संत कबीर नगर, 07 मई 2026(सू0वि0) राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उ0प्र0 प्रो0 हिमांशु शेखर झा की उपस्थिति में दिव्यांगजनों की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु मोबाइल कोर्ट का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 रामानुज कन्नौजिया उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जनपद के सौ से अधिक दिव्यांगजनों द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें एवं प्रकरण प्रस्तुत किए गए। मोबाइल कोर्ट में मुख्य रूप से आवास एवं शौचालय से संबंधित 32 प्रकरण, राशन कार्ड से संबंधित 33 प्रकरण, दिव्यांग प्रमाण पत्र से संबंधित 08 प्रकरण, आयुष्मान कार्ड से संबंधित 03 प्रकरण, विद्युत विभाग से संबंधित 06 प्रकरण, रोजगार से संबंधित 05 प्रकरण, राजस्व से संबंधित 03 प्रकरण, दिव्यांग पेंशन से संबंधित 10 प्रकरण तथा सहायक उपकरणों से संबंधित 09 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। प्राप्त शिकायतों एवं प्रकरणों के निस्तारण हेतु मा0 राज्य आयुक्त द्वारा संबंधित विभागों को एक माह की समयावधि निर्धारित करते हुए आवश्यक निर्देश दिये गए।
मा0 राज्य आयुक्त द्वारा कार्यक्रम के दौरान कुल 10 दिव्यांगजनों को नवीन पेंशन स्वीकृति प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। साथ ही एक दिव्यांगजन को हियरिंग एड एवं दो दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर वितरित की गई। मोबाइल कोर्ट में ऐसे 10 दिव्यांग बच्चे भी सम्मिलित हुए, जिनका यूडीआईडी कार्ड एवं दिव्यांग प्रमाणपत्र अभी तक जारी नहीं हो पाया था। उक्त सभी बच्चे श्रवण बाधित (एचआई) श्रेणी से संबंधित थे। इस पर माननीय राज्य आयुक्त महोदय द्वारा मौके पर ही सीआरसी गोरखपुर से दूरभाष के माध्यम से संपर्क स्थापित कर बच्चों की बेरा जांच हेतु तिथि निर्धारित कराई गई तथा निर्देशित किया गया कि संबंधित बच्चे सीआरसी गोरखपुर में जांच उपरांत अपना दिव्यांग प्रमाणपत्र जनपद संत कबीर नगर से प्राप्त कर सकें। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु तत्काल निर्देश दिये।
राज्य आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि अस्थायी (टेम्पररी) दिव्यांग प्रमाणपत्र कदापि जारी न किए जाएं तथा दिव्यांग प्रमाणपत्र हेतु प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनवाई एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी संदीप मौर्य, दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी करने हेतु गठित चिकित्सकों की पैनल, जिला पूर्ति अधिकारी, विद्युत विभाग से जूनियर इंजीनियर, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।












