श्रावस्ती के शिक्षकों की टेट (TET) अनिवार्यता के विरोध में देशव्यापी आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी गयी हैं। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले 4 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल महारैली का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में, रविवार को बहराइच के लोटस होटल में श्रावस्ती जनपद के शिक्षक पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। जहां आंदोलन की रणनीति बनाई गई। दिल्ली कूच की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा बैठक में आंदोलन की रणनीति, शिक्षकों की सहभागिता और जनपद स्तर से दिल्ली कूच की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य अतिथि एवं पर्यवेक्षक सुधांशु मोहन प्रांतीय उपाध्यक्ष जिलाध्यक्ष लखनऊ ने कहा कि सरकार द्वारा थोपी गई टेट की अनिवार्यता अनुभवी शिक्षकों के स्वाभिमान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने ऐलान किया कि 4 अप्रैल को शिक्षक दिल्ली की सड़कों पर अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन करेंगे। विशिष्ट अतिथि अजय सिंह और धीरेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि जब तक शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। श्रावस्ती के जिलाध्यक्ष विनय पांडेय ने टेट अनिवार्यता को ‘काला कानून’ बताया। उन्होंने कहा कि दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों को दोबारा पात्रता के नाम पर परखना अन्यायपूर्ण है। जिला मंत्री सत्य प्रकाश वर्मा ने इसे शिक्षकों के भविष्य के साथ एक साजिश करार दिया, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि शिक्षकों का अनुभव और वरिष्ठता ही उनकी वास्तविक पात्रता है। बैठक में जिला उपाध्यक्ष हरीश कुमार और जिला संगठन मंत्री दिवाकर प्रताप सिंह सहित श्रावस्ती के सभी ब्लॉक पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि जनपद से अधिक से अधिक शिक्षक दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएंगे। बैठक का समापन ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ के नारों और आंदोलन को सफल बनाने की शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दिल्ली के रामलीला मैदान में शिक्षकों की महारैली:TET अनिवार्यता के विरोध में 4 अप्रैल को प्रदर्शन, श्रावस्ती के शिक्षकों ने बनाई रणनीति
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