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जन्मजात बधिर बच्चों के इलाज में हरसंभव मदद देंगे: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे

मुंबई  । ठाणे महानगर पालिका ने धन राशि की मदद देकर, डॉ. प्रदीप उप्पल (ENTईएनटी सर्जन) के निर्देशन में कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी को कामयाबी से अंजाम दिया है और शुक्रवार (14 अगस्त) को उप मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में एक खुशी का उत्सव और जन जागृति कार्यक्रम हुआ। राज्य के उप मुख्य मंत्री तथा ठाणे के पालक मंत्री शिंदे ने भरोसा दिलाया कि जन्म से बहरेपन वाले बच्चों को कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए बिना किसी राशि की कमी के हर मुमकिन मदद दी जाएगी।

इस प्रोग्राम में ठाणे मेयर शर्मिला पिंपोलकर, उप महापौर कृष्णा पाटिल, सदन नेता हनमंत जगदाले, विपक्षी नेता अशरफ यू शानू पठान, शिवसेना समूह नेता पवन कदम, अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे, उपायुक्त जी.जी. गोडेपुरे, दीपक जिंजड़, चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉ. प्रसाद पाटिल, डॉ. रानी शिंदे, मेडिकल असिस्टेंस फंड के मंगेश चिवटे, जुपिटर हॉस्पिटल के डॉ. प्रदीप उप्पल, डॉ. उमा उप्पल, दिव्यांग कला केंद्र की किरण नकटी, जिन बच्चों की डेफ सर्जरी हुई थी और उनके माता पिता मौजूद थे।

ठाणे मनपा ने आज बताया कि कल शाम इस मौके पर उप मुख्य मंत्री शिंदे ने उन बच्चों और उनके अभिभावकों को दिल से बधाई दी जिन्हें कॉक्लियर इंप्लांट की वजह से नई ज़िंदगी मिली। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरों पर खुशी और माता-पिता की आंखों में खुशी इस काम की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने यह भी कहा, “ऑपरेशन के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। जिन बच्चों को इलाज की ज़रूरत है, उनकी सूची तैयार करें। अगर फंड, सुविधाओं या किसी और ज़रूरत की ज़रूरत होगी, तो सरकार और ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन आपके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।” साथ ही, अगर कम उम्र में ही बहरे बच्चों का इलाज किया जाए, तो सौ परसेंट असरदार फ़ायदे मिल सकते हैं। इसलिए, ऐसे बच्चों की समय पर पहचान करना और इलाज का दायरा बढ़ाना ज़रूरी है, उन्होंने कहा।

इस मौके पर डॉ. प्रदीप उप्पल ने सर्जरी करवाने वाले बच्चों का एक नाटक पेश किया। इस नाटक के ज़रिए, जब एक बहरा बच्चा पैदा होता है, जब माता-पिता को यह एहसास होता है, तो परिवार को जो उलझन होती है, सर्जरी के लिए मदद पाने में जो मुश्किलें आती हैं, और सरकार से मिले फंड से सफल सर्जरी के बाद जब बच्चा साधारण बच्चे की तरह सुनने और बोलने लगता है, तो परिवार को जो खुशी होती है, वह आसमान छू रही होती है।

डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने कहा कि मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ बच्चों के टैलेंट को एक प्लेटफ़ॉर्म देना भी एक बड़ी समाज सेवा है, उन्होंने दिव्यांग कला केंद्र की किरण नकटी की भी तारीफ़ की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों तक पहुँचने के लिए सरकार के ज़रिए हर ज़रूरी मदद दी जाएगी। इस मौके पर, दिव्यांग कला केंद्र की पहल ‘कलाकारों की खोज.. दिव्यांगों की कलाकृति’ का भी डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर शिंदे ने उद्घाटन किया।

 

 

 

 

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