कौशांबी। जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली और महंगी किताबें बेचने के मुद्दे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बेसिक शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिषद की जिला इकाई ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर कड़ी नाराजगी जताई है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।दरअसल, 17 अप्रैल को एबीवीपी ने विभिन्न शैक्षिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था और जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निजी स्कूलों द्वारा महंगी फीस वसूली, निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य करना, छुट्टियों के दिनों में भी बस शुल्क लेना और कॉपी-किताबों की जबरन बिक्री जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।परिषद ने मांग की थी कि जिले के सभी निजी स्कूलों से हलफनामा लिया जाए, जिसमें मासिक शुल्क का स्पष्ट निर्धारण हो और एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। साथ ही स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए ठोस नियम बनाए जाएं।हालांकि, आंदोलन के 11 दिन बीत जाने के बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा न तो किसी स्कूल की जांच की गई, न ही नोटिस जारी किए गए और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई। इस पर एबीवीपी ने कड़ा रुख अपनाया है।जिला संयोजक शिवांशु शुक्ला ने कहा कि शिक्षा विभाग की यह लापरवाही बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में निजी स्कूलों की मनमानी लगातार बढ़ रही है और अभिभावक आर्थिक रूप से परेशान हैं, लेकिन विभाग इन समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है।उन्होंने हरदोई में हाल ही में निजी स्कूलों से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं कौशांबी में भी सामने आ रही हैं, लेकिन उन पर पर्दा डाला जा रहा है। एबीवीपी का उद्देश्य जनभावनाओं की आवाज उठाना और छात्रों व अभिभावकों को न्याय दिलाना है।परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निजी स्कूलों के लिए सख्त नियम नहीं बनाए गए, हलफनामा नहीं लिया गया और दोषी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग और उसके अधिकारियों की होगी।
कौशांबी में निजी स्कूलों की मनमानी पर एबीवीपी का प्रहार 11 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, बड़े आंदोलन की चेतावनी
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