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दुबई में कार्यरत एक प्रवासी मजदूर की हार्ट अटैक से हुई असमय मौत के बाद 13 दिन बाद उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे कठार जंगल में मातम पसर गया। शव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई और माहौल गमगीन हो गया। कप्तानगंज ब्लॉक अंतर्गत थाना नगर क्षेत्र के कठार जंगल निवासी पप्पू (40), पुत्र हरिहर कई वर्षों से दुबई में एक कंपनी में वॉचमैन के पद पर कार्यरत थे। वे इससे पहले भी चार बार विदेश जा चुके थे। इस बार करीब पांच वर्ष पहले रोजगार के लिए दुबई गए थे। जानकारी के अनुसार 27 मई की रात कंपनी परिसर में ही उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना कंपनी प्रबंधन की ओर से तत्काल परिजनों को दी गई। करीब 13 दिन बाद जब उनका शव गांव पहुंचा तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 80 वर्षीय मां रामरति की करुण चीख से माहौल गमगीन हो उठा। पत्नी निर्मला देवी बिलखते हुए बार-बार यही कहती रहीं—“अब हमारा क्या होगा, अभी बच्चों की भी शादी नहीं हुई है।” बेटा प्रिंस (15) पूरी तरह स्तब्ध रह गया, जबकि बेटियां शालिनी (18) और संध्या (16) भी मां को संभालते हुए खुद टूट गईं। पप्पू परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार में एक बुजुर्ग मां, पत्नी और तीन बच्चे—दो बेटियां और एक बेटा—गंभीर आर्थिक और भावनात्मक संकट में आ गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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दुबई से कप्तानगंज पहुंचा वॉचमैन का शव:हार्ट अटैक से गई थी जान, 13 दिन बाद गांव पहुंचा शव
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