नवादा। नवादा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार खेतान ने डायन बता कर हत्याकांड को अंजाम देने के मामले का निपटारा करते हुए 8 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्तों को पांच -पांच हजार रुपये की अर्थ दंड की भी सजा सुनाई गई।
न्यायालय सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि वर्ष 2019 को नवादा जिले के गोविंदपुर थाना के कोयलियागढ़ गांव में मरनी देवी नामक महिला की डायन बता कर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
महिला को बाल काटकर गांव में भी नग्न करके घुमाया गया था। सिविल कोर्ट में कार्यरत वरीय अपर लोक अभियोजक ईश्वरी प्रसाद शर्मा की धारदार साक्ष्यपूर्ण बहस को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश आशुतोष कुमार खेतान ने सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने कहा है कि डायन बता कर पिटाई कर हत्या करना एक बहुत बड़े सामाजिक कुरीतियों को अंजाम देना है। जिसे किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जा सकता।
अगर इस तरह के गुनाहगारों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं दी जाएगी, तो समझ में अराजक माहौल पैदा हो जाएगा। गवाहों के बयानातो तथा पुलिस रिपोर्ट से मिले ठोस सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने नरेश मांझी, बिरजू मांझी, कारु मांझी, तुलसी मांझी, त्रिलोकी मांझी, पूना मांझी, राजेश मांझी तथा सुरेश मांझी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सभी अभियुक्तों को पांच -पांच हजार रुपए हत्याकांड के विरुद्ध तथा दो – दो हजार रुपये डायन अधिनियम के तहत किए गए अपराध के लिए अर्थ दंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में अपर लोक अभियोजक श्री शर्मा ने ठोस सबूत प्रस्तुत किया। जिसकी काफी तारीफ की जा रही है।












