बारिश से जोरडीह के किसानों को राहत:गन्ना और मक्का के फसलों को हुआ बड़ा फायदा
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मोहनलालगंज हादसा: इलाज के दौरान किशोर की मौत, परिजनों ने हाईवे जाम कर किया प्रदर्शन
लखनऊ । मोहनलालगंज क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल 12 वर्षीय किशोर अर्पित चौरसिया की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।बताया गया कि 31 मार्च 2026 को अर्पित अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था, तभी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज कर वाहन को कब्जे में लिया जा चुका था और आरोपी चालक को न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी।
घायल अर्पित का इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा था, जहां 30 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने मौरवा-मोहनलालगंज हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर जाम खुलवाया। फिलहाल स्थिति सामान्य है और पुलिस द्वारा मामले में धाराएं बढ़ाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
शहबाज शरीफ ने ट्रंप को दे दिया धोखा? ‘ट्रंप की रणनीति को कमजोर कर रहा पाकिस्तान’
वॉशिंगटन: पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच जंग में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस बीच अब कुछ ऐसा हुआ है जिसकी वजह से इस्लामाबाद पर वॉशिंगटन को धोखा देने के आरोप लग रहे हैं। यह आरोप इसलिए लग रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान ने ईरान को रूस, चीन और अन्य देशों के साथ व्यापार करने के लिए जमीन के रास्ते 6 मार्ग उपलब्ध कराए हैं। यह तब हो रहा है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बड़ी-बड़ी बातें करते हुए कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की सफलता के लिए पूरे प्रयास किए हैं।
‘ट्रंप की रणनीति को कमजोर कर रहा पाकिस्तान’
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डेरेक जे ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी है कि ईरान को ये जमीनी मार्ग देकर, पाकिस्तान राष्ट्रपति ट्रंप की अधिकतम आर्थिक दबाव की रणनीति को कमजोर कर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे तेहरान को अपने बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी को दरकिनार करने और अपने तेल व्यापार को बिना किसी रुकावट के जारी रखने में मदद मिलेगी।
‘इस्लामाबाद ने खेला दोहरा खेल!’
ग्रॉसमैन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “ट्रंप प्रशासन, आपके सामने एक समस्या है। आपका अच्छा दोस्त पाकिस्तान, ऐसा लगता है कि उसने अभी-अभी ईरान के लिए जमीन के रास्ते छह नए मार्ग खोल दिए हैं। इससे ईरान के शासन को होर्मुज जलडमरूमध्य में आपकी नाकेबंदी को तोड़ने में मदद मिलेगी। यह ईरान को अमेरिकी दबाव का विरोध जारी रखने में सहायता करेगा। इस्लामाबाद ने एक बार फिर अमेरिका के साथ दोहरा खेल खेला है!।”
पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल
वैसे देखा जाए तो यह पहला मौका नहीं है जब मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठे है। इजरायल पहले ही इस्लामाबाद पर मध्यस्थता की प्रक्रिया में एक अविश्वसनीय खिलाड़ी होने का आरोप लगा चुका है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने एक विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में काम करने की पाकिस्तान की क्षमता पर संदेह व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि यह दक्षिण एशियाई देश भरोसेमंद नहीं है।
ईरान ने भी उठाए हैं सवाल
इजरायल के अलावा ईरान ने भी बातचीत की प्रक्रिया में पाकिस्तान की तटस्थता पर संदेह व्यक्त किया है। इब्राहिम रजाई ईरान के दशतेस्तान क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता के रूप में कार्य करते हैं। रजाई ने इस्लामाबाद को तेहरान का अच्छा दोस्त तो कहा है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि वह उपयुक्त मध्यस्थ नहीं है। उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान पक्षपातपूर्ण है और उसका झुकाव अमेरिका के हितों की ओर अधिक है।
अमेरिका की रणनीति पर पाकिस्तान की सेंधमारी
ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना की ओर से की जा रही नाकेबंदी के जरिए ट्रंप तेहरान पर इतना अधिक आर्थिक दबाव डालना चाहते हैं कि वह अमेरिकी मांगें मानने के लिए विवश हो जाए और जंग को उनकी की शर्तों पर समाप्त कर दे। ट्रंप ने अपने प्रशासन को एक लंबी नाकेबंदी के लिए तैयार रहने का निर्देश भी दिया है। ऐसे में अब तेहरान को जमीन के 6 रास्ते देकर इस्लामाबाद ने ट्रंप की रणनीति में सेंध लगा दी है।
एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन वाले घरों की पहचान में जुटी सरकार
एलपीजी कनेक्शन:सरकार उन घरों की पहचान कर रही है जिनके पास एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) दोनों कनेक्शन हैं। यह कदम ड्यूल कनेक्शन के दुरुपयोग को रोकने और सब्सिडी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पिछले महीने एक आदेश जारी कर पीएनजी कनेक्शन वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी कनेक्शन रखना अनिवार्य रूप से बंद कर दिया था। 14 मार्च को जारी अधिसूचना में कहा गया था कि जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
सरकार हो गई है सख्त
यह संशोधन “लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर, 2000” में किया गया है, जिसे आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को बढ़ावा देने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं के बीच एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए उठाया गया है। नए नियमों के तहत तेल कंपनियों और उनके डीलरों को ऐसे उपभोक्ताओं को नया एलपीजी कनेक्शन देने या सिलेंडर रिफिल करने की अनुमति नहीं होगी, जिनके पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है।
43,000 से अधिक ऐसे उपभोक्ताओं ने कर चुके सरेंडर
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि अब तक 43,000 से अधिक ऐसे एलपीजी उपभोक्ता, जिनके पास पीएनजी कनेक्शन भी था, अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने इसे “कम संख्या” बताते हुए कहा कि उम्मीद है कि यह संख्या और बढ़ेगी। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था उन घरों को प्राथमिकता देने के लिए है, जिनके पास पाइप्ड गैस की सुविधा नहीं है।
नई एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर रोक
भारत अपनी जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। हाल के वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधाओं के चलते ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे सरकार को वितरण व्यवस्था में बदलाव करने पड़े हैं। इसी वजह से कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए गैस आपूर्ति घटाई गई है और होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक संस्थानों को एलपीजी की उपलब्धता भी सीमित की गई है। सरकार ने नई एलपीजी कनेक्शन जारी करना भी फिलहाल रोक दिया है।
वाह क्या दिमाग लगाया है, महिला ने जुगाड़ देख आप भी हंसने लगेंगे
जुगाड़ : हमारे देश में जुगाड़ करने वाले लोगों की बिल्कुल भी कमी नहीं है। वैसे तो हर इंसान थोड़ा बहुत जुगाड़ अपनी जरूरत के हिसाब से कर ही लेता हैं लेकिन कुछ लोग इस काम में इतने माहिर होते हैं कि उनका जुगाड़ सीधे सोशल मीडिया पर वायरल होने लायक होता है और वायरल होता भी है। आप भी सोशल मीडिया पर होंगे और अगर रेगुलर एक्टिव रहते हैं तो फिर आपने भी ऐसे कई सारे जुगाड़ देखे होंगे जो लोगों का ध्यान खींचने के कारण वायरल होते हैं। अभी भी एक जुगाड़ का ही वीडियो वायरल हो रहा है। आइए आपको उसके बारे में बताते हैं।
वायरल वीडियो में क्या जुगाड़ दिखा?
अभी वायरल हो रहे वीडियो में जुगाड़ दिखा, वो अब तक का सबसे यूनिक जुगाड़ है। दरअसल मां को सोना था मगर बच्चे को नींद नहीं आ रही है और ऐसे में वो अपनी मां को शायद ही सोने देता। इस वजह से महिला ने गजब का दिमाग लगाया। महिला ने एक वीडियो बनाया जिसमें उसकी सिर्फ आंखे नजर आ रही हैं और वो आंखों को खोलते और बंद करते दिखती है। महिला ने ऐसा करते हुए वीडियो बनाया और अपनी आंखों के ऊपर फोन को रख दिया और वीडियो चालू कर दिया। अब बच्चा फोन को देख रहा है तो उसे लग रहा है उसकी मां जग रही है और उसी को देख रही है। बच्चा भी उसी में खोया हुआ है मां भी सो रही है।
गर्मियों में सुबह की दाल नहीं होगी खराब, बस दाल पकाने के बाद करें ये काम
दाल : तपीश वाली गर्मी लोगों को घर में भी परेशान करती है। घर का हर कोना इस वक्त आग का गोला बना दिखता है। सबसे ज्यादा घर की रसोई में गर्मी होती है। इस वजह से खाने भी जल्दी खराब हो जाते हैं। इस मौसम में उमस और गर्मी के कारण बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं, जिसकी वजह से खाना खट्टा हो जाता है। सबसे जल्दी जो चीज खराब होती है वो है दाल। सुबह की बनी दाल दोपहर तक खट्टी हो जाती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो यहां बताए गए कुछ आसान और स्मार्ट ट्रिक्स को फॉलो कर आप दाल को खराब होने से बचा सकते हैं।
ज्यादातर देर बाहर न रखें
दाल बनाने के बाद इसे बाहर बहुत देर तक न छोड़ें। दाल को ठंडा होने दें, इसके बाद इसे फ्रिज में रख दें, नहीं तो बैक्टीरिया की वजह से दाल जल्दी खराब हो जाएंगे।
फ्रिज में दाल रखने का तरीका
दाल को फ्रिज में स्टोर करने के लिए एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें। दाल जब पूरी तरह ठंडा हो जाए तभी इसे फ्रिज में रखें। ऐसा करने से नमी नहीं आएगी और दाल खराब नहीं होंगे।
दोबारा गर्म करने का तरीका
बार बार दाल को गर्म करने से ये जल्दी खराब हो जाते हैं। इसलिए जितनी दाल खानी हो उतनी ही गर्म करें। जरूरत होने पर दिन में 1-2 बार दाल को उबाल लें।
स्टोर करने का तरीकाट
दाल को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक के बजाय स्टील या मिट्टी के बर्तन का ही इस्तेमाल करें।
दाल को ज्यादा दिनों तक न रखें। इसे कम से कम समय में खत्म करें। ज्यादा दिनों तक रखने से दाल में बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
क्या आपको भी चटपटा खाना अच्छा लगता है?
भेलपूरी : क्या आपको तीखा, चटपटा और मसालेदार खाने का शौक है? अगर हां, तो आपको भेलपूरी की रेसिपी को जरूर बनाकर देखना चाहिए। भेलपूरी बनाने के लिए आपको न तो ज्यादा फैंसी सामग्री की जरूरत पड़ेगी और न ही आपको ज्यादा समय लगेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भेलपूरी बनाने के लिए आपको एक कटोरी मुरमुरे, एक प्याज बारीक कटा हुआ, एक टमाटर बारीक कटा हुआ, 2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई, एक कटोरी मिक्चर नमकीन, एक कटोरी खट्टी मीठी नमकीन या फिर भुजिया, हाफ चम्मच नमक, एक नींबू, एक चम्मच टोमैटो सॉस, हाफ चम्मच लाल मिर्च पाउडर और हाफ चम्मच चाट मसाला चाहिए होगा। आइए स्टेप बाई स्टेप भेलपूरी की रेसिपी के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।
पहला स्टेप- सबसे पहले प्याज को छीलकर काट लीजिए। इसके बाद टमाटर और हरी मिर्च को धोकर बारीक-बारीक काट लीजिए।
दूसरा स्टेप- अब एक कटोरे में मुरमुरे, बारीक कटा हुआ प्याज, बारीक कटा हुआ टमाटर और बारीक कटी हुई हरी मिर्च को निकाल लीजिए।
तीसरा स्टेप- इसके बाद नमकीन को भी एड कर लीजिए और आप अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी नमकीन को चूज कर सकते हैं। अब इसी कटोरे में नमक और नींबू भी निकाल लीजिए।
चौथा स्टेप- अब आपको टोमैटो सॉस, लाल मिर्च पाउडर और चाट मसाला भी निकाल लेना है। आखिर में सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स कर लीजिए।
अब आप भेलपूरी को सर्व कर सकते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी को भेलपूरी का स्वाद काफी ज्यादा पसंद आएगा। घर पर बनी इस भेलपूरी का स्वाद तो बढ़िया होगा ही और हाइजीन के बारे में भी आपको कोई चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। महज 10 मिनट के अंदर भेलपूरी सर्व करने के लिए तैयार हो जाएगी। अगर कभी घर पर अचानक से मेहमान आ जाएं और आपके पास ज्यादा समय न हो, तो भी आप इस रेसिपी को ट्राई करके देख सकते हैं।
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जितनी कमाई नहीं, उससे ज्यादा है प्राइवेट स्कूलों की फीस, कैसे पढ़ेंगे बच्चे?
भारत में स्कूली शिक्षा प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह के स्कूलों के सहारे चलती है। देश के 24.69 करोड़ से ज्यादा बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं और इनमें से एक तिहाई से ज्यादा बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं। अब प्राइवेट स्कूलों की लगातार बढ़ती फीस बेहद परेशान करने वाली है। तमाम रोकथाम के बावजूद इन स्कूलों की फीस इतनी ज्यादा है कि देश की आबादी का एक बड़ा वर्ग इन स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ा ही नहीं सकता है। कई स्कूलों की फीस भारत की प्रति व्यक्ति आय से कई गुना ज्यादा है। महानगरों में रहने वाले लाखों लोग अपने बच्चों को स्कूल में तभी पढ़ा पा रहे हैं जब उनके परिवार में कमाने वाले लोगों की संख्या एक से ज्यादा हो।
यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) 2024-25 की रिपोर्ट बताती है कि देश के 24.69 करोड़ बच्चों में से 9.58 करोड़ बच्चे यानी लगभग 39 प्रतिशत बच्चे प्राइवेट स्कूलों में ही पढ़ते हैं। इसी का असर है कि हर साल गांवों से लेकर शहरों तक हजारों नए प्राइवेट स्कूल खुलते जा रहे हैं। इन स्कूलों की फीस में तो इजाफा होता ही है। अलग-अलग कारणों से फीस के अतिरिक्त भी पैसे लिए जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर कई स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर वायरल हुआ जिसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।
कितने महंगे हैं स्कूल?
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई लिस्ट के मुताबिक, Prometheus स्कूल में नर्सरी के बच्चों की सिर्फ ट्यूशन फीस 1,17,000 रुपये सालाना थी। इसके अलावा, स्कूल बस के पैसे और कई अन्य खर्च अलग से लिए जाते हैं। एक और स्कूल पाथवेज स्कूल, नोएडा में साल 2026-27 के लिए क्लास 1 से 8 तक के बच्चों की सालाना फीस 912000 रुपये है। इसके अलावा, 2 लाख रुपये की एडिमिशन फीस, 35 हजार रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रांसपोर्ट फीस, लर्निंग सपोर्ट के 1.75 लाख रुपये और इंग्लिश सपोर्ट के 1.45 लाख रुपये अलग से देने होंगे। इसमें से कुछ फीस वैकल्पिक हैं यानी अगर आप ये सुविधाएं नहीं लेते हैं तो आपको ये पैसे नहीं देने होंगे।
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इसी तरह स्टेप बाय स्टेप स्कूल में नर्सरी की सालाना फीस 4.71 लाख रुपये, शिव नाडर स्कूल की सालना फीस 4.47 लाख रुपये और द श्रीराम मिलेनियम स्कूल की सालाना फीस लगभग 2.3 लाख रुपये है। इन स्कूलों की महीने की औसत फीस निकालें तो लगभग 10 से 30 हजार रुपये महीने की बनती है। जाहिर सी बात है कि इतनी महंगी फीस है तो सुविधाएं भी उसी तरह की होती हैं। अच्छे कमरे, अच्छी सीट और बाकी सुविधाएं भी स्कूल में उपलब्ध हैं। हालांकि, यहां हमारा सवाल मूल रूप से शिक्षा की उपलब्धता और हर व्यक्ति तक उसकी पहुंच को लेकर है।
अगर इसी औसत फीस की तुलना भारत में प्रति व्यक्ति आय से करें तो पता चलता है कि लोगों की कमाई ही इस फीस से कम है। साल 2025-26 के इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक, साल 2024-25 में भारत के हर व्यक्ति का सालाना आय 205324 रुपये थी। 2025-26 में इसके 219575 रुपये रहने का अनुमान है। अब अगर इस महीने के हिसाब से देखें तो प्रति व्यक्ति आय लगभग 18 हजार रुपये बनती है।
अच्छी शिक्षा की गारंटी नहीं हैं महंगे स्कूल
इन स्कूलों में लाखों की फीस देने के बावजूद बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही है। ना तो बच्चों पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता है और ना ही उनका शैक्षणिक विकास अपेक्षित रूप से होता है। 2025 में आए नेशनल सैंपल सर्वे के डेटा के मुताबिक, दिल्ली में 10 में से 4 यानी 40 प्रतिशत बच्चे स्कूल के बाद ट्यूशन भी पढ़ते हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर 27 प्रतिशत बच्चे स्कूलों के अलावा ट्यूशन भी पढ़ते हैं। जैसे-जैसे बच्चे आगे बढ़ते हैं कोचिंग पर उनकी निर्भरता बढ़ती जाती है। IIT-JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह से कोचिंग पर ही आश्रित है।
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प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी महंगे कोचिंग संस्थानों पर ही निर्भर हैं और अच्छी रैंक लाने के लिए स्कूल और कोचिंग से इतर खुद भी घंटों मशक्कत करके पढ़ाई करनी पड़ती है। यह दिखाता है कि भले ही स्कूलों की फीस बहुत महंगी हो, कोचिंग संस्थान महंगे हो लेकिन वे अच्छी शिक्षा की गारंटी तो कतई नहीं हैं।
हर साल बढ़ रही फीस
महंगी फीस स्थायी भी नहीं रहती है। हर साल इस फीस में जबरदस्त इजाफा होता है। कई स्कूलों में 20 से 35 प्रतिशत तक का इजाफा देखने के मामले भी सामने आ चुके हैं। LocalCircles का एक सर्वे के मुताबिक, 44 पर्सेंट पैरेंट्स ने माना कि 2022 से 2025 के बीच स्कूल की फीस में 50 से 80 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। सिर्फ 13 पर्सेंट पैरेंट्स ने कहा कि फीस में बढ़ोतरी नहीं हुई।
साल 2025-26 के बारे 81 प्रतिशत पैरेंट्स ने माना कि लगभग 10 पर्सैंट बढ़ोतरी हुई। वहीं, 22 पर्सेंट पैरेंट्स ने माना कि स्कूल की फीस लगभग 30 पर्सेंट बढ़ वहीं। वहीं, लोगों की सैलरी औसतन 9 से 10 प्रतिशत ही बढ़ी। यानी स्कूल में तो ज्यादा पैसे देने ही पड़े, घर में होने वाली बचत में भी कमी हो गई।

कितने लोगों से दूर हो रही है शिक्षा?
इसे उदाहरण से समझिए। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख रुपये सालाना है। वहीं, प्राइवेट एजेंसियों का आकलन देखें तो दिल्ली-एनसीआर में एक बड़ी आबादी ऐसी भी है जिसकी सालाना आय 8 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक भी है। इस आबादी में बड़ा हिस्सा सैलरी से कमाने और EMI पर खर्च करने वाला है। अगर एक परिवार की महीने की कमाई 2 लाख रुपये है तो उसके घर या फ्लैट की EMI 30 से 50 हजार रुपये महीने, कार की EMI 15 से 25 हजार रुपये, अन्य खर्च लगभग 25 से 30 हजार रुपये महीने हो सकते हैं।
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अगर ऐसे परिवार घर में हाउसहेल्प की मदद लेते हैं तो हर महीने आपके 4 से 5 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। अब अगर इस परिवार में एक भी बच्चा है तो उस इन स्कूलों में भेजने के लिए 25 से 30 हजार रुपये महीने खर्च करने पड़ते हैं। अगर इसी परिवार में एक से ज्यादा बच्चे हों तो उन्हें स्कूल भेजना, पढ़ाना और अन्य खर्चे संभालना मुश्किल हो जाता है।
क्यों है ऐसी समस्या?
भारत शिक्षा पर अपनी GDP का लगभग 4 प्रतिशत ही खर्च करता है जो कि दूसरे विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। भारत से बड़ी इकॉनमी वाले देश अपनी जीडीपी का 6 से 7 प्रतिशत पैसा शिक्षा पर खर्च करते हैं। कम खर्च के कारण भारत में सरकारी स्कूली शिक्षा की व्यवस्था बेहद लचर है। भारत में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल जैसे अच्छे स्कूल तो हैं लेकिन पढ़ने वाले बच्चों की तुलना में उन स्कूलों की संख्या बेहद कम है।
यहीं से जो जरूरत पैदा होती है उसे भरने वाले प्राइवेट प्लेयर्स का बिजनेस शुरू होता है और शिक्षा की पैकेजिंग की जाती है। अच्छी बिल्डिंग, बेहतर प्रजेंटेशन और पढ़ाई से इतर कई अन्य गतिविधियों का लालच दिखाकर ये प्राइवेट स्कूल अपनी फीस लाखों में पहुंचा देते हैं। मेट्रो शहरों में रहने वाले सैलरी क्लास के लोगों ‘अच्छी शिक्षा’ के लिए अपने बच्चों को इन स्कूलों में भेजने पर मजबूर होते हैं और मोरी रकम चुकाने के लिए उनके पास कोई और रास्ता नहीं होता है।
कितना कमाते हैं भारत के लोग?
साल 2023-24 में ITR फाइल करने वाले लगभग 8 करोड़ लोगों में से लगभग 4 करोड़ लोग ऐसे थे जिनकी सालाना आय 5 लाख रुपये से कम थी। 1.28 करोड़ लोग ऐसे जिनकी आय 5 से 10 लाख सालाना और 50 लाख लोग ऐसे थे जिनकी सालाना आय 10 से 15 लाख रुपये के बीच में थी। यह दिखाता है कि ITR फाइल करने वाले परिवार भी महंगे स्कूलों में अपने बच्चों को नहीं पढ़ा सकते हैं। अगर किसी के परिवार में एक से ज्यादा बच्चे हैं और वे मेट्रो शहरों में रहते हैं तो उनके लिए सभी बच्चों को इन महंगे स्कूलों में भेज पाना दूर की कौड़ी है।
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आखिरी जनगणना साल 2021 में होने के कारण भारत के लोगों की आय के ताजा आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में कई निजी संस्थाओं के सर्वे के आंकड़ों पर ही भरोसा करना होगा। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की ‘द डिस्ट्रिब्यूशन ऑफ हाउसहोल्ड इनकम, 2019-2024’ के मुताबिक, साल 2023-24 में भारत के 10 प्रतिशत सबसे गरीब लोग महीने भर में सिर्फ 1059 रुपये ही कमा पा रहे थे। वहीं, सबसे अमीर 10 प्रतिशत लोगों की औसत आय 20,380 रुपये ही थी। यह रिपोर्ट दिखाती है कि पिछले 2019 से 2024 के बीच लगभग हर आय वर्ग की कमाई में 6 से 10 प्रतिशत के बीच ही इजाफा हुआ।
कैलाश खेर केदारनाथ मंदिर में माथा टेक लिया आशीर्वाद
कैलाश खेर : बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर ने गुरुवार तड़के पवित्र केदारनाथ मंदिर का दौरा किया और आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रार्थना और अनुष्ठान किए। आधिकारिक बयान के अनुसार बर्फ से ढके हिमालय की शांत पृष्ठभूमि के बीच गायक ने विशेष पूजा-अर्चना की और शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उनकी यह यात्रा इस मौसम में इस पवित्र तीर्थस्थल की कई प्रतिष्ठित तीर्थयात्राओं में से एक है।
मंदिर के पुजारियों से भी की बातचीत
केदारनाथ धाम में अपने प्रवास के दौरान, खेर ने मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मियों और तीर्थ पुरोहितों से बातचीत की। उन्होंने तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर के समग्र प्रबंधन के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए खेर ने कहा कि चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, सुविधाएं बेहद संतोषजनक हैं। उन्होंने सुगम तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने में प्रशासन, सुरक्षा बलों और स्थानीय निवासियों के समन्वित प्रयासों की प्रशंसा की। गायक ने केदारनाथ धाम के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए वहां के दिव्य वातावरण और आभा का वर्णन किया। यात्रा की तस्वीरों में खेर पारंपरिक शीतकालीन पोशाक में मंदिर के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं, और पृष्ठभूमि में प्राचीन पत्थर का मंदिर है।
भक्तों के साथ गाया भजन
कैलाश ने यहां पहुंचकर अपना एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो में कैलाश भक्तों के सामने भगवान शिव का भजन गाते हुए दिख रहे हैं। वहीं मौके पर मौजूद भक्त भी शिव की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। बता दें कि केदारनाथ की यात्रा शुरू हो गई है और यहां भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया है। कैलाश खेर भी यहां भगवान शंकर की शरण में माथा टेकते दिखे। साथ ही यहां कैलाश खेर ने भगवान शंकर का आशीर्वाद भी लिया। बता दें कि कैलाश खेर भगवान शिव के भक्त हैं और उन्हें पहाड़ों से खास लगाव है। कैलाश ने अपने कई इंटरव्यूज में इसका जिक्र भी किया है कि उन्हें भगवान शिव का अनंत अससास और पहाड़ों से काफी जिज्ञासा हुआ करती थी। पहाड़ों की विशालता को देख उन्हें ईश्वर का आभास होता है।
ट्रंप ने ‘होर्मुज’ का नाम बदलकर किया ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक तस्वीर शेयर की जिसमें एक बदला हुआ नक्शा दिखाया गया था। इस नक्शे में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का नाम बदलकर ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ कर दिया गया था। ट्रंप ने यह तस्वीर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल अकाउंट पर बिना किसी कैप्शन के पोस्ट की। यह तस्वीर असल में ‘IStandWithTrump47’ नाम के एक अकाउंट ने शेयर की थी जिसमें जलमार्ग के असली नाम की जगह ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ लिख दिया गया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक संकरा लेकिन जरूरी समुद्री मार्ग है जिससे दुनिया भर में होने वाली तेल की शिपमेंट का लगभग 5वां हिस्सा गुजरता है।
ट्रंप ने पहले भी कही थी ऐसी बात
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ कहकर पुकारा है। 27 मार्च को, जब वह ईरान से एक संभावित शांति समझौते के तहत इस जलमार्ग को फिर से खोलने की अपील कर रहे थे, तब मियामी में सऊदी समर्थित FII प्रायोरिटी निवेश फोरम में बोलते हुए ट्रंप ने इस वाक्यांश का इस्तेमाल किया था। ट्रंप ने कहा था, “हम अभी बातचीत कर रहे हैं और अगर हम कुछ कर पाए तो यह बहुत अच्छा होगा, लेकिन उन्हें इसे खोलना ही होगा।” उन्होंने कहा था, “उन्हें ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ खोलना होगा – मेरा मतलब है होर्मुज। माफ कीजिए, मुझे बहुत अफसोस है। कितनी बड़ी गलती हो गई।” ट्रंप ने इस दौरान यह भी कहा था कि मीडिया उनकी इस टिप्पणी को जरूर उछालेगा, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा, “मेरे साथ कोई भी चीज इत्तेफाक से नहीं होती – या बहुत कम ही होती है।”
नौसैनिक नाकेबंदी और तेल की बढ़ती कीमतें
यह दोबारा शेयर की गई तस्वीर उस समय सामने आई जब ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी महीनों तक चल सकती है। इस टिप्पणी की वजह से तेल की कीमतें चार साल से भी ज्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। जंग को खत्म करने के लिए ट्रंप पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
क्या है ईरान का रुख?
इस बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अमेरिकी प्रशासन की कथित नौसैनिक नाकेबंदी रणनीति को विफल और भ्रामक करार देते हुए कहा है कि इससे ना तो ईरान पर दबाव बढ़ेगा और ना ही क्षेत्र में स्थिरता आएगी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि किसी भी प्रकार की समुद्री नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और विफल होकर ही रहेगी। ईरानी सुप्रीम लीडर के मिलिट्री एडवाइजर मोहसिन रजाई ने कहा कि ईरान अब अमेरिका की नाकेबंदी
गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 4 विकेट से हराया
आईपीयल: इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का 42वां लीग मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के बीच में खेला गया, जिसे गुजरात टाइटंस की टीम 4 विकेट से अपने नाम करने में कामयाब रही। गुजरात टाइटंस टीम के कप्तान शुभमन गिल ने इस मैच में टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था। आरसीबी की टीम इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.2 ओवर्स में 155 रनों का स्कोर बनाने के बाद सिमट गई। आरसीबी की तरफ से बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल ने सबसे ज्यादा 40 रनों की पारी खेली, इसके अलावा विराट कोहली के बल्ले से 28 रनों की पारी देखने को मिली। गुजरात टाइटंस की तरफ से गेंदबाजी में 28 साल के अरशद खान का कमाल देखने को मिला जो तीन विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, इसके अलावा जेसन होल्डर और राशिद खान ने जहां 2-2 विकेट हासिल किए तो वहीं मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा 1-1 विकेट लेने में कामयाब रहे।
टारगेट का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस को शुभमन गिल और साई सुदर्शन की ओपनिंग जोड़ी ने तेज शुरुआत देते हुए पहले विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी की। सुदर्शन इस मैच में 6 रन बनाकर पवेलियन लौटे, वहीं इसके बाद शुभमन गिल भी 43 के निजी स्कोर अपना विकेट गंवा बैठे। यहां से जोस बटलर ने रनों की गति को बरकरार रखते हुए 19 गेंदों में 39 रनों की पारी खेली। गुजरात टाइटंस की टीम ने एक समय इस मैच में 111 के स्कोर पर अपने 5 विकेट गंवा दिए थे। यहां से राहुल तेवतिया और जेसन होल्डर ने छठे विकेट के लिए 36 रनों की साझेदारी करने के साथ टीम की जीत को पक्का कर दिया था। होल्डर के बल्ले से इस मैच में 12 रनों की पारी देखने को मिली तो वहीं राहुल तेवतिया ने 27 रनों की नाबाद पारी खेलकर जीटी को जीत दिलाकर वापस लौटे। आरसीबी की तरफ से गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार ने सबसे ज्यादा तीन विकेट हासिल किए तो वहीं रोमारियो शेफर्ड ने 2 जबकि सुयश शर्मा ने एक विकेट हासिल किया।यहां पर देखिए इस मैच के लिए दोनों टीमों की प्लेइंग 11
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु – विराट कोहली, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड।
गुजरात टाइटंस – शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेसन होल्डर, शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर, अरशद खान, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथार।
यहां पर देखिए इस मैच के लिए दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर लिस्ट
गुजरात टाइटंस – राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, निशांत सिंधु, कुलवंत खेजरोलिया।
आरसीबी – रसिक डार सलाम, जॉर्डन कॉक्स, मंगेश यादव, विक्की ओस्टवाल, वेंकटेश अय्यर।
आज का राशिफल 1 मई 2026 : किस राशि की चमकेगी किस्मत
मेष
दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और किसी रिश्ते में हैं तो पार्टनर के साथ तालमेल मजबूत होगा। अविवाहित लोगों के जीवन में नया रिश्ता आने की संभावना है। करियर के क्षेत्र में मेहनत रंग लाएगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे आपकी पहचान मजबूत होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और धन लाभ के अवसर बनेंगे। स्वास्थ्य की बात करें तो थोड़ी थकान महसूस हो सकती है, आराम करना जरूरी है। व्यापारियों के लिए दिन अनुकूल है और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है।
वृषभ
दिन संतुलन बनाए रखने का है। लव लाइफ में थोड़ी गलतफहमी हो सकती है, इसलिए संवाद बनाए रखना जरूरी है। करियर में स्थिरता मिलेगी, लेकिन कोई बड़ा बदलाव करने से पहले सोच-विचार करना चाहिए। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए। स्वास्थ्य के मामले में मानसिक तनाव से दूर रहने की कोशिश करें और योग-ध्यान का सहारा लें। व्यापार में धीरे-धीरे प्रगति होगी और पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है।
मिथुन
दिन नई संभावनाएं लेकर आएगा। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। करियर के क्षेत्र में नई नौकरी या प्रमोशन की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और धन लाभ के संकेत मिल रहे हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खानपान का ध्यान रखना जरूरी है। व्यापारियों के लिए दिन बेहद शुभ है और नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने का सही समय है।
कर्क
भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, इसलिए धैर्य रखें। करियर में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन मेहनत और धैर्य से उन्हें पार कर लेंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। स्वास्थ्य के मामले में पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए सावधानी रखें। व्यापार में नए निवेश से बचना बेहतर रहेगा।
सिंह
दिन सिंह राशि वालों के लिए सफलता लेकर आएगा। प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी और पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। करियर में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और प्रमोशन के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और धन लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ऊर्जावान महसूस करेंगे। व्यापारियों के लिए दिन बहुत लाभदायक है और नए सौदे सफल हो सकते हैं।
कन्या
दिन संतुलन और धैर्य का है। प्रेम जीवन में समझदारी से काम लेना होगा। करियर में सफलता मिलेगी, लेकिन जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाना होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बचत करने में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन दिनचर्या को संतुलित रखना जरूरी है। व्यापार में धीरे-धीरे प्रगति होगी।
तुला
दिन बेहद शुभ है। प्रेम जीवन में खुशियां रहेंगी और पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे। करियर में नई योजनाएं सफल होंगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे।
वृश्चिक
दिन आपके लिए मेहनत और धैर्य का है। प्रेम जीवन में गहराई आएगी, लेकिन भावनाओं को नियंत्रित रखना होगा। करियर में काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत सफलता दिलाएगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य के मामले में थकान और तनाव से बचना जरूरी है। व्यापार में धीरे-धीरे लाभ मिलेगा।
धनु
दिन नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे और नए रिश्ते बन सकते हैं। करियर में विदेश से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। व्यापारियों के लिए दिन अनुकूल है और नए प्रोजेक्ट्स सफल हो सकते हैं।
मकर
दिन स्थिरता लेकर आएगा। प्रेम जीवन में संतुलन बना रहेगा। करियर में सफलता मिलेगी और आपके प्रयासों की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बचत में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य के मामले में हड्डियों से जुड़ी समस्या हो सकती है, इसलिए सावधानी रखें। व्यापार में लाभ के संकेत हैं।
कुंभ
दिन नई संभावनाओं से भरा है। प्रेम जीवन में नई शुरुआत हो सकती है। करियर में नई दिशा मिलेगी और आप अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य के मामले में मानसिक तनाव से बचना जरूरी है। व्यापार में सफलता मिलेगी और नए अवसर मिलेंगे।
मीन
दिन भावनात्मक और सकारात्मक रहेगा। प्रेम जीवन में गहराई आएगी और पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। करियर में प्रगति होगी और आपको नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। व्यापार में सफलता मिलेगी और नए सौदे फायदेमंद साबित होंगे।
पं सुभाष पाण्डेय
ट्रेन में बदल गए यात्रियों के नकदी-जेवर से भरे बैग,संयुक्त टीम ने बैग ट्रेस कर सुरक्षित लौटाया
लखनऊ।बुढ़वल जा रही ट्रेन में यात्रियों के बैग गलती से बदल गए। दोनों बैगों में जेवरात, नकदी, कपड़े और अन्य कीमती सामान था, जिसकी कुल कीमत करीब 5.56 लाख रुपए बताई गई। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कुछ घंटों में बैग ट्रेस कर दोनों यात्रियों को उनका सामान सुरक्षित लौटा दिया।
घटना ट्रेन संख्या 15203 की है। गोमतीनगर निवासी सुप्रिया शबनम अपने परिवार के साथ S-3 कोच की सीट नंबर 19 पर यात्रा कर रही थीं। उनके पास लाल रंग का बैग था, जिसमें जेवरात, नकदी और कपड़े रखे थे। उसी कोच में सीट नंबर 17, 18 और 20 पर अन्य यात्री भी सफर कर रहे थे, जो बुढ़वल स्टेशन पर उतर गए। उतरते समय वे गलती से सुप्रिया का बैग अपने साथ ले गए और अपना बैग वहीं छोड़ गए। बैग बदलने की जानकारी होने पर सुप्रिया ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी। इसके बाद अपराध आसूचना शाखा लखनऊ और आरपीएफ पोस्ट बुढ़वल की टीम हरकत में आई। अधिकारियों ने सर्विलांस, मोबाइल डेटा और ग्राउंड इंटेलिजेंस की मदद से बैग लेकर उतरे यात्री की पहचान की।
जांच के दौरान टीम सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा क्षेत्र स्थित गोंडा देवरिया गांव पहुंची, जहां ओमकार नामक यात्री के पास महिला का बैग बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि दोनों यात्रियों के बैग गलती से आपस में बदल गए थे। जीआरपी और आरपीएफ के अनुसार एक बैग में जेवरात, नकदी, कपड़े और अन्य सामान समेत करीब 5.36 लाख रुपए का माल था, जबकि दूसरे बैग में लगभग 25 हजार रुपए कीमत के जेवर व कपड़े थे। दोनों बैगों की कुल कीमत 5.56 लाख रुपए आंकी गई।

























