Tag: यरड

  • भारतीय रेलवे ने क्षमता और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशाखापत्तनम कोचिंग यार्ड के रीमॉडलिंग प्रोजेक्ट को ₹299 करोड़ की मंज़ूरी दी

    गोरखपुर, यात्री इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ावा देते हुए, भारतीय रेलवे ने साउथ कोस्ट रेलवे के विशाखापत्तनम कोचिंग यार्ड की रीमॉडलिंग के लिए ₹299 करोड़ की मंज़ूरी दी है। इस प्रोजेक्ट का मकसद देश के सबसे व्यस्त रेलवे टर्मिनलों में से एक, इस स्टेशन की क्षमता को काफी बढ़ाना, समय की पाबंदी में सुधार करना और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    विशाखापत्तनम कोचिंग यार्ड की व्यापक रीमॉडलिंग

    मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में अतिरिक्त लाइनें और प्लेटफ़ॉर्म बनाने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) लगाकर विशाखापत्तनम कोचिंग यार्ड की व्यापक रीमॉडलिंग शामिल है।

    विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन एक प्रमुख कोचिंग टर्मिनल है, जहाँ रोज़ाना औसतन 113 ट्रेनें आती-जाती हैं और लगभग 80,000 यात्री यात्रा करते हैं। यार्ड के मौजूदा लेआउट के कारण, टर्मिनेट होने वाली और गुज़रने वाली ट्रेनों को सरफेस क्रॉसिंग से गुज़रना पड़ता है, जिससे अप्रोच सिग्नल पर देरी होती है, प्लेटफ़ॉर्म की उपलब्धता कम हो जाती है और ऑपरेशनल दिक्कतें आती हैं।

    यार्ड की रीमॉडलिंग से इन सरफेस क्रॉसिंग का असर कम होगा, देरी का समय घटेगा, प्लेटफ़ॉर्म का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और अतिरिक्त ट्रेनों को संभालने में मदद मिलेगी।क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी और यात्रियों पर केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्च,काम के दायरे में ये चीज़ें शामिल हैं:।लूप लाइनों को हटाना और पॉइंट ज़ोन को फिर से व्यवस्थित करना।मौजूदा छह प्लेटफ़ॉर्म को चौड़ा करना।

    आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस छह अतिरिक्त प्लेटफ़ॉर्म बनाना।
    छह अतिरिक्त रेलवे लाइनें बिछाना।आवाजाही और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए चौड़े किए गए प्लेटफ़ॉर्म पर रैंप, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी यात्री सुविधाएं विकसित करना।
    स्टेशन के पूर्वी हिस्से में नया प्रवेश द्वार बनाना और पैसेंजर रिज़र्वेशन सिस्टम (PRS) को दूसरी जगह शिफ्ट करना।
    विशाखापत्तनम स्टेशन यार्ड में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) लगाना, साथ ही सरफेस पार्किंग की सुविधा और बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया प्लान विकसित करना। बेहतर ऑपरेशनल क्षमता और यात्रियों के लिए सुविधा रीमॉडलिंग प्रोजेक्ट से ऑपरेशनल क्षमता में काफी सुधार होगा। इससे कोचिंग यार्ड में भीड़ कम होगी, प्लेटफॉर्म की उपलब्धता बढ़ेगी और ट्रेनों का आवागमन आसान होगा। अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर से विशाखापत्तनम स्टेशन बढ़ती यात्री मांग को पूरा कर सकेगा, साथ ही ट्रेनों के समय पर चलने में सुधार होगा और उनके रुकने का समय कम होगा।

  • अयोध्या से ट्रक भर मेडिकल वेस्ट लाकर केजीएमयू के डंप यार्ड में फेंका जा रहा था,नगर निगम ने पकड़ा

    अयोध्या से ट्रक भर मेडिकल वेस्ट लाकर केजीएमयू के डंप यार्ड में फेंका जा रहा था,नगर निगम ने पकड़ा

    लखनऊ। नगर निगम ने जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने मेडिकल वेस्ट के अवैध निस्तारण के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अयोध्या से लाए जा रहे मेडिकल वेस्ट से भरे एक ट्रक को जब्त कर लिया है। 

    जोन-2 के जोनल अधिकारी मनोज यादव ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में इस अवैध गतिविधि का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान पाया गया कि अयोध्या से मेडिकल वेस्ट को ट्रक संख्या यूपी 86 एटी 9054 के माध्यम से लखनऊ लाकर मेडिकल कॉलेज स्थित डेंटल पड़ाव घर में अवैध रूप से डंप किया जा रहा था। मेडिकल वेस्ट का इस प्रकार खुले एवं अनधिकृत स्थान पर निस्तारण न केवल पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन है, बल्कि इससे संक्रमण फैलने और जनस्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की भी आशंका रहती है। मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए नगर निगम जोन 2 के जोनल अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध चौक थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। साथ ही, ट्रक को मौके से जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, उनमें नटवर पुत्र बलवीर और बिलाल शामिल हैं।

  • अयोध्या से ट्रक भर मेडिकल वेस्ट लाकर केजीएमयू के डंप यार्ड में फेंका जा रहा था,नगर निगम ने पकड़ा

    अयोध्या से ट्रक भर मेडिकल वेस्ट लाकर केजीएमयू के डंप यार्ड में फेंका जा रहा था,नगर निगम ने पकड़ा

    IMG-20260719-WA0002लखनऊ। नगर निगम ने जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने मेडिकल वेस्ट के अवैध निस्तारण के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अयोध्या से लाए जा रहे मेडिकल वेस्ट से भरे एक ट्रक को जब्त कर लिया है। 

    जोन-2 के जोनल अधिकारी मनोज यादव ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में इस अवैध गतिविधि का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान पाया गया कि अयोध्या से मेडिकल वेस्ट को ट्रक संख्या यूपी 86 एटी 9054 के माध्यम से लखनऊ लाकर मेडिकल कॉलेज स्थित डेंटल पड़ाव घर में अवैध रूप से डंप किया जा रहा था। मेडिकल वेस्ट का इस प्रकार खुले एवं अनधिकृत स्थान पर निस्तारण न केवल पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन है, बल्कि इससे संक्रमण फैलने और जनस्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की भी आशंका रहती है। मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए नगर निगम जोन 2 के जोनल अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध चौक थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। साथ ही, ट्रक को मौके से जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, उनमें नटवर पुत्र बलवीर और बिलाल शामिल हैं।

  • भारतीय रेलवे ने इंदौर यार्ड में शास्त्रीय आरओबी के पुनर्निर्माण को 139 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी

    भारतीय रेलवे ने इंदौर यार्ड में शास्त्रीय आरओबी के पुनर्निर्माण को 139 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी

    गोरखपुर।*  भारतीय रेलवे ने मध्य प्रदेश में शहरी परिवहन अवसंरचना में सुधार और रेल-सड़क संपर्क को बढ़ाने की दिशा में 139 करोड़ रुपये परियोजना को मंजूदी दे दी है। जिसके तहत इंदौर यार्ड में स्थित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) नंबर 103-सी, जिसे लोकप्रिय रूप से शास्त्रीय ब्रिज के नाम से जाना जाता है, का पुनर्निर्माण होना है।

    यह परियोजना भारतीय रेलवे के सड़क ओवरब्रिज, सड़क अंडरब्रिज और संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण और आधुनिकीकरण के चल रहे कार्यक्रम के तहत मंजूर की गई है, जिसका उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर आवागमन और सुरक्षा में सुधार करना है।

    यातायात की सुगमता के लिए आधुनिक चार लेन का पुल

    स्वीकृत परियोजना में 72 मीटर लंबे ऊंट की पीठ के आकार के ढांचे वाले चार लेन के ओवरब्रिज का निर्माण शामिल है, जिसमें पीएससी गर्डर और एक पूर्ण वायडक्ट व्यवस्था होगी। नया पुल बढ़ती यातायात मांग को पूरा करने के साथ-साथ यात्रियों के लिए सुगम और सुरक्षित आवागमन प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। स्थानीय यातायात की सुगमता और रखरखाव के लिए, पुल के नीचे दोनों ओर 6 मीटर चौड़ी सर्विस सड़कें बनाई जाएंगी।

    व्यापक अवसंरचना उन्नयन

    पुल की संरचना के पुनर्निर्माण के अलावा, इस परियोजना में व्यापक स्तर पर उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने और आधुनिकीकरण के कार्य शामिल हैं। निर्बाध जल निकासी सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा सीवर बुनियादी ढांचे को स्थानांतरित किया जाएगा और नई सीवर लाइनों के निर्माण के माध्यम से इसे उन्नत बनाया जाएगा।

    परियोजना में विद्युत अवसंरचना का स्थानांतरण और नवीनीकरण भी शामिल है, जिसमें नए खंभे, प्रकाश व्यवस्था और संबंधित उपकरणों की स्थापना शामिल है, जिससे बेहतर सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं और शहरी अवसंरचना का एकीकरण सुनिश्चित होगा।

    कनेक्टिविटी और शहरी विकास को बढ़ावा

    शास्त्रीय पुल के पुनर्निर्माण से इंदौर में सड़क संपर्क में काफी सुधार होगा, यातायात की भीड़ कम होगी और निवासियों की आवाजाही सुगम होगी। इस परियोजना से रेलवे और शहरी परिवहन अवसंरचना के बीच समन्वय मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही शहर की बढ़ती आवागमन संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा।

    यह मंजूरी आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास, यात्रियों और आम जनता की सुविधा में सुधार और देश भर में सुरक्षित और अधिक कुशल परिवहन नेटवर्क के निर्माण के प्रति भारतीय रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

     

  • कल्ली वाहन यार्ड में चोरी करते रंगे हाथ पकड़े गए दो शातिर चोर, स्टेपनी चुराने का कर रहे थे प्रयास

    कल्ली वाहन यार्ड में चोरी करते रंगे हाथ पकड़े गए दो शातिर चोर, स्टेपनी चुराने का कर रहे थे प्रयास

    लखनऊ। पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित एकीकृत वाहन यार्ड, कल्ली पश्चिम न्यू पुलिस लाइन में चोरी की वारदात को अंजाम देने पहुंचे दो शातिर चोरों को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी यार्ड में खड़े वाहन की स्टेपनी चोरी कर बाउंड्री वाल के बाहर फेंकने का प्रयास कर रहे थे, तभी सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया।

    पुलिस के अनुसार 11 जून 2026 को कल्ली स्थित एकीकृत वाहन यार्ड में नियमित गश्त और सुरक्षा ड्यूटी के दौरान मालखाना मोहर्रिर राजीव सोनकर अपनी टीम के साथ मौजूद थे। इसी दौरान यार्ड की बाउंड्री वाल की ओर से संदिग्ध आवाज सुनाई दी। पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे तो देखा कि दो व्यक्ति वाहन की एमआरएफ कंपनी की स्टेपनी में गमछा बांधकर उसे बाउंड्री वाल के ऊपर से बाहर फेंकने की कोशिश कर रहे थे।

    संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान लक्ष्मन पुत्र बाबू और महेन्द्र पुत्र तोती निवासी गांधी ग्राम, थाना पीजीआई, लखनऊ के रूप में बताई। दोनों की उम्र क्रमशः लगभग 40 और 41 वर्ष है।

    पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से एक एमआरएफ कंपनी की स्टेपनी और एक रंगीन गमछा बरामद किया है, जिसका उपयोग चोरी के दौरान किया जा रहा था।

    घटना के संबंध में थाना पीजीआई में मुकदमा संख्या 309/2026 धारा 305 एवं 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।

    पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए गश्त एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।