सिद्धार्थनगर जनपद को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से 100 दिवसीय टीबी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 21 अप्रैल को खेसरहा क्षेत्र के बरनवार और कानपुरवा गांव में हैंडहोल्ड एक्स-रे कैंप आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। कैंप का शुभारंभ ग्राम प्रधान सावित्री देवी ने किया। इस दौरान ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया गया। कैंप में कुल 120 व्यक्तियों का एक्स-रे किया गया। जांच में 5 मरीज टीबी संदिग्ध पाए गए। उन्हें आगे की पुष्टि और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खेसरहा रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी संदिग्धों को समय पर जांच और इलाज कराने के लिए आवश्यक परामर्श भी दिया। इस आयोजन में सीएचओ कुसुम लता दुबे, वार्ड बॉय मुकेश, एसटीएलएस आशीष पांडेय और एक्स-रे टेक्नीशियन गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर कैंप को सफलतापूर्वक पूरा कराया। सीएचसी खेसरहा के अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों की जांच कर टीबी मरीजों की पहचान करना और उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। डॉ. पांडेय ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उन्हें लंबे समय से खांसी, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत जांच कराएं और इस अभियान का लाभ उठाएं।
खेसरहा में टीबी अभियान को दौरान 120 की जांच:बरनवार-कानपुरवा में एक्स-रे कैंप, 5 टीबी संदिग्ध मिले; सीएचसी खेसरहा रेफर
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