श्रावस्ती में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की करीब छह करोड़ रुपए की निविदा प्रक्रिया शनिवार को जांच के बाद निरस्त कर दी गई। प्रशासन ने शनिवार शाम 4 बजे के बाद इसकी जानकारी दी। जांच में निविदा प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन और तकनीकी खामियां सामने आई थीं। भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिओम तिवारी की मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ ने संबंधित पत्रावली की जांच कराई थी। कमियों के बावजूद फर्मों को तकनीकी रूप से योग्य बताया शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ फर्मों को समान कमियों के बावजूद तकनीकी रूप से योग्य घोषित किया गया। वहीं, कम दर देने वाली एक फर्म की निविदा निरस्त कर दी गई थी। शिकायत में ईएसआईसी और ईपीएफ अभिलेखों में विसंगतियों और निर्धारित अवधि के चालान नहीं लगाए जाने का भी मुद्दा उठाया गया था। छह महीने के बजाय पांच-पांच माह के चालान मिले अपर जिलाधिकारी ललित कुमार ने बताया कि डूडा की ओर से छह निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी किए गए थे। जांच में सामने आया कि अनिवार्य छह माह के चालान के स्थान पर दो फर्मों ने केवल पांच-पांच माह के चालान लगाए थे। इसके अलावा एक फर्म की ओर से प्रस्तुत चालान पढ़ने योग्य भी नहीं था। पूरी प्रक्रिया निरस्त, जिम्मेदारों पर कार्रवाई का सवाल जांच रिपोर्ट के आधार पर करीब छह करोड़ रुपए की पूरी निविदा प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। अब सवाल यह है कि नियमों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी या नहीं। शिकायतकर्ता ने संबंधित फर्मों द्वारा पहले कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय जांच कराने की भी मांग की है।
श्रावस्ती में 6 करोड़ की डूडा निविदा निरस्त:तकनीकी खामियां और नियमों का उल्लंघन मिला, भाजयुमो जिलाध्यक्ष की शिकायत पर कार्रवाई
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