बांदा।उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में साइबर क्राइम पुलिस थाना और कोतवाली देहात की संयुक्त टीम ने आंगनबाड़ी में सुपरवाइजर बनाने और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से ठगी के 1,00,120 रुपये भी बरामद किए हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित की पहचान खप्टिहाकलां निवासी महेश कुमार के रूप में की। संयुक्त पुलिस टीम ने मंगलवार को उसे कोतवाली देहात क्षेत्र के करहिया गांव से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से ठगी की रकम एक लाख रुपये की रकम बरामद हुई।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपित मूल रूप से पैलानी क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में कानपुर में गार्ड की नौकरी करता है। उसने योजनाबद्ध तरीके से बांदा और आसपास के गांवों में आंगनबाड़ी में नौकरी करने की इच्छुक महिलाओं की जानकारी जुटाई। साथ ही इंटरनेट के माध्यम से आंगनबाड़ी विभाग से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी भी एकत्र की।
इसके बाद आरोपित ने खुद को आंगनबाड़ी विभाग का अधिकारी बताकर बरगहनी निवासी छितानी से संपर्क किया और उनकी बहू को सुपरवाइजर बनाने तथा अन्य महिलाओं को नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेने के बाद उसने पैसे मंगाने के लिए कानपुर के कुछ ज्वेलर्स की दुकानों के क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया। पीड़ितों से उन्हीं क्यूआर कोड पर रकम ट्रांसफर कराई गई। बाद में आरोपित ने उन दुकानों से आभूषण खरीदे और उन्हें कम कीमत पर बेचकर नकदी हासिल कर ली।
सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि आरोपित ने अपनी पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिए थे, ताकि वह पुलिस की पकड़ से बच सके।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित ने इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अन्य स्थानों पर भी अंजाम दिया है या नहीं तथा अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। मामले की गहन जांच जारी है।












