लखनऊ। गुरुवार राम मनोहर में राष्ट्रीय स्तर के नर्सिंग सम्मेलन का आयोजन हुआ। संस्थान के निदेशक ने सम्मेलन में देश के अन्य नर्सिंग कॉलेजों से आये हुए सभी फैकल्टी सदस्यों, नर्सिंग अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों की देखभाल के दौरान नर्सिंग संवर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने सभी अतिथियों एवं गणमाना स्पीकरी से सम्मेलन ने उपस्थित नर्सिंग संवर्ग से अपना-अपना अनुभव साझा करने का आग्रह किया। संस्थान में राष्ट्रीय स्तर को नर्सिंग सम्मेलन को आयोजित करने के लिए मुख्य नर्सिंग अधिकारी को धन्यवाद करते हुए संस्थान में भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के नर्सिंग सम्मेलन आयोजित करने के लिए प्रेस्ति किया।
संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महोदय ने बताया कि इस सम्मेलन का मकसद एक बीज की तरह है। जिस प्रकार हम किसी पेड को उगाने हेतु बीज डालते हैं और उसे आगे बढ़ाने हेतु फर्टिलाइजर का उपयोग करते है ठीक उसी प्रकार हम सभी को 2023 एवं 2025 में संस्थान के नवनियुका नर्सिंग अधिकारियों के साथ अपना-अपना अनुभव साझा करते हुए आगे बढ़ाने का कार्य करना है जिससे वे जिस विभाग में कार्यरत है बह पर मरीजो की देखभाल का निर्वहन अच्छी तरह कर सके। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक महोदय ने बताया कि हमारे संस्थान में राष्ट्रीय स्तर के नर्सिंग सम्मेलन का अयोजन होना हम सब के लिए गर्व की बात है।
इससे हमारे संस्थान में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग के साथ बाहर से आये हुए बरिष्ठ फैकल्टी सदस्यी का अनुभव साझा करने का मौका मिलता है। सम्मेलन में नर्सिंग सलाहकार, डी०जी०एच०एस०, भारत सरकार, डा० दीपिका सी० खाका ने अपने अभिभाषण में डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, गोमती नगर, लखनऊ, में राष्ट्रीय स्तर के नर्सिंग सम्मेलन को कराने वाला देश का पहला संस्थान बताया।
उन्होंने अभिभाषण के दौरान बताया कि यह प्रतिष्ठित सम्मेलन नर्सिंग पेशेवरों की उस महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है, जो सुरक्षित, प्रभावी और रोगी की देख भाल प्रदान करने में निभाई जाती है, आज कल के आधुनिक ग्लोबल युग में नर्सिंग गुणवत्ता का होना अत्याधिक महत्वपूर्ण है।
साथ ही किसी भी संस्थान में हर एक अधिकारी/कर्मचारी का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है जिसमें एक सुरक्षा गार्ड से उच्च अधिकारी स्तर तक शामिल है। एक सस्थान की ख्याति उसके कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी पर निर्भर होती है, हमें अपने राष्ट्र के प्रति हमेशा समर्पित रहना चाहिए।












