श्रावस्ती पुलिस ने महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिछले एक वर्ष में व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस विभाग के अनुसार ‘मिशन शक्ति-5.0’ के द्वितीय चरण के तहत महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई और अपराधियों को सजा दिलाने पर विशेष ध्यान दिया गया। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत न्यायालय में प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के परिणामस्वरूप 24 मुकदमों में कुल 36 अभियुक्तों को सजा मिली। इनमें छह मामलों में छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास, पांच मामलों में आठ अभियुक्तों को 20 वर्ष या उससे अधिक का कठोर कारावास तथा पांच मामलों में छह अभियुक्तों को 10 से 14 वर्ष की सजा सुनाई गई। सात मामलों में 10 अभियुक्तों को पांच वर्ष से कम की सजा भी मिली। पुलिस ने महिला संबंधी अपराधों में संलिप्त 19 आरोपियों के खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई की। छेड़खानी के 125 मामलों में 134 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एंटी रोमियो टीम ने 1,224 लोगों को चिह्नित कर चेतावनी नोटिस जारी किए। इसके अतिरिक्त, अपहृत और गुमशुदा 146 महिलाओं व बालिकाओं में से 144 को बरामद कर कानूनी कार्रवाई की गई। ‘मिशन शक्ति-5.0’ के तहत जिले में 324 ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ आयोजित किए गए, जिनमें 13,636 महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया गया। एंटी रोमियो टीमों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित चेकिंग की। पुलिस ने 113 अभियोगों में 211 शोहदों को गिरफ्तार किया और 6,096 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में पाबंदी की कार्रवाई की। 346 शोहदों को धारा 129 बीएनएसएस के तहत पाबंद कराया गया, जबकि छह के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई। पुलिस जनसुनवाई, शिकायतों के त्वरित निस्तारण, साइबर अपराध नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से जनता के साथ विश्वास मजबूत करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
श्रावस्ती में महिला अपराधों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई:सालभर में 24 मुकदमों में 36 को सजा, 6 आरोपियों को आजीवन कारावास; 134 गिरफ्तारियां हुई
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