कोटा : घटना आरकेपुरम थाना क्षेत्र के आंवली रोजड़ी इलाके की है. यहां गुरुवार रात पत्नी दीपिका ने अपने प्रेमी देवेश को फोन कर घर बुलाया. देवेश अपने साथी विष्णु के साथ देर रात पहुंचा. तीनों ने पहले साथ बैठकर शराब पी, फिर साजिश के तहत मनोज का गला घोंटकर हत्या कर दी.
वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को पलंग पर लिटा दिया, ताकि मामला सामान्य मौत जैसा लगे. इतना ही नहीं, शुक्रवार सुबह तीनों आरोपी फिर घर पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए. लेकिन घर में शोक का माहौल न होना, रोने-धोने की आवाज न आना और सीमित लोगों की मौजूदगी ने पड़ोसियों को शक में डाल दिया.
जब आरोपियों ने जल्दबाजी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की कोशिश की, तो मोहल्ले के लोगों ने रोक दिया और परिजनों को सूचना दी. मृतक के पिता के पहुंचने पर जब शव से चादर हटाई गई, तो गले पर निशान देखे गए. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि गले पर चोट के निशान मिलने के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई. जांच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी दौरान पत्नी के अपने प्रेमी से संबंध बन गए थे.
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दीपिका और देवेश के बीच पिछले करीब चार साल से संबंध थे. मनोज के बाहर रहने के दौरान देवेश का घर आना-जाना रहता था. पति के लौटने पर यह संबंध उनके लिए परेशानी बन रहा था, जिसके चलते हत्या की साजिश रची गई.
घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनका पीछा करते हुए करौली क्षेत्र में लोकेशन ट्रेस की और खेत की घेराबंदी कर मुख्य आरोपी देवेश को गिरफ्तार कर लिया. तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है.












