हैं।
यह भी पढ़ें: भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट पर साइबर अटैक! 19 हजार फाइलें लीक का दावा
‘परिवार का इकलौता कमाने वाला’
सोहेल के दोस्तों का कहना है कि वह अपने परिवार का अकेला कमाने वाला है। उसके पास स्वास्थ्य बीमा भी नहीं है। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। मॉल के अन्य कर्मचारियों ने बताया कि आरोपी माइकल वारदात को अंजाम देने से पहले लोगों से उनके धर्म के बारे में पूछ रहा था। उधर, लूना नुनेज ने बताया कि आरोपी माइकल बेरहमी से चाकू से हमला करने में जुटा था। मुझे उसकी (सोहेल) जान जाने का डर था। मेरे हाथ में जो आया… मैं उसे फेंक रही थी।


























