रामगढ़ । जेईई मेंस की परीक्षा में धांधली की सेटिंग करने वाला टीसीएस कर्मचारी राजेश ठाकुर और उसके एक और सहयोगी रवि शंकर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस की दबिश के कारण उन दोनों अभियुक्तों ने रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में पिछले 08 दिनों के अंदर बारी-बारी से आत्मसमर्पण किया। रामगढ़ पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। रामगढ़ पुलिस ने राजेश ठाकुर और रवि शंकर के लिए कोर्ट से 72 घंटे का रिमांड मांगा था। लेकिन कोर्ट ने 48 घंटे का रिमांड दिया है।
कांड के अनुसंधानकर्ता प्रशिक्षु डीएसपी फौजान अहमद ने बताया कि राजेश ठाकुर और रवि शंकर दोनों रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेंस की परीक्षा को कंडक्ट कराने के लिए टीसीएस (टाटा कंसलटेंसी सर्विस) को जिम्मा सौंपा था। राजेश ठाकुर उसी टीसीएस के लिए काम करता था। जब भी राधा गोविंद यूनिवर्सिटी में टीसीएस की ओर से एग्जाम लिया जाता था, राजेश ठाकुर ही कंप्यूटर लैब को अपने चार्ज में रखता था। वह हर एग्जाम में मौजूद रहता था।
जेईई मेंस की परीक्षा 02 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच होने वाली थी। रामगढ़ का राधा गोविंद यूनिवर्सिटी भी इस परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया था। लेकिन 30 मार्च को यहां के कंप्यूटर लैब में छेड़छाड़ होने के बाद एग्जामिनेशन सेंटर को रद्द कर दिया गया। गोरखधंधे में शामिल राधा गोविंद यूनिवर्सिटी के टेक्नीशियन दिनेश महतो, शाकिर अंसारी और बिहार के सारण जिला निवासी सूरज सिंह को पूूूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उस समय पुलिस ने 70 मॉनिटर और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की थी।












