हमीरपुर/फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर और फतेहपुर से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। आठ महीने तक चले प्रेम संबंध का अंत इतनी खौफनाक मौत में होगा, इसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। एक शादीशुदा महिला और उसके पति ने मिलकर प्रेमी की हत्या कर दी और फिर पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर जंगल में जला डाला। लेकिन अपराधियों की सारी चालाकी मोबाइल फोन की डिजिटल लोकेशन के सामने बेनकाब हो गई।
पुलिस के अनुसार फतेहपुर जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी 20 वर्षीय विजय निषाद 8 मई को घर से हमीरपुर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की तो कहानी का ऐसा सच सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया।
एक नजर मिली और शुरू हो गई प्रेम कहानी
जांच में पता चला कि विजय का हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव निवासी किरन नामक विवाहित महिला से प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात के बाद बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। करीब आठ महीने तक दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहे।
इसी दौरान महिला के पति कामता निषाद को इस रिश्ते की भनक लग गई। वह गुजरात में नौकरी करता था, लेकिन पत्नी और प्रेमी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखने के बाद गांव लौट आया। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों में दोनों ने मिलकर प्रेमी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
प्रेमी को बुलाया, फिर कर दी हत्या
पुलिस के मुताबिक 8 मई को किरन ने फोन कर विजय को अपने घर बुलाया। वहां पहले से मौजूद पति कामता ने लकड़ी की चौखट से उसके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से विजय की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद शव को घर में छिपा दिया गया। रात में जब शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई तो गर्मी के कारण उसके हाथ-पैर अकड़ चुके थे। ऐसे में आरोपी दंपती बाजार से ग्राइंडर मशीन खरीदकर लाए और शव के अंग काट दिए।
जंगल में जलाया शव, मिटाए सबूत
हत्या के बाद शव के टुकड़ों को बोरे में भरकर कानपुर देहात क्षेत्र के जंगल में ले जाया गया। वहां पेट्रोल डालकर शव को जला दिया गया ताकि पहचान न हो सके। इतना ही नहीं, विजय का मोबाइल फोन, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और चश्मा भी नष्ट कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए।
आरोपियों को भरोसा था कि अब पुलिस कभी इस हत्या का राज नहीं खोल पाएगी, लेकिन उनकी यह सोच गलत साबित हुई।
मोबाइल बना सबसे बड़ा गवाह
विजय के लापता होने के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। जांच में सामने आया कि विजय लगातार किरन के संपर्क में था। पुलिस को जब किरन की भूमिका संदिग्ध लगी और उससे पूछताछ की गई तो वह घबरा गई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पति-पत्नी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की।पूछताछ में दोनों टूट गए और पूरी साजिश कबूल कर ली।
बरामद हुए अहम सबूत
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव के अवशेष, हत्या में प्रयुक्त ग्राइंडर मशीन, लकड़ी की चौखट, बाइक और अन्य सामान बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
प्यार से शुरू हुई कहानी, कत्ल पर खत्म
जिस रिश्ते की शुरुआत प्यार और साथ जीने-मरने की कसमें खाने से हुई थी, उसका अंत एक खौफनाक हत्याकांड में हुआ। प्रेम, अविश्वास, गुस्सा और बदले की भावना ने एक युवक की जान ले ली और अब आरोपी दंपती सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराध चाहे कितनी भी शातिराना तरीके से क्यों न किया जाए, तकनीक और पुलिस जांच के सामने सच ज्यादा देर तक छिप नहीं सकता।












