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शिमला: नशा तस्कर पर अब गांव-गांव से नजर, पटवारी देंगे नशा कारोबारियों की रिपोर्ट

शिमला। नशे के खिलाफ शिमला प्रशासन अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता। गांवों में जमीन और लोगों की जानकारी रखने वाले पटवारी भी अब इस अभियान का हिस्सा होंगे।

प्रशासन ने फैसला लिया है कि पटवारी अपने क्षेत्रों में नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाकर एसडीएम को रिपोर्ट भेजेंगे, जिससे नशे से अर्जित संपत्तियों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय एनकॉर्ड बैठक में नशे के खिलाफ अभियान को और सख्त बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में सभी एसडीएम और डीएसपी ने पिछले एक महीने में नशे के खिलाफ की गई कार्रवाई और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि अब गांव स्तर तक नशे के कारोबार पर नजर रखी जाएगी और पटवारियों को ऐसे लोगों की रिपोर्ट एसडीएम को भेजनी होगी, ताकि नशे से अर्जित संपत्तियों की जांच कर कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि जिला पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है, जिससे पड़ोसी राज्यों से जुड़े नशा तस्करों में भी डर का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि अब नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच पर विशेष फोकस रहेगा।

इसके लिए राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस को जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध करवाई जाए, ताकि कार्रवाई में देरी न हो।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को स्कूलों और कॉलेजों तक और व्यापक बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप की जानकारी दी जाएगी और नशा विरोधी गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से ही नहीं, समाज की भागीदारी से ही जीती जा सकती है।

पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को देखते हुए प्रशासन ने अवैध शराब की बिक्री और स्टॉकिंग पर भी सख्ती के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने आबकारी विभाग से कहा कि चुनाव के दौरान विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि शराब और नशे के जरिए चुनाव प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव पूरे होने तक लगातार विभागीय बैठकें आयोजित कर जिला को नशा मुक्त बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस एनडीपीएस मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है और अंतर्राज्यीय नशा गिरोहों का लगातार भंडाफोड़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान नशा कारोबार से जुड़े लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी, क्योंकि ऐसे लोग चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नशे से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच अभी धीमी है, लेकिन राजस्व विभाग की मदद मिलने से इसमें तेजी आएगी।

बता दें कि शिमला जिला में नशे का जाल बढ़ता जा रहा है। इस साल पिछले चार महीनों में पुलिस ने एनडीपीएस के 111 मामलों में 235 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

सप्लाई चैन को ध्वस्त करने के लिए बैकवर्ड लिंकेज मे 30 आरोपियों को विभिन राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, केरल, भारत नेपाल बॉर्डर आदि से गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त 35 आदतन अपराधों को जेल भेजा गया है।

 

 

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