कोलकाता। दक्षिण 24 परगना के फलता विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। जहां एक ओर डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम के 15 बूथों पर पुनर्मतदान हो रहा है, वहीं फलता को इस सूची में शामिल नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। शनिवार को स्थानीय लोगों के प्रदर्शन की वजह से पूरा क्षेत्र अशांत हो उठा। चुनाव आयोग ने इस पूरे प्रकरण पर स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
ग्रामीणों के एक वर्ग का आरोप है कि भाजपा को वोट देने के कारण तृणमूल समर्थित लोगों द्वारा उन्हें घर-घर जाकर धमकाया जा रहा है। इस मामले में तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान का नाम भी सामने आया है।
आरोप है कि उनके करीबी पंचायत प्रधान इसराफिल सरदार के नेतृत्व में धमकियां दी जा रही हैं। इसके विरोध में ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-17 को जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसराफिल की गिरफ्तारी और फलता में पुनर्मतदान कराने की मांग की है। कुछ लोगों ने जहांगीर खान की गिरफ्तारी की भी मांग उठाई।
गौरतलब है कि शुक्रवार से ही इलाके में तनाव बना हुआ है। हाशिमनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप के बाद स्थिति पहले ही गरम थी। भाजपा समर्थकों का आरोप है कि उन्हें मतदान नहीं करने दिया गया और विरोध करने पर हमला किया गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा मौके पर पहुंचे। फलता थाने की पुलिस और केंद्रीय बल भी तैनात किए गए हैं।
हालांकि, शनिवार को एक बार फिर तनाव भड़क उठा। प्रदर्शनकारियों ने राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का भी आरोप लगाया, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इससे इनकार किया है।
दूसरे चरण के मतदान के बाद से ही फलता में लगातार तनाव बना हुआ है। कई बूथों पर ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप भी लगे थे। विपक्षी दलों ने 32 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की थी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने स्थिति की समीक्षा कर आयोग को अपनी रिपोर्ट भेजी है, जिसमें करीब 30 बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश की गई है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
फिलहाल, क्षेत्र में पुलिस और केंद्रीय बल की मौजूदगी के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है।












