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जौनपुर में लागू है अलग आबकारी नीति,किराने की दुकान पर बिक रही शराब

लखनऊ। यूपी में शराब को लेकर सीएम योगी द्वारा सख्त निर्देश जारी किये गए हैं। इसे लेकर नई आबकारी नीति भी लागू की गई है। लेकिन जौनपुर जिले में मानो अलग ही आबकारी नीति लागू है। जौनपुर के जलालपुर इलाके से जुड़ा एक वीडियो आबकारी अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। 

वीडियो में एक परचून की दूकान पर देशी शराब बिकती हुई नजर आई है। वहीं इस मामले में वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने कार्रवाई की। वहीं पुलिस की कार्रवाई और सूचना के बाद आबकारी मौके पर पहुंचा। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को जेल भेज दिया है।  

जौनपुर के जलालपुर में पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस टीम ने दो महिलाओं सहित चार लोगों को हिरासत में लिया और उनके पास से कुल 83 शीशी अवैध देशी शराब बरामद की। अंबेडकर जयंती के कारण जहां लाइसेंसी शराब की दुकानें बंद थीं, वहीं परचून की दुकानों और अन्य स्थानों से अवैध शराब बिक्री के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे थे। 

इन वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी गजानंद चौबे के नेतृत्व में पुलिस ने यह व्यापक अभियान चलाया। पकड़े गए आरोपियों में महिमापुर निवासी जूली गुप्ता के पास से 24 शीशी, तरियारी, सेहमलपुर निवासी गीता प्रजापति के पास से 24 शीशी, सेहमलपुर निवासी विजय बहादुर यादव के पास से 25 शीशी और महिमापुर निवासी कबिंद्र सोनकर के पास से 10 शीशी अवैध शराब बरामद की गई। थाना प्रभारी गजानंद चौबे ने बताया कि यह कार्रवाई वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर की गई है।

जौनपुर के स्कूल में मिली शराब की बोतलें
जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय ऊदपुर में चारदीवारी न होने के कारण गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। विद्यालय परिसर में सुबह शराब की खाली बोतलें और गांजे की चिलम जैसी वस्तुएं नियमित रूप से मिलती हैं, जिससे शिक्षण का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने बताया कि स्कूल की तीन तरफ चारदीवारी नहीं है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चारदीवारी के लिए लाई गई ईंटों का उपयोग प्रधान द्वारा अन्य कार्यों में कर लिया गया। विद्यालय बंद होने के बाद शाम को अराजक तत्व परिसर में जमा हो जाते हैं। वे यहां नशा करते हैं और शराब की खाली बोतलें तथा गांजे की चिलम परिसर में फेंक जाते हैं। शिक्षकों को प्रतिदिन सुबह इन वस्तुओं को साफ करना पड़ता है। 

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