विरोध करने पर महिलाओं से मारपीट; एक महिला का हाथ टूटने का दावा जौनपुर। उन्नाव जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर सरोसी गांव में दलित परिवार पर उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है।
मछलीशहर से सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने मामला उठाते हुए भाजपा सरकार पर दलितों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाया है। विधायक ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विधायक डॉ रागिनी सोनकर ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि उन्नाव जिले के सदर कोतवाली अंतर्गत सिकंदरपुर सरोसी गांव निवासी प्रेम सोनकर के मकान और जमीन पर कुछ दबंगों द्वारा स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत से जबरन कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर पहले पीड़ित प्रेम सोनकर को कोतवाली में बैठा लिया गया, जबकि दूसरी ओर बुलडोजर लेकर उसके घर पहुंचकर कब्जे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
परिजनों के अनुसार, जब घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसका हाथ टूट गया।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। विधायक डॉ रागिनी सोनकर ने इस पूरे मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों पर अत्याचार चरम पर पहुंच गया है और प्रशासन दबंगों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, “यदि किसी परिवार की जमीन या मकान से जुड़ा विवाद है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन प्रशासन की मौजूदगी में गरीब और दलित परिवारों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
महिलाओं के साथ मारपीट और उत्पीड़न किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।”विधायक ने उत्तर प्रदेश पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर पीड़ित प्रेम सोनकर और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई है।












