थाना दिवस का बहिष्कार कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, तहसील जमुनहा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को थाना समाधान दिवस का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। इस दौरान उन्होंने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन भी किया।तहसील अध्यक्ष राज किशोर यादव और तहसील मंत्री अमर चंद्र के नेतृत्व में दर्जनों लेखपालों ने उपजिलाधिकारी जमुनहा के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में कहा गया है कि लेखपाल राजस्व विभाग के मेहनती, ईमानदार और जनता से सीधे जुड़े अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी हैं। वे गाँव-गाँव घूमकर शासकीय योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने, भूमि विवाद, पैमाइश और अतिक्रमण हटाने जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य जोखिम उठाकर करते हैं। ऐसे में रंजिश रखने वाले असामाजिक तत्व, असंतुष्ट व्यक्ति या दलाल अपने निजी स्वार्थ के लिए लेखपालों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास करते हैं।लेखपाल संघ का आरोप है कि एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, उसकी रंजिश और शिकायत के उद्देश्य की सत्यता की जांच किए बिना ही एकतरफा कार्रवाई कर रही हैं। संघ ने अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के मामले का हवाला दिया, जहाँ उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो से एंटी करप्शन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि लेखपालों के खिलाफ हो रही इस तरह की गलत, अनुचित, फर्जी और दुर्भावनापूर्ण ट्रैप कार्रवाई पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और दोषी अधिकारियों/शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो लेखपाल संघ चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।धरने और ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अमित कुमार, उपमंत्री अभिषेक जायसवाल, कोषाध्यक्ष साकेत कुमार, अंशिका जायसवाल, जिला मंत्री आशुतोष पांडेय, संतोष यादव, महेश प्रसाद, प्रेम नारायण, नितिन कुमार, ओम प्रकाश मिश्र, अशोक कुमार, आशुतोष विश्वकर्मा, हरेंद्र प्रताप सिंह, नरेश कुमार, पंकज कुमार तिवारी, दिलीप कुमार सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।












