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विभाजन की त्रासदी ने उजाड़े थे परिवार:सिरसिया में चित्र प्रदर्शनी में दिखा दर्द, स्वतंत्रता सेनानी परिवार सम्मानित


श्रावस्ती जनपद में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत शुक्रवार को डीपीआरसी हॉल में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर एक चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में देश के विभाजन के दौरान लोगों की पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष को तस्वीरों के माध्यम से दर्शाया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक रामफेरन पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मिश्रीलाल वर्मा और जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर विधायक रामफेरन पाण्डेय ने कहा कि देश का विभाजन इतिहास का एक ऐसा दर्दनाक अध्याय है, जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया। उन्होंने बताया कि लोगों ने अपनों को खोने के साथ विस्थापन का दर्द भी झेला। इसके बावजूद, विस्थापित परिवारों ने नए सिरे से जीवन शुरू किया और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का उद्देश्य उस त्रासदी को झेलने वाले परिवारों के संघर्ष और योगदान को याद करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को याद करने का मकसद किसी के प्रति कटुता पैदा करना नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करना है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों ने साहस और मेहनत के बल पर कठिन परिस्थितियों का सामना किया और अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया। उनका संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है। जिलाधिकारी ने लोगों से राष्ट्रीय एकता, सद्भावना और एकजुटता की भावना को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति को परिस्थितियों के भरोसे बैठने के बजाय साहस, मेहनत और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है। प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद, विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों को प्रतीक चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली बच्चे और आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रीय एकता और भाईचारा मजबूत करने का संकल्प लिया।

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