बख्शी का तालाब। इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक महिला डॉक्टर पर प्रसव के दौरान घोर लापरवाही बरतने और प्रसूता का जीवन संकट में डालने का आरोप लगा है।पीड़िता के पति ने आरोप लगाया है कि, ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने घाव पर टांके तक नहीं लगाए और महिला को गंभीर स्थिति में ही अस्पताल से छुट्टी दे दी।
पीड़ित पति ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। इटौंजा के बगहा का पुरवा निवासी सुरेंद्र कुमार पाल ने अपनी गर्भवती पत्नी शिवानी पाल को 8 अप्रैल को प्रसव के लिए इटौंजा सीएचसी में भर्ती कराया था। सुरेंद्र के मुताबिक, उसी दिन सुबह करीब 10 बजे डॉक्टर मधु श्री द्वारा शिवानी का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि, डॉक्टर ने आपरेशन के दौरान अपने दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती।
ऑपरेशन के बाद टांके लगाए बिना ही ड्रेसिंग कर दी गई, जिससे महिला की हालत बिगड़ने लगी और उसका जीवन संकट में पड़ गया। पीड़ित सुरेंद्र पाल ने बताया कि, आपरेशन के बाद उनकी पत्नी की हालत में सुधार नहीं हो रहा था, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर मधु श्री ने 11 अप्रैल को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुँचते ही शिवानी की स्थिति मरणासन्न हो गई। जब घबराए परिजन उसे दोबारा सीएचसी लेकर पहुंचे, तो वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। आरोप है कि, डॉक्टर ने महिला की गंभीर स्थिति देखकर भी उसका उपचार शुरू नहीं किया और केवल समय बिताने के बाद 13 अप्रैल को उसे लखनऊ के वीरांगना अवन्ती बाई महिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया।इसके साथ ही, पीड़ित ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। सुरेंद्र का दावा है कि, सरकारी अस्पताल होने के बावजूद स्टाफ ने इलाज के नाम पर उनसे 12,000 रुपये की अवैध वसूली की। जब परिजनों ने इलाज से संबंधित दस्तावेज़ और रिकॉर्ड मांगे, तो उन्हें अपमानित कर भगा दिया गया।
रेफर किए जाने के बाद, शिवानी को लखनऊ के अवन्ती बाई महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। वहां के डॉक्टरों द्वारा किए गए गहन उपचार और दोबारा की गई चिकित्सा प्रक्रिया के बाद महिला की जान बचाई जा सकी। शिवानी के ठीक होने के बाद अब उसके पति सुरेंद्र पाल ने न्याय की लड़ाई शुरू की है।
सुरेंद्र पाल ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत इटौंजा थाना प्रभारी निरीक्षक सोबरन सिंह को दी है। शिकायत के साथ उन्होंने अवन्ती बाई महिला चिकित्सालय के डिस्चार्ज पेपर और अन्य चिकित्सीय साक्ष्य भी संलग्न किए हैं। इटौंजा सीएचसी प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि,इस प्रकरण में उनके पास कोई शिकायत नही आयी है।शिकायत प्राप्त होने पर जांच कर कार्यवाही की जाएगी।












