श्रावस्ती जनपद के गिलौला थाना क्षेत्र स्थित पुरुषोत्तमपुर गांव के पास राप्ती नदी में कटान तेज हो गया है। नदी का जलस्तर घटने के बावजूद कटान की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। अब तक गांव की लगभग 70% कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है, जिससे शेष 30% खेती पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों आनंद त्रिपाठी, उमेश शर्मा, पप्पू यादव और देवराव ने बताया कि नदी ने धीरे-धीरे उनकी पूरी खेती को अपनी चपेट में ले लिया है। खेत उजड़ जाने के कारण किसानों के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि कटान को तुरंत नियंत्रित नहीं किया गया, तो कृषि भूमि के बाद अब गांव और घरों पर भी खतरा मंडराएगा। स्थानीय किसानों ने इकौना के उप-जिला अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर कटान रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो पूरा गांव राप्ती नदी की लहरों में समा सकता है। राप्ती नदी का यह कटान केवल कृषि भूमि को ही नहीं, बल्कि आस-पास की मानवीय बस्तियों के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है।
राप्ती नदी का कटान तेज, 70% कृषि भूमि समाई:श्रावस्ती के गिलौला में हजारों बीघा जमीन पर संकट, ग्रामीण परेशान
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