प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में एडेड विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने ई-अधियाचन पोर्टल के यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग (UAT) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के बाद अब आयोग ने भी इसे दो दिन पहले कार्मिक विभाग को भेज दिया है। कार्मिक विभाग की स्वीकृति मिलते ही पोर्टल को NIC लाइव कर देगा, जिसकी उम्मीद अगले सप्ताह है।
ई-अधियाचन पोर्टल का उद्देश्य
ई-अधियाचन पोर्टल शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों (अधियाचन) को ऑनलाइन भेजने और प्राप्त करने के लिए विकसित किया गया है। इसके माध्यम से बेसिक शिक्षा, एडेड माध्यमिक, एडेड महाविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों में शिक्षक भर्तियां सुचारू रूप से की जा सकेंगी। यह पोर्टल पेपरलेस वातावरण में काम करेगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और देरी कम होगी।
हस्ताक्षर और लाइव होने की प्रक्रिया
माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के बाद शिक्षा सेवा चयन आयोग ने भी UAT पर हस्ताक्षर कर कार्मिक विभाग को भेज दिए हैं। कार्मिक विभाग से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद NIC पोर्टल को लाइव कर देगा। लाइव होने के साथ ही संबंधित विभाग ऑनलाइन माध्यम से आयोग को रिक्तियों का अधियाचन भेज सकेंगे।
ई-अधियाचन पोर्टल शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों (अधियाचन) को ऑनलाइन भेजने और प्राप्त करने के लिए विकसित किया गया है। इसके माध्यम से बेसिक शिक्षा, एडेड माध्यमिक, एडेड महाविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों में शिक्षक भर्तियां सुचारू रूप से की जा सकेंगी। यह पोर्टल पेपरलेस वातावरण में काम करेगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और देरी कम होगी।
परीक्षण और कमियों को दूर करना
पोर्टल का सामूहिक परीक्षण पहले ही पूरा कर लिया गया है। संस्थानों द्वारा सामूहिक रूप से अधियाचन भेजने की प्रक्रिया का टेस्ट किया गया, जिसमें जो कमियां सामने आईं, उन्हें NIC ने दूर कर अंतिम रूप दे दिया है। यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग (UAT) पर सहमति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है।
पोर्टल का सामूहिक परीक्षण पहले ही पूरा कर लिया गया है। संस्थानों द्वारा सामूहिक रूप से अधियाचन भेजने की प्रक्रिया का टेस्ट किया गया, जिसमें जो कमियां सामने आईं, उन्हें NIC ने दूर कर अंतिम रूप दे दिया है। यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग (UAT) पर सहमति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है।
हस्ताक्षर और लाइव होने की प्रक्रिया
माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के बाद शिक्षा सेवा चयन आयोग ने भी UAT पर हस्ताक्षर कर कार्मिक विभाग को भेज दिए हैं। कार्मिक विभाग से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद NIC पोर्टल को लाइव कर देगा। लाइव होने के साथ ही संबंधित विभाग ऑनलाइन माध्यम से आयोग को रिक्तियों का अधियाचन भेज सकेंगे।
प्रथम चरण में 24 हजार से ज्यादा रिक्तियां
पोर्टल लाइव होते ही प्रथम चरण में उच्च शिक्षा की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर, प्राचार्य तथा माध्यमिक शिक्षा की ओर से प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT), प्रवक्ता संवर्ग (PGT), प्रधानाचार्य और संबद्ध प्राइमरी में सहायक अध्यापक पदों सहित 24 हजार से अधिक रिक्तियों का अधियाचन ऑनलाइन भेजा जाएगा। इसके बाद नई शिक्षक भर्तियों की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
पोर्टल लाइव होते ही प्रथम चरण में उच्च शिक्षा की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर, प्राचार्य तथा माध्यमिक शिक्षा की ओर से प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT), प्रवक्ता संवर्ग (PGT), प्रधानाचार्य और संबद्ध प्राइमरी में सहायक अध्यापक पदों सहित 24 हजार से अधिक रिक्तियों का अधियाचन ऑनलाइन भेजा जाएगा। इसके बाद नई शिक्षक भर्तियों की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया पर क्या होगा प्रभाव
यह पोर्टल भर्ती प्रक्रिया को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाएगा। पहले रिक्तियों का प्रस्ताव मैनुअल तरीके से भेजा जाता था, जिससे काफी समय लगता था। अब सब कुछ डिजिटल होगा, जिससे निगरानी आसान होगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। आयोग के माध्यम से बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती आसानी से हो सकेगी।
यह पोर्टल भर्ती प्रक्रिया को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाएगा। पहले रिक्तियों का प्रस्ताव मैनुअल तरीके से भेजा जाता था, जिससे काफी समय लगता था। अब सब कुछ डिजिटल होगा, जिससे निगरानी आसान होगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। आयोग के माध्यम से बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती आसानी से हो सकेगी।
शिक्षा विभाग की तैयारी
उच्च शिक्षा निदेशालय और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहले से ही रिक्तियां मंगा चुके हैं। पोर्टल लाइव होने पर ये विभाग तुरंत ऑनलाइन अधियाचन फीड कर सकेंगे। आयोग इन रिक्तियों के आधार पर जल्द ही विज्ञापन जारी करेगा, जिससे युवाओं को सरकारी नौकरी का अच्छा अवसर मिलेगा।यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। पोर्टल लाइव होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में नई गति आएगी और हजारों पदों पर नियुक्तियां जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा निदेशालय और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहले से ही रिक्तियां मंगा चुके हैं। पोर्टल लाइव होने पर ये विभाग तुरंत ऑनलाइन अधियाचन फीड कर सकेंगे। आयोग इन रिक्तियों के आधार पर जल्द ही विज्ञापन जारी करेगा, जिससे युवाओं को सरकारी नौकरी का अच्छा अवसर मिलेगा।यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। पोर्टल लाइव होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में नई गति आएगी और हजारों पदों पर नियुक्तियां जल्द पूरी होने की उम्मीद है।












