उतरौला (बलरामपुर)। बेतहाशा बढ़ रही गर्मी और लू से बचाव को लेकर सीएचसी अधीक्षक उतरौला डॉ. चन्द्र प्रकाश सिंह ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा है, इसलिए जितना हो सके अधिक से अधिक पानी पिएं।
बचाव के उपाय: डॉ. सिंह ने बताया कि पसीना सोखने वाले हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें। धूप में निकलते समय चश्मा, छाता, टोपी और चप्पल का प्रयोग जरूर करें। खुले में काम करने वाले लोग सिर, चेहरा और हाथ-पैर को गीले कपड़े से ढककर रखें और छाते का इस्तेमाल करें।
यात्रा के दौरान पीने का पानी साथ रखें। ओआरएस, लस्सी, चावल का मांड, नींबू पानी, छाछ जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। घर को ठंडा रखने के लिए परदे और दरवाजों का उपयोग करें। कार्यस्थल पर ठंडे पानी की व्यवस्था रखें।
हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें: उन्होंने बताया कि कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, उबकाई, पसीना आना, मूर्छा, गर्म-लाल व शुष्क त्वचा होना, पसीना न आना, नब्ज तेज चलना, असामान्य व्यवहार या भ्रम की स्थिति, मितली और मूत्र कम आना हीट स्ट्रोक, हीट रैश या हीट कैंप के लक्षण हैं। ऐसी स्थिति दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
क्या न करें: डॉ. सिंह ने चेताया कि जानवरों और बच्चों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। लू लगने पर क्या करें: लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से शरीर पोछें या नहलाएं और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।












