कृषि विज्ञान केंद्र सोहना ने बयारा डुमरियागंज में पंचायतीराज दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को किसानों को रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित और अंधाधुंध प्रयोग के बढ़ते चलन के प्रति जागरूक किया गया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों और कृषि-रसायनों के अविवेकपूर्ण उपयोग से खेती की लागत बढ़ती है और किसानों का लाभ कम होता है। उन्होंने किसानों से उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने का आग्रह किया। वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने इस बात पर जोर दिया कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग से न केवल खेती की लागत बढ़ती है, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और फसलों की उर्वरकों के प्रति प्रतिक्रिया भी कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि इसके पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी हैं, जैसे भूजल का दूषित होना और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि। डॉ. सर्वजीत ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। केंद्र के पशु विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने रासायनिक उर्वरकों के संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग को तेजी से अपनाने के लिए तकनीकी के प्रयोग की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। इस कार्यक्रम में कात्यायनी, अशोक कुमार, दीक्षा, सुधा, रामदेव, अभिषेक, विश्वनाथ, पूजा और विकास सहित कई किसानों और अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
किसानों को उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के प्रति किया जागरूक:कृषि विज्ञान केंद्र सोहना ने पंचायतीराज दिवस पर आयोजित किया कार्यक्रम
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