सिद्धार्थनगर जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्राम पंचायत कोदईजोत में एक मारपीट की घटना के बाद पुलिस पर कार्रवाई में देरी और पक्षपात के आरोप लगे हैं। पीड़ित बलराम यादव ने इस संबंध में शिकायत की है। बलराम यादव के अनुसार, यह घटना 26 मई को हुई थी। उनकी भतीजी जमुना पांडे के साथ मारपीट की गई थी। जब परिवार के सदस्य घटना का कारण जानने पहुंचे, तो विपक्षी पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर उनके घर में घुसकर हमला किया और कई लोगों ने मिलकर मारपीट की। पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और स्थानीय पुलिस को दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उसी दिन न तो उनका प्रार्थना पत्र लिया गया और न ही उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। बलराम यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष का प्रार्थना पत्र लेकर कार्रवाई शुरू कर दी, जबकि उनके पक्ष की शिकायत पर तत्काल सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का यह भी दावा है कि उसी रात उनके साथ दोबारा मारपीट की गई। इसके बाद 27 मई को पुलिस ने पीड़ित पक्ष का मेडिकल परीक्षण कराया। इन आरोपों के बाद पुलिस की कार्रवाई में देरी और दोनों पक्षों के साथ समान व्यवहार न करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब घटना 26 मई को हुई थी और तत्काल सूचना दी गई थी, तो मेडिकल परीक्षण और अन्य आवश्यक कार्रवाई में देरी क्यों की गई। हालांकि, ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। इस मामले में पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। त्रिलोकपुर थाना प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय ने बताया कि मारपीट की घटना में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं। दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
त्रिलोकपुर पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप:कोदईजोत में मारपीट के बाद पीड़ित पक्ष ने की थी शिकायत, थाना प्रभारी बोले – दोनों पक्षों की तहरीर पर FIR दर्ज
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