HomeHealth & Fitnessचीफ जस्टिस ने सॉलिसिटर जनरल से भरे मंच पर पूछा सवाल, कि...

चीफ जस्टिस ने सॉलिसिटर जनरल से भरे मंच पर पूछा सवाल, कि लिखने का समय कैसे मिला

नई दिल्ली: भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कोर्ट रूम से जुड़े हास्यप्रद किस्से और कहानियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि इन दोनों किताबों को एक के बाद एक पढ़ना, किसी ऐसे कोर्टरूम ड्रामा को लगातार देखने जैसा है, जो गलती से किसी स्टैंड-अप स्पेशल में पहुंच गया हो।

लिखने का समय कैसे मिला?
चीफ जस्टिस ने कहा कि जैसे-जैसे मैं इन दोनों किताबों के पन्ने पलटता गया, मेरे मन में बस एक ही सवाल आया। आखिर तुषार भाई को इन उथल-पुथल भरे समय को लिखने का समय मिला कैसे? तो मैंने इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश की। तुषार भाई ने भगवान से दिन में पच्चीसवें घंटे की गुहार लगाई होगी, और उसे सिर्फ अपने लिए ही रख लिया होगा।

कार्यक्रम में गृह मंत्री भी थे मौजूद
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद से भारत की बहुदलीय लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि 76 वर्षों की संवैधानिक यात्रा में भारत ने लोकतंत्र की जड़ों को बेहद गहराई तक पहुंचाया है। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि देश में संसद और विधानसभा के जरिए हुए सत्ता परिवर्तन और कानूनों में बदलाव बिना एक बूंद खून बहाए स्वीकार किए गए, जो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।

बिना हिंसा के परिवर्तन हुए स्वीकार
गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि 1947 से आज तक इस देश में संसद और विधानसभाओं के माध्यम से जितने भी परिवर्तन हुए, उन्हें बिना किसी हिंसा के स्वीकार किया गया। यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।’

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments