लगातार हो रही बारिश के कारण श्रावस्ती जनपद में राप्ती नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 मीटर को पार कर 127.80 मीटर पर पहुंच गया है, जिससे तराई क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। Nation27 की रिपोर्ट के अनुसार, नदी तेजी से बढ़ रही है और तटबंधों से सटकर बह रही है। इस स्थिति से किनारे बसे बसंतपुर, हरिहरपुर, रमपुरवा, मधवापुर और भिनगा क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो निचले इलाकों में पानी घुस सकता है और खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो सकती हैं। स्थानीय निवासी रामप्रसाद, सलीम अंसारी और ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि पिछले साल भी बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था। उन्होंने प्रशासन से तटबंधों की निगरानी बढ़ाने और नावों की व्यवस्था करने की मांग की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी श्रावस्ती ने सभी तहसीलों को अलर्ट मोड पर रखा है। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और एसडीआरएफ व पीएसी की टीमें तैनात हैं। तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आर.पी. सिंह ने बताया कि उनकी टीम तटबंधों का लगातार निरीक्षण कर रही है और अभी कोई कटान नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों से न घबराने की अपील की। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और बच्चों को नदी से दूर रखने का आग्रह किया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे राप्ती नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।
राप्ती नदी श्रावस्ती में खतरे के निशान से ऊपर:जलस्तर 127.80 मीटर पहुंचा, तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा
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