कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुक्रवार को ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हो गया। भाजपा विधायक दल ने शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुन लिया और इसके साथ ही राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। शनिवार सुबह 11 बजे शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में कोलकाता में हुई विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनी। भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। यह पहली बार है जब वामपंथ और तृणमूल कांग्रेस के लंबे राजनीतिक वर्चस्व को समाप्त कर भाजपा सत्ता तक पहुंची है। इस जीत का सबसे बड़ा चेहरा शुभेंदु अधिकारी रहे, जिन्होंने भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर चुनावी राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर किया। इससे पहले 2021 में भी उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को शिकस्त देकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के करकुली गांव में जन्मे 55 वर्षीय शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर करीब तीन दशक लंबा रहा है। उनके पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और अधिकारी परिवार लंबे समय से बंगाल की राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है। शुभेंदु ने 1995 में कांग्रेस से राजनीति की शुरूआत की थी और कंटई नगर पालिका के पार्षद बने थे। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और पंचायत से लेकर संसद तक का सफर तय किया। 2009 और 2014 में वह तामलुक से लोकसभा सांसद चुने गए।
नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन ने उन्हें राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बना दिया। आंदोलन के दौरान उनकी आक्रामक भूमिका ने उन्हें ग्रामीण बंगाल में मजबूत जनाधार दिलाया। दिसंबर 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा और इसके बाद बंगाल भाजपा की राजनीति पूरी तरह बदल गई।
भाजपा ने उन्हें ममता बनर्जी के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में आगे बढ़ाया।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की सामाजिक और राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव है। लंबे समय तक वाम और फिर तृणमूल की राजनीति देखने वाले बंगाल में पहली बार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। भाजपा नेतृत्व ने इसे ‘नए बंगाल’ की शुरूआत बताया है।
मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले कोलकाता समेत कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। पार्टी कार्यालयों पर ढोल-नगाड़े बजे और समर्थकों ने मिठाइयां बांटी। शुभेंदु अधिकारी ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कहा कि उनकी सरकार विकास, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा खत्म करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।












