फतेहाबाद। हरियाणा के सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सोमवार को डीपीआरसी हॉल में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति (ग्रीवेंस कमेटी) की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने विभिन्न विभागों से संबंधित जनसमस्याओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कड़े लहजे में हिदायत दी कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों को तय समय सीमा के भीतर शिकायतों का निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कुल 13 शिकायतें एजेंडे में शामिल किए गए थे, जिनमें से 8 मामलों का संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के आधार पर मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
विपक्ष के विधायकों की मौजूदगी रही चर्चा का विषयइस बैठक में राजनीतिक सौहार्द का एक अनोखा नजारा देखने को मिला। ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह और फतेहाबाद के कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया न केवल शामिल हुए, बल्कि वे कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ पहली पंक्ति में बैठे नजर आए।
इसके अलावा बैठक में पूर्व संसदीय सचिव दुड़ाराम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा, पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा, जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़, उपायुक्त डॉ. विवेक भारती और पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। झूठी शिकायत पर भडक़े मंत्री, शिकायतकर्ता पर ही एफआईआर के आदेश :
गांव बन मंदोरी निवासी राकेश कुमार ने गांव में एक अवैध स्कूल चलाए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता बैठक से गैर-हाजिर रहा।
जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी अनिता बाई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब विभाग ने मौके का निरीक्षण किया तो वहां कोई स्कूल नहीं बल्कि वह बंद मिला।
इस पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशासन का समय बर्बाद करने और झूठी शिकायत करने के आरोप में उल्टा शिकायतकर्ता पर ही केस दर्ज किया जाए।
जहरीला पानी लिखने पर ग्रामीण को नसीहत
गांव पीलीमन्दौरी के ग्रामीणों की ओर से शिकायत दी गई थी कि नहर में सेम का जहरीला पानी डाला जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने बैठक में रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि गांव के पानी की जांच की गई है और उसका टीडीएस 240 आया है, जो पूरी तरह से पीने योग्य है।
इस पर मंत्री ने शिकायतकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि जब पानी का टीडीएस मानक के अनुरूप सही है, तो शिकायत में जहरीला शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया। उन्होंने जनता को अपनी शिकायतों में शब्दों के चयन में सावधानी बरतने की नसीहत दी और मामला फाइल कर दिया।
पुलिस को लगी फटकार, किडनैपिंग केस में बनेगी एसआईटीफतेहाबाद के योग नगर निवासी गुरप्रीत कौर के एक मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। शिकायतकर्ता के पति पर किडनैपिंग की धारा लगाने को लेकर मंत्री पुलिस पर जमकर बरसे।
हालांकि पुलिस अधीक्षक ने इस पर अपनी सफाई देने की कोशिश की, लेकिन मंत्री उनके जवाब से असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने इस पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित करने के आदेश जारी किए।












