लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग की यकृत व पित्त रोग इकाई में कार्यरत एडिशनल प्रो डॉ.सुधीर वर्मा ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एशिया-प्रशांत यकृत अध्ययन संघ,जो इस्तांबुल,तुर्किये में आयोजित हुआ। इस दौरान उन्होंने मौखिक शोध प्रस्तुति प्रस्तुत कर संस्थान को गौरवान्वित किया है। डॉ.वर्मा द्वारा प्रस्तुत शोध का विषय “ एक्यूट-ऑन-क्रॉनिक लिवर फेल्योर में 90-दिवसीय मृत्यु-दर के पूर्वानुमान में यकृत कठोरता में तीव्र परिवर्तन का पूर्वानुमानात्मक महत्व ” था। इस शोध में गंभीर यकृत रोगियों में रोग-पूर्वानुमान के आकलन के लिए महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए,जो चिकित्सकीय प्रबंधन में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
केजीएमयू ने हासिल की अंतरराष्ट्रीय लिवर सम्मेलन में उपलब्धि
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