श्रावस्ती में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के एक मामले में चार अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 25 जून 2026 को प्रत्येक अभियुक्त को पांच-पांच वर्ष के साधारण कारावास और 7,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला मल्हीपुर थाना क्षेत्र का है। यह मामला मल्हीपुर थाने में मु0अ0सं0 269/2020 के तहत धारा 308/34, 323/34, 504, 506 भादवि के अंतर्गत दर्ज किया गया था। अभियुक्तों में इद्दू पुत्र यासीन, निजामुद्दीन उर्फ सद्दीक पुत्र इद्दू, आजाद पुत्र दूबर उर्फ स्माइल (सभी निवासी कटवा दाखिला इमिलिया करनपुर, मल्हीपुर, श्रावस्ती) और सुलेमान पुत्र बुद्धि (निवासी परपट लगंज, मल्हीपुर, श्रावस्ती) शामिल थे। वादी की भूमि में रखी जलौनी लकड़ी को फेंकने की बात पर विवाद शुरू हुआ था। अभियुक्तों ने वादी के साथ गाली-गलौज की, लात-घूंसों और लाठी-डंडों से मारपीट कर उसे घायल किया और जान से मारने की धमकी भी दी थी। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य महत्वपूर्ण और चिन्हित अभियोगों में अपराधियों को त्वरित सजा दिलाना है। गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक और देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक इसकी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी स्वयं ऐसे मामलों का पर्यवेक्षण कर रहे हैं। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह सहित संबंधित थाना प्रभारियों और पैरोकारों को प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप यह सजा सुनाई गई है।
श्रावस्ती में 4 अभियुक्तों को 5 साल की सजा:मारपीट और धमकी देने के मामले में 7 हजार रुपए का जुर्माना
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