पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष निसार बागी ने बढ़नी कस्बे में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन से मुलाकात की। उन्होंने एसपी को एक ज्ञापन सौंपकर नगरवासियों को इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी नगर पंचायत में विभिन्न स्थानों पर लगने वाले जाम से आम लोग काफी परेशान हैं। निसार बागी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि कस्बे के रेलवे स्टेशन रोड, रेलवे क्रॉसिंग और पचपेड़वा तिराहे पर सुबह 10 बजे से देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है। इस जाम के कारण मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस, स्कूली बसों और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निसार बागी के अनुसार, पहले पुलिस विभाग की सतर्कता से वाहन व्यवस्थित रहते थे और पार्किंग भी निर्धारित स्थानों पर होती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बढ़नी कस्बे में पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस और अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती करने के साथ-साथ डिवाइडर लगवाने की भी मांग की। निसार बागी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे जल्द ही बढ़नी कस्बे को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
बढ़नी में जाम से लोग परेशान:पूर्व अध्यक्ष निसार बागी ने एसपी को सौंपा ज्ञापन
कुम्हारनपुरवा में युवक की मौत के बाद गांव में तनाव:भारी पुलिस बल तैनात, प्रेम प्रसंग के चलते लगाई थी आग
बहराइच के कैसरगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कुम्हारनपुरवा, विजयपुर में एक युवक की मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी जवानों को तैनात किया है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है। जानकारी के अनुसार, कुम्हारनपुरवा निवासी गणेश कुमार पुत्र अनिल चौहान ने 25 अप्रैल को कथित प्रेम प्रसंग विवाद के चलते खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में लगभग पांच दिनों तक उसका इलाज चला। 30 अप्रैल को युवक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही वहां शोक की लहर दौड़ गई। मृत्यु की सूचना मिलने के बाद गांव में अफरा-तफरी और तनाव बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होने लगे, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी। मौके पर पुलिस अधिकारी पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गांव में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है, और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सीओ डीके श्रीवास्तव ने बताया की मुकदमा पंजीकृत हो गया गिरफ्तारी हो रही है मृतक गणेश के पिता अनिल चौहान ने बताया की मौजूदा प्रधान सहित नो लोगो के ऊपर मुकदमा पंजीकृत हुआ पर एक भी मुल्जिम की गिरफ्तारी नही हुई
घरेलू सर्राफा बाजार में महंगा हुआ सोना, चांदी के भाव में गिरावट
नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में लगातार तीन दिन तक कमजोरी का सामना करने के बाद आज शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। दूसरी ओर, सर्राफा बाजार में चांदी गिरावट का शिकार हो गया है। चेन्नई को छोड़ कर देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में सोना आज 220 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 240 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है। वहीं चेन्नई में सोने के भाव में 1,520 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,650 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई है। सोना के विपरीत चांदी आज शुरुआती कारोबार के दौरान 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है।
घरेलू सर्राफा बाजार में हाजिर सोने की कीमत में आए उछाल के कारण देश के ज्यादातर हिस्सों में 24 कैरेट सोना आज 1,50,670 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,53,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना आज 1,38,110 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,41,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है।
दूसरी ओर, चांदी के भाव में कमजोरी आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज हाजिर सोना 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,626.38 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। इसी तरह चांदी भी आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में 74.31 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रही है।
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,50,820 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,38,260 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,50,670 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,38,110 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,50,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,38,160 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,53,830 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,41,010 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,50,670 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,38,110 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,38,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,50,820 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,38,260 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,38,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,50,820 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,38,260 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,50,670 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,38,110 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
पिकअप की टक्कर से संगीत शिक्षक की मौत, चालक वाहन समेत गिरफ्तार
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में राजगढ़ थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के पास शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार म्यूजिक टीचर की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पिकअप वाहन को गिरफ्तार कर लिया है।
मड़िहान थाना क्षेत्र के मरचा गांव निवासी 34 वर्षीय सर्वेश कुमार सिंह सोनभद्र के एक निजी कॉलेज में म्यूजिक टीचर थे। वह गुरुवार रात चुनार के डगमगपुर में देवी जागरण कार्यक्रम में शामिल होकर शुक्रवार सुबह बाइक से घर लौट रहे थे। सेमरी गांव के पास सामने से आ रही पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने एम्बुलेंस से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सर्वेश की तीन वर्ष पहले शादी हुई थी और उनका एक दो वर्षीय पुत्र है।
थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि दुर्घटना के बाद भाग रही पिकअप को चक गंभीरा चौकी पर पकड़ लिया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
डीजल न मिलने पर सड़क पर लेट गया किसान, VIDEO:निचलौल में पेट्रोल पंप के सामने जाम लगाया, पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया
महराजगंज जिले के निचलौल में डीजल न मिलने पर एक किसान ने सड़क पर लेटकर जाम लगा दिया। यह घटना चिउटहा-निचलौल मार्ग स्थित खोन्हौली गांव के पास एक पेट्रोल पंप पर हुई। इस दौरान सड़क पर वाहनों की भीड़ जमा हो गई और पेट्रोल पंप कर्मियों में हड़कंप मच गया। गन्ने की फसल सिंचाई के लिए तेल नहीं मिला सड़क पर लेटे किसान की पहचान कोठीभार थाना क्षेत्र के रामपुरवा निवासी मोहन गुप्ता के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि खेत में लगी गन्ने की फसल सिंचाई न होने के कारण सूख रही है। वे गन्ने की सिंचाई के लिए डीजल की तलाश में खोन्हौली गांव के पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। किसान ने आरोप लगाया कि पांच लीटर डीजल देने के लिए गुहार लगाने के बावजूद उन्हें डीजल नहीं दिया गया। पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया मोहन गुप्ता ने मौके पर एसडीएम से पेट्रोल पंप की तत्काल जांच कराने की मांग की। उनकी इस हरकत से पेट्रोल पंप कर्मी भी सकते में आ गए और डीजल देने की बात कहने लगे। हालांकि, किसान काफी देर तक सड़क पर लेटकर अपना विरोध दर्ज कराता रहा। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने किसान को समझा-बुझाकर और डीजल दिलवाने के बाद शांत कराया। एसडीएम बोले- पेट्रोल पंप के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिलीं वीडियो का संज्ञान लेते हुए निचलौल के एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि इस पेट्रोल पंप के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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तुलसीपुर में घर के सामने घूर गड्डों का अंबार:सांस लेना हुआ दूभर, बीमारियों की आहट से सहमे ग्रामीण
श्रावस्ती जिले के तुलसीपुर ग्राम सभा में घरों के सामने बनाए गए घूर गढ़े (कचरा गड्ढे) स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। इन गढ्ढों से उठने वाली दुर्गंध और मच्छरों के प्रकोप के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन घूर गढ्ढों के कारण टाइफाइड और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। गंदगी और मच्छरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं। यह समस्या श्रावस्ती के सोनवा थाना क्षेत्र और गिलौला ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले तुलसीपुर ग्राम सभा के रास्ते पर गंभीर रूप से मौजूद है। स्थानीय निवासियों में अश्विनी कुमार, धीरेंद्र, मुकेश और घन्नी सहित कई अन्य लोगों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
सिद्धार्थनगर में 3510 परिवारों को मिलेगा शौचालय का लाभ:चालू सत्र में 25 हजार शौचालय निर्माण का लक्ष्य, 10 हजार आवेदनों हुआ सत्यापन
सिद्धार्थनगर में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण योजना के तहत 3510 पात्र लाभार्थियों का चयन अंतिम चरण में है। स्वच्छता को बढ़ावा देने और खुले में शौच की प्रवृत्ति को समाप्त करने के उद्देश्य से संचालित इस योजना में चालू सत्र के दौरान प्राप्त लगभग 10 हजार आवेदनों का गहन सत्यापन किया गया था। सत्यापन के बाद, 3510 आवेदकों को पात्र पाया गया है, जिन्हें जल्द ही योजना का लाभ मिलेगा। वहीं, 6490 आवेदन विभिन्न कारणों से अपात्र घोषित किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 25 हजार व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही योजना से जोड़ा जाए। अपात्र घोषित किए गए आवेदनों के प्रमुख कारणों में पहले से शौचालय की उपलब्धता, अपूर्ण या भ्रामक जानकारी देना, पात्रता मानकों को पूरा न करना और कुछ मामलों में डुप्लीकेट आवेदन शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि आगे आने वाले आवेदनों की भी इसी तरह सख्ती से जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जिला सलाहकार अमित श्रीवास्तव ने बताया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण स्वच्छ और स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को मजबूती मिलती है, साथ ही बच्चों और बुजुर्गों के जीवन स्तर में भी सुधार आता है। डीपीआरओ वाचस्पति झा ने जानकारी दी कि चयनित 3510 लाभार्थियों के बैंक खातों का सत्यापन कर शीघ्र ही अनुदान राशि हस्तांतरित की जाएगी, ताकि वे अपने घरों में शौचालय निर्माण कार्य शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकतम पात्र परिवारों को योजना से आच्छादित कर जिले को स्वच्छता के मामले में आदर्श बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ब्लॉकवार पात्र लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार है: बांसी- 154, बढ़नी- 526, भनवापुर- 367, बर्डपुर- 154, डुमरियागंज- 222, इटवा- 263, जोगिया- 71, खेसरहा- 570, खुनियांव- 33, लोटन- 185, मिठवल- 236, नौगढ़- 309, शोहरतगढ़- 300 और उसका बाजार- 120।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी चयनित लाभार्थियों के बैंक खातों का सत्यापन कर धनराशि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि योजना का लाभ समय पर पात्र परिवारों तक पहुंच सके।
मेरठ में बुजुर्ग किसान की गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद की आशंका
मेरठ । जानीखुर्द थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर धौलड़ी में गुरुवार रात 75 वर्षीय किसान एजाज की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब एजाज अपने घर की बाहरी बैठक में सो रहे थे।
जानकारी के अनुसार, एजाज का बेटा मैराज उस समय मस्जिद गया हुआ था और बुजुर्ग घर पर अकेले थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने एक गोली उनके माथे पर और दो गोलियां सीने में मारीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोलियों की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने एजाज को खून से लथपथ हालत में पाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ सरधना आशुतोष कुमार भी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस के अनुसार, मृतक ने हाल ही में करीब 74 लाख रुपये में अपनी खेती की जमीन बेची थी। जमीन के पैसों के बंटवारे को लेकर परिवार में विवाद की बात सामने आ रही है, जिसकी जांच की जा रही है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है।
इश्क, साजिश और खून: प्रेमी को गोली मारकर नहर में फेंका, फिर प्रेमिका की गला रेतकर हत्या
सहारनपुर । मिर्जापुर और बड़गांव क्षेत्रों में मिले युवक-युवती के शवों ने सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह मामला एक खौफनाक साजिश और डबल मर्डर का है, जिसमें प्रेम, धोखा और हत्या की दिल दहला देने वाली कहानी छिपी है।
पुलिस के अनुसार, बागपत निवासी राखी कश्यप और विक्रांत एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी की तैयारी में थे। लेकिन अचानक कहानी ने खूनी मोड़ ले लिया। आरोप है कि राखी ने अपने साथियों के साथ मिलकर विक्रांत को गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे गाड़ी में डालकर नहर में फेंक दिया गया, जहां उसका शव बरामद हुआ।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोपियों को डर था कि सच सामने आ जाएगा, इसलिए उन्होंने राखी को भी रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। उसे नौगांव के पास एक फार्महाउस बुलाया गया, जहां पार्टी के दौरान बेरहमी से चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव रजबहे में फेंक दिया गया।
मोबाइल लोकेशन और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सुधारस फरार बताया जा रहा है।इस डबल मर्डर केस ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पूरा सच सामने लाया जाएगा।
बस्ती में हाईटेंशन लाइन के खंभे गिरे:दो दिन से सड़क पर, राहगीरों के लिए खतरा
#बस्ती_न्यूज
बस्ती जिले के कप्तानगंज की ग्राम पंचायत नयकापार में आंधी-तूफान के कारण 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के खंभे टूटकर सड़क पर गिर गए हैं। यह घटना दो दिन पहले हुई थी, लेकिन अभी तक न तो टूटे खंभों को सड़क से हटाया गया है और न ही क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत की गई है। सड़क पर बिखरे हाईटेंशन तार और टूटे खंभे राहगीरों के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर रहे हैं। यह मार्ग पोखरा से राम जानकी मार्ग को जोड़ता है और नयकापार गांव तक जाता है। प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, राहगीर और वाहन चालक इसी सड़क से आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क पर पड़े हाईटेंशन तार किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मंटू सिंह ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं, जेई पदमापुर सुनील यादव ने फोन पर जानकारी दी कि उन्हें मामले की जानकारी है और जल्द ही नया खंभा लगवाकर लाइन दुरुस्त करा दी जाएगी। हालांकि, दो दिन बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि इस कारण न केवल गांव में अंधेरा है, बल्कि सड़क पर पड़े टूटे खंभे और उलझे तार किसी भी राहगीर या मवेशी के लिए घातक साबित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने तत्काल खंभों को सड़क से हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। इसी ग्राम पंचायत नयकापार में बिरतीहा को जाने वाले मार्ग पर भी एक खंभा टूटकर सड़क पर गिरा हुआ है। इस कारण भी ग्रामीण काफी परेशान हैं और उनकी समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
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नेपालः संपत्ति जांच आयोग का दायरा तय, राष्ट्रपति और मौजूदा जजों को रखा गया इससे बाहर
काठमांडू । नेपाल सरकार ने प्रधानमंत्री से लेकर उपसचिव स्तर या उसके समान सार्वजनिक पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच की व्यवस्था करते हुए संपत्ति जांच आयोग को कार्यादेश (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) सौंप दिया। दो सप्ताह पहले गठित इस आयोग का कार्यादेश गुरुवार को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसी के साथ आयोग के औपचारिक रूप से काम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया। कार्यादेश के अनुसार, वर्तमान न्यायाधीशों और नेपाली सेना के पदाधिकारियों के खिलाफ आयोग सीधे जांच नहीं कर पाएगा। जांच के दायरे में आने वालों की सूची में वर्तमान और पूर्व राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति शामिल नहीं है, लेकिन उनके सचिवालयों के अधिकारी इसमें शामिल होंगे।
कार्यादेश में कहा गया है कि “सार्वजनिक पद पर रहे या सेवानिवृत्त हो चुके पदाधिकारी और उनके परिवार के नाम पर देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों का विवरण एकत्र कर उसकी जांच की जाएगी। सरकार ने उच्चतम न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश राजेन्द्रकुमार भण्डारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है। आयोग में पूर्व मुख्य न्यायाधीश पुरुषोत्तम पराजुली, पूर्व न्यायाधीश चण्डीराज ढकाल, पूर्व डीआईजी गणेश केसी और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश लम्साल सदस्य हैं।
आयोग को देश में लोकतंत्र पुनर्स्थापना के बाद सभी पूर्व प्रधानमंत्री से लेकर सहायक मंत्री तक और संविधान सभा सदस्य सहित सभी सांसदों की संपत्ति की जांच का अधिकार दिया गया है। संवैधानिक निकायों के पूर्व प्रमुख, पूर्व न्यायाधीश और सहसचिव स्तर के सेवानिवृत्त नेपाली सेना अधिकारी भी जांच के दायरे में आएंगे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, महान्यायाधिवक्ता से लेकर प्रदेश स्तर पर राजनीतिक तथा संवैधानिक नियुक्ति पाने वाले अधिकारी भी जांच के दायरे में होंगे। इसी तरह स्थानीय तह के प्रमुख, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा जिला समन्वय समिति के पदाधिकारी भी जांच के अधीन होंगे।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का पद सूची में शामिल नहीं है, लेकिन उनके सलाहकार, निजी सचिव और अन्य सहयोगी पदाधिकारी जांच के दायरे में आएंगे। चाहे वे राज्यकोष से सुविधा लेते हों या नहीं—दोनों प्रकार के अधिकारियों की जांच होगी। राजपत्र के अनुसार, सहसचिव से लेकर मुख्य सचिव तक सभी उच्च पदाधिकारी जांच के दायरे में होंगे। सिविल सेवा, पुलिस सेवा, सशस्त्र पुलिस सेवा, इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य सेवाओं के अधिकारी भी जांच के दायरे में शामिल होंगे।
विदेश स्थित नेपाली दूतावासों और कूटनीतिक नियोगों के प्रमुख और कर्मचारी भी जांच के अधीन होंगे। यदि किसी उपसचिव स्तर के अधिकारी ने कार्यालय प्रमुख के रूप में कार्य किया है, तो वह भी जांच में शामिल होगा। नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर से लेकर सहसचिव स्तर तक के कर्मचारी, सरकारी बैंक, वित्तीय संस्थान, विश्वविद्यालय और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के उच्च अधिकारी भी जांच के दायरे में आएंगे।
आयोग सार्वजनिक संस्थानों के बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की भी जांच करेगा। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के परिवार, रिश्तेदारों और संदिग्ध संपत्ति तक भी पहुंच बनाई जाएगी, चाहे वह देश में हो या विदेश में छिपाई गई हो। हालांकि, वर्तमान न्यायाधीश, सेना के पदाधिकारी और आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर के मामलों को संबंधित निकायों—जैसे न्याय परिषद या रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा।
जांच का पहला चरण वर्ष 2008 से लेकर 31 मार्च तक की अवधि तक को कवर करेगा, जिसमें वर्तमान प्रधानमंत्री, मंत्री, सांसद और अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्रियों और 2008 के बाद बनी सरकारों के पदाधिकारियों की जांच होगी। पहले चरण के बाद आयोग 1988 से 2008 तक सार्वजनिक पद पर रहे व्यक्तियों की संपत्ति की जांच करेगा। जांच के दौरान आयोग पहले संपत्ति का विवरण जुटाएगा, फिर उसकी वैधता, स्रोत और वृद्धि का विश्लेषण करेगा। यदि असामान्य रूप से अधिक संपत्ति पाई गई तो आगे गहन जांच की जाएगी।
विशेष रूप से उन व्यक्तियों पर ध्यान दिया जाएगा जिन पर भ्रष्टाचार, बिचौलियापन, अनुशासनात्मक कार्रवाई या शिकायतें रही हैं। कर, भूमि और यातायात जैसे सीधे जनता से जुड़े विभागों को उच्च प्राथमिकता दी गई है। यदि जांच में अवैध संपत्ति की पुष्टि होती है, तो संबंधित निकाय को कानूनी कार्रवाई के लिए सिफारिश की जाएगी।
आयोग इस बार चरणबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा—किसी एक व्यक्ति की जांच पूरी होते ही सरकार को सिफारिश भेजी जाएगी। सरकार को 45 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू करनी होगी। आयोग को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से काम करने का निर्देश दिया गया है। यह लिखित, मौखिक, डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतें स्वीकार कर सकेगा। शुरुआत में आयोग 30 दिनों की समयसीमा के साथ शिकायत आमंत्रित करेगा। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
आयोग विदेश में छिपाई गई संपत्तियों की जांच के लिए कूटनीतिक मिशनों, इंटरपोल और अन्य एजेंसियों से भी सहयोग ले सकेगा। आयोग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्ति के सात दिनों के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण प्रधानमंत्री कार्यालय में जमा करना होगा, जिसे सार्वजनिक किया जाएगा। उनके खिलाफ भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। यदि आयोग के पदाधिकारी कानून उल्लंघन, अक्षमता या अनुचित आचरण में लिप्त पाए जाते हैं, तो सरकार उन्हें पद से किसी भी समय हटा सकती है। आयोग में 38 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जिनमें प्रशासन, पुलिस, न्याय, इंटेलिजेंस और आईटी क्षेत्र के कर्मचारी शामिल होंगे। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को राज्यमंत्री स्तर की सुविधा के साथ एकमुश्त 60-60 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि अन्य कर्मचारियों को अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। आयोग का कार्यकाल एक वर्ष का होगा और आवश्यक व्यवस्थाएं प्रधानमंत्री कार्यालय करेगा।
बस्ती में आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था चरमराई:36 घंटे से आपूर्ति ठप, मरम्मत जारी
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बस्ती जिले में 29 अप्रैल की शाम आई तेज आंधी और बारिश ने विद्युत आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके चलते पिछले 36 घंटों से जिले के कई हिस्सों में बिजली गुल है। बड़गो और नाऊडाड क्षेत्र में मनवर नदी के पास 33 केवी लाइन के बी.ए. पोल पर पेड़ गिरने से पोल और विद्युत तार टूट गए। इसके अतिरिक्त, तेज आंधी के कारण बड़गो में सात अन्य विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे इन क्षेत्रों में अंधेरा छा गया है। विद्युत विभाग के कर्मचारी 30 अप्रैल की सुबह से ही आपूर्ति बहाल करने में लगे हुए हैं। टूटे हुए पोलों को बदलने के लिए हाइड्रा मशीन का उपयोग कर नए पोल गाड़े जा रहे हैं और क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है। वर्तमान में कुदरहा सबस्टेशन की 33 केवी सप्लाई लाइन पर मरम्मत कार्य जारी है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि कार्य में कोई बाधा नहीं आती है, तो शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। इस संबंध में जे.ई. अमरजीत मौर्या से संपर्क करने का प्रयास किया गया, उनका फोननेटवर्क क्षेत्र में ना होने के कारण कॉल नहीं लगा
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मई की शुरुआत राहतभरी, पहले पखवाड़े में आंधी-बारिश से गर्मी रहेगी कंट्रोल में
जयपुर। राजस्थान में मई की शुरुआत भीषण गर्मी के बजाय राहतभरे मौसम के साथ होने जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में पहले दो सप्ताह तक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) का असर बना रहेगा, जिससे कई जिलों में आंधी, बूंदाबांदी और हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान दिन में तेज धूप और गर्मी महसूस होगी, लेकिन शाम के समय मौसम बदलने से लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने दो मई को प्रदेश के 19 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी किया है, जो चार मई तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, बादल गरजने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली। कई स्थानों पर तेज आंधी चली, हल्की बारिश हुई और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। जयपुर सहित कई शहरों में शाम के समय बादल छाने और बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आई।
गुरुवार को दिन में बीकानेर, चूरू, फलोदी और पिलानी में अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच मापा गया।
वहीं बाड़मेर और जैसलमेर प्रदेश के सबसे गर्म जिले रहे, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार आगामी 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है और हीटवेव जैसी परिस्थितियों से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग का आकलन है कि प्रदेशवासियों के लिए मई का पहला पखवाड़ा गर्मी से आंशिक राहत लेकर आ सकता है। हालांकि दिन में धूप और गर्मी बनी रहेगी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से शाम के समय मौसम राहत देगा। मौसम विभाग ने लोगों को तेज हवाओं और संभावित बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
‘मेरे साथ नहीं सोए तो बर्बाद कर दूंगी…’, अब JP मॉर्गन की अधिकारी पर लगे आरोप
अब तक कई बार इस तरह की खबरें सामने आ चुकी हैं जिनमें महिलाओं ने अपने ऑफिस में पुरुष सीनियर पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। ऐसा ही एक मामला जेपी मॉर्गन चेस कंपनी में सामने आया है लेकिन यह मामला थोड़ा अलग है। इस कंपनी में एक पुरुष कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप महिला बॉस पर लगाया है। अमेरिका की प्रमुख बैंकिंग कंपनी जेपी मॉर्गन चेस की एक सीनियर महिला अधिकारी पर अपने पद और पावर का गलत इस्तेमाल कर एक भारतीय कर्मचारी के साथ यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं। इस मामले में कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है।
इस मामले में कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लोर्ना हजडिनी पर एक जूनियर कर्मचारी ने न्यूयॉर्क में मुकदमा दायर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपनी पहचान छिपाकर यह शिकायत दर्ज की है और खुद तो जोन डो के नाम से पहचान दी है। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है कि लोर्ना हजडिनी की उम्र 37 साल है और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसका यौन शोषण किया, नस्लीय टिप्पणियां कीं और उसे ड्रग देकर जबरन संबंध बनाए।
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क्या है पूरा मामला?
लोर्ना हजडिनी पर जूनियर कर्मचारी ने आरोप लगाया कि 2024 में जब वह लोर्ना हजडिनी की टीम में काम करने लगा था तो वह उसे टच करती थी और गलत कमेंट करती थी और बाद में उसकी हरकतें बढ़ती ही गईं। शिकायत में बताया गया है कि लोर्ना हजडिनी ने पीड़ित को कई बार जबरदस्ती यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया, जबकि उसने मना किया था।
एक घटना का जिक्र करते हुए शिकायतकर्ता ने बताया है कि लोर्ना हजडिनी ने उसे गलत तरीके से छुआ और उसके बाद कहा कि तुमने कॉलेज में बास्केटबॉल खेला था। मुझे बास्केटबॉल खिलाड़ी बहुत पसंद हैं। ऐसे लोग मुझे बेचैन कर देते हैं। इसके बाद लोर्ना हजडिनी ने कर्मचारी को ड्रिंक पर बुलाया और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। लोर्ना हजडिनी ने कर्मचारी से कहा कि अगर तुमने जल्द ही मेरे साथ संबंध नहीं बनाए तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी। मैं तुम्हारी बॉस हूं।
ड्रग देकर किया सेक्स
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में लोर्ना हजडिनी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में ड्रग देकर सेक्स करना भी शामिल है। शिकायशिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने कथित तौर पर ड्रग का इस्तेमाल कर पीड़ित को बेहोशी की हालत में पहुंचाया और उसके बाद उसके साथ जबरदस्ती की। इसके अलावा, उसने नौकरी और प्रमोशन का दबाव बनाते हुए कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसने संबंध बनाने से इनकार किया तो उसका करियर बर्बाद कर दिया जाएगा।
भारतीय मूल का उड़ाया मजाक
शिकायत में इस बात का भी जिक्र है कि लोर्ना हजडिनी पीड़ित पर नस्लीय टिप्पणियां भी करती थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित भारतीय मूल का है और उस पर नस्लीय टिप्पणियां की गईं। एक बार लोर्ना हजडिनी कर्मचारी के अपार्टमेंट में चली गई और उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाने की कोशिश की। कर्मचारी परेशान हो गया तो वह उसका मजाक उड़ाने लगी। इसके साथ ही उसकी पत्नी का मजाक उड़ाते हुए कहा कि तुम्हारी दक्षिण एशियाई पत्नी तुम्हें वह नहीं दे सकती जो मैं दे सकती हूं।
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कंपनी ने नहीं की कार्रवाई
इस मामले में शिकातकर्ता ने मई 2025 में कंपनी में शिकायत दी थी लेकिन कंपनी ने जांच में आरोपों को खारिज कर दिया था। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा था कि जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिले। कर्मचारी ने अब कोर्ट में केस कर मुआवजे की मांग की है।

























