अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ 3 अप्रैल से मख भूमि मखौड़ा धाम से होगा। इस वार्षिक परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से साधु-संतों का मखौड़ा धाम पहुंचना शुरू हो गया है। इसी क्रम में, अंबेडकर नगर जिले से लगभग 20 संतों की एक टोली साइकिल से मखौड़ा धाम के लिए रवाना हुई। यह टोली टांडा पुल से कलवारी रामजानकी मार्ग और अमोढ़ा के रास्ते यात्रा कर रही है। संत लवकुश दास, संतराम, राम उजागिर और संत राम कृपाल दास ने बताया कि उनकी टोली पिछले करीब 20 वर्षों से इस परिक्रमा में शामिल होती आ रही है। संतों के अनुसार, अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। माना जाता है कि भगवान राम के त्रेता युग में जन्म के समय साधु-संत अयोध्या की शास्त्रीय सीमा के जंगलों में तप साधना करते थे। यह यात्रा 84 लाख योनियों से मुक्ति का मार्ग मानी जाती है और इसे अत्यंत फलदायी बताया गया है। यह परिक्रमा केवल साधु-संतों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गृहस्थ जीवन के लोग भी मखौड़ा पहुंचकर इसमें शामिल होते हैं। 22 दिनों तक चलने वाली इस अवध की 84 कोसी परिक्रमा के दौरान साधु-संत भगवान राम से जुड़े विभिन्न स्थानों पर पहुंचते हैं, जहां श्री राम-सीता राम का अखंड रामधुन चलता रहता है।
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अंबेडकर नगर से 20 संतों की टोली मखौड़ा रवाना:अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा में शामिल होने पहुंचे संत
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