इटवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत अहिरौली पड़री स्थित ऐतिहासिक पडेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित संगीतमय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार देर रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा क्षेत्र भक्ति गीतों और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। यज्ञ पंडाल में अवध धाम से पधारे कथा व्यास पंडित राकेश शास्त्री महाराज ने राजा परीक्षित और कलयुग के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महाराज परीक्षित ने कलयुग को अपने राज्य में रहने के लिए जुआ, मदिरापान, परस्त्रीगमन, हिंसा तथा अधर्म से अर्जित स्वर्ण में निवास की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि मनुष्य को इन बुराइयों से दूर रहकर प्रभु भक्ति में लीन रहना चाहिए। कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण ही मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है। शिव-पार्वती विवाह झांकी ने मोहा मन कथा के दौरान वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की भव्य झांकी प्रस्तुत की। शिव की अनूठी बारात और विवाह के मनोरम दृश्यों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कलाकारों के जीवंत अभिनय और भक्ति भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते और नृत्य करते रहे। झांकी के समापन पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सुबह हवन-पूजन, शाम को कथा में उमड़ रही भीड़ महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन और परिक्रमा का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मंदिर परिसर में दर्शन और परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं शाम को संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करने के लिए दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस अवसर पर यज्ञाचार्य अंशु जी महाराज, चंद्रभान गुप्ता, नैन कुमार, जितेंद्र कुमार, बब्लू गिरी, रघुराज तिवारी, राजमणि दूबे, मंटू गिरी, ननकन यादव, पारस गिरी, विजय पाल यादव, रवि गिरी, बलराम, बलिंदर तिवारी, विकास गिरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
राजा परीक्षित की कथा ने दिया धर्म का संदेश:अहिरौली पड़री में शिव-पार्वती विवाह झांकी देख झूम उठे श्रद्धालु
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