श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक का दामूपुरवा गांव पिछले कई वर्षों से सड़क, नाली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या से जूझ रहा है। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में विकास कार्य संतोषजनक तरीके से नहीं हुए हैं। बारिश होते ही अधिकांश गलियां कीचड़ और जलभराव से घिर जाती हैं। इससे लोगों को घर से बाहर निकलने और गांव के भीतर आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी रास्तों पर जमा हो जाता है। कई गलियों की सड़कें पहले से जर्जर हैं और बारिश के बाद इन पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को होती है। बारिश में गलियां बन जाती हैं कीचड़ से भरी ग्रामीणों के मुताबिक, दामूपुरवा में कई जगह सड़क और नाली की व्यवस्था ठीक नहीं है। बारिश का पानी निकलने का रास्ता नहीं मिलने के कारण गलियों में ही जमा रहता है। इसके चलते रास्तों पर कीचड़ हो जाता है और लोगों को इसी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि कीचड़ में फिसलने के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, जबकि बुजुर्गों और मरीजों के लिए जर्जर रास्तों से गुजरना जोखिम भरा रहता है। ग्रामीण बोले- प्रधान के घर तक रास्ता ठीक, बाकी गलियां बदहाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में ग्राम प्रधान के घर तक जाने वाला रास्ता अपेक्षाकृत दुरुस्त है, जबकि अन्य गलियों की हालत खराब है। उनका कहना है कि सड़क और नाली की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई वर्षों से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बार-बार आश्वासन मिलता रहा, लेकिन बारिश के मौसम में हर साल वही समस्या सामने आ जाती है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते जल निकासी और सड़क की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो लोगों को इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ता। मंदिर के सामने कूड़ा, मस्जिद के रास्ते में जलभराव बारिश के दौरान गांव के धार्मिक स्थलों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर के सामने कूड़े का ढेर लगा रहता है। वहीं मस्जिद की ओर जाने वाले रास्ते में जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी रहती है। इससे मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं और मस्जिद जाने वाले नमाजियों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने नियमित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने को लेकर भी चिंता ग्रामीणों ने खराब रास्तों को लेकर आपात स्थिति की चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान गलियों में पानी और कीचड़ भरने से बड़े वाहनों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस के गांव के भीतर तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और नाली की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव के लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण की मांग की मोहम्मद अहमद आफताब सिद्दीकी, बिलाल अहमद समेत दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दामूपुरवा गांव का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने पक्की सड़क, नाली निर्माण, जल निकासी और नियमित सफाई की व्यवस्था कराने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से समस्या झेलने के बाद अब वे केवल आश्वासन नहीं चाहते। उनका कहना है कि गांव में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े काम धरातल पर दिखाई देने चाहिए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को हर साल इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रावस्ती में गांव की गलियां बदहाल:बारिश में कीचड़-जलभराव से आवागमन मुश्किल, ग्रामीण बोले- मंदिर-मस्जिद तक पहुंचना कठिन
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