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Mumbai: ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए चल रहे अवैध वसूली रैकेट का भंडाफोड़

मुंबई। मुंबई पुलिस ने ‘ऑनलाइन लोन ऐप्स’ के जरिए चल रहे अवैध वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यहां मरोल इलाके में एक निजी कर्मचारी से मामूली लोन के नाम पर न सिर्फ लाखों रुपये वसूले गए, बल्कि लगातार धमकियों, मारपीट और परिवार को निशाना बनाने की घटनाओं ने उसकी जिंदगी को भय और मानसिक तनाव में धकेल दिया। इस पूरे मामले में शिकायत मिलने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने त्वरित कार्रवाई कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुदेश वाघरे, पवेश गोरीवले, प्रवीण जाधव, प्रवीण थोरात, रवि जायसवाल और वाल्मीकि गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े ऑनलाइन लोन ऐप रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। 

मामूली लोन बना ‘जी’ का जंजाल!
मरोल-मरोशी रोड इलाके में रहने वाले 37 वर्षीय अक्षय ओमप्रकाश सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने एक ऑनलाइन लोन ऐप से कुछ हजार रुपये का लोन लिया था। शुरुआत में यह लोन आसान और सामान्य लगा, लेकिन धीरे-धीरे यह उनके लिए एक गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट बन गया। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने लोन की बड़ी राशि पहले ही चुका दी थी, इसके बावजूद आरोपियों द्वारा अत्यधिक ब्याज और अतिरिक्त रकम की मांग लगातार जारी रही। उन पर करीब 512 प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से भुगतान का दबाव बनाया गया, जो नियमों के पूरी तरह खिलाफ था। अब तक पीड़ित से करीब 17 लाख 60 हजार रुपये वसूले जा चुके हैं, फिर भी धमकियों का सिलसिला नहीं रुका। आरोपियों द्वारा पीड़ित को लगातार फोन कॉल्स के जरिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जब वह फोन नहीं उठाते थे, तो उनके परिवार, रिश्तेदारों और ऑफिस स्टाफ को कॉल कर बदनाम करने और डराने की कोशिश की जाती थी। 
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 2 दिसंबर 2025 को आरोपी दो अन्य लोगों के साथ पीड़ित के घर पहुंचे और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परिवार लगातार दहशत में रहा और कई बार डर के कारण पैसे देने को मजबूर हुआ। मामला तब और गंभीर हो गया जब 22 मई 2026 को बैंक के बाहर पीड़ित के साथ मारपीट की गई और पैसे की मांग की गई। इसके अलावा, आरोप है कि ‘कैश माय पेमेंट’ (CashMyPayment) नामक ऐप से जुड़े लोगों ने भी बैंक के बाहर हमला किया। सबसे भयावह पहलू यह रहा कि आरोपियों ने पीड़ित की छोटी बेटी पर एसिड अटैक करने की धमकी दी, जिससे पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव में आ गया। 
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि यह सिर्फ एक लोन विवाद नहीं, बल्कि एक संगठित ऑनलाइन वसूली गैंग हो सकता है, जो ऐप्स के जरिए लोगों का डेटा हासिल कर उन्हें धमकियों और मानसिक दबाव से लूटता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक एपीके फाइल के जरिए पीड़ित के मोबाइल डेटा तक पहुंच बनाते थे और बाद में उसी जानकारी का इस्तेमाल कर दबाव बनाते थे। पहले छोटे लोन दिए जाते थे, फिर अलग-अलग ऐप्स से बार-बार लोन लेने के लिए मजबूर किया जाता था और भारी ब्याज वसूला जाता था। 

6 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश जारी
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और पूरे ऑनलाइन लोन नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच आगे और बड़े खुलासे कर सकती है, क्योंकि ऐसे मामलों में कई और पीड़ितों के सामने आने की संभावना है।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने 25 मई 2025 को एक ऑनलाइन लोन ऐप से 22,050 रुपये का लोन लिया था। लोन की प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने एक एपीके फाइल का उपयोग कर शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन से डेटा चोरी किया था। इसके बावजूद, शिकायतकर्ता ने ब्याज समेत पूरा लोन चुका दिया था, लेकिन आरोपी लगातार फोन और मैसेज करके उन्हें परेशान करते रहे।
आरोपियों ने इस दौरान शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों, दोस्तों एवं कार्यस्थल पर फोन कर बदनामी करना शुरू कर दिया। उन्होंने धमकी दी कि यदि वे अपने परिवार की सुरक्षा चाहते हैं और फोन कॉल बंद करवाना चाहते हैं, तो उन्हें अलग-अलग ऑनलाइन लोन ऐप्स से पुनः लोन लेकर ब्याज सहित राशि चुकानी होगी। इस मानसिक दबाव में आकर शिकायतकर्ता 18 से अधिक लोन ऐप्स से कुल 7,05,570 रुपये का लोन लेने के लिए मजबूर हो गया।
हालांकि, सभी लोन और ब्याज चुकाने के बाद भी आरोपियों ने ‘वन टाइम सेटलमेट’ के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग जारी रखी। लगातार फोन कॉल, धमकियों और बदनामी के कारण शिकायतकर्ता की मानसिक स्थिति काफी बिगड़ गई थी।
इस मामले में मिली शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने 25 मई 2026 को एक जाल बिछाकर वसूली की रकम लेने पहुंचे छह आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में लगी हुई है। जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह ने ऑनलाइन लोन ऐप्स के जरिए कई अन्य लोगों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर भारी रकम की वसूली की है।

सुरक्षा और सहायता के लिए करें ये काम?
ऐसी अवैध लोन कंपनियों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए हमेशा RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा प्रमाणित ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। यदि आप किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लोन ऐप स्कैम या अवैध वसूली का शिकार होते हैं, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 पर संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र साइबर पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

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