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बस्ती में साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह प्रतिष्ठित कंपनियों के डायरेक्टर और सीईओ का प्रतिरूपण कर बैंक शाखा प्रबंधकों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करता था। आरोपी को मंगलवार सुबह 8 बजे अमहट के पास से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तीन अन्य सदस्य विशाल वर्मा, श्रीकांत वर्मा और सोनू कुमार पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वर्तमान गिरफ्तारी 5 जुलाई 2025 को शहर के एक सर्राफा कारोबारी से हुई ठगी से जुड़े मामले की विवेचना के दौरान हुई। ठगों ने ऑनलाइन भुगतान के बाद ट्रांजेक्शन फ्रीज होने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद यह कार्रवाई की। फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाए जाते थे पूछताछ में आरोपी अमन मिश्रा ने गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा किया। गिरोह पहले फर्जी पते पर आधार कार्ड बनवाकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था। इसके बाद गूगल और अन्य ओपन सोर्स माध्यमों से बड़ी कंपनियों के डायरेक्टर और सीईओ की जानकारी जुटाई जाती थी और उनके नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाए जाते थे। फिर बैंक मैनेजरों को कॉल या संदेश कर तत्काल आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से रकम बताए गए खातों में ट्रांसफर कराने का दबाव बनाया जाता था। ठगी की रकम को चेक, एटीएम और यूपीआई के जरिए निकाल लिया जाता था। यदि नकदी निकालना संभव नहीं होता था तो उसी रकम से प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकानों से सोने के सिक्के खरीद लिए जाते थे। आरोपी अमन मिश्रा, जो मनकापुर, जनपद गोण्डा का निवासी है, के कब्जे से विभिन्न बैंकों के खातों के 16 स्टेटमेंट, दो आधार कार्ड और 2500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने यह गिरफ्तारी की। टीम में प्रभारी निरीक्षक राम कुमार राजभर, निरीक्षक भगवान सिंह, हेड कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी, कांस्टेबल अमित झा तथा महिला कांस्टेबल रानी शामिल थीं।
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साइबर गैंग का शातिर सदस्य बस्ती में गिरफ्तार:सीईओ बनकर बैंक मैनेजरों को लगाते थे करोड़ों की चपत
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