पूरी तृणमूल कांग्रेस (TMC) टूट चुकी है। पिछले दिनों पार्टी के 58 विधायकों के टूटने के बाद अब टीएमसी के 20 लोकसभा सांसद भी बागी हो चुके हैं। पार्टी की सीनियर सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि पार्टी के करीब 20 सांसदों ने केंद्र में सत्तारूढ़ NDA का समर्थन करने का फैसला किया है। घोष ने कहा कि आगे इसकी औपचारिक जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दी जाएगी।
इस फूट के साथ ही पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की संसदीय इकाई में फूट हो चुकी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद पार्टी पर ममता बनर्जी का निंयत्रण और कमजोर हो गया है।
बीसों सांसदों पर फूटा महुआ का गुस्सा
इस फूट के बाद टीएमसी की तेजतर्रार लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा का गुस्सा 20 सों सांसदों पर फूट पड़ा है। महुआ ने टीएमसी छोड़ रहे सांसदों को लालची, मतलबी और गद्दार बताते हुए कहा कि पहले इस्तीफा दो और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर दिखाओ।
महुआ ने कहा क्या है?
उन्होंने कहा, ‘सांसद 2024 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। जनादेश NDA के लिए नहीं था। पीली पैंट वाले सभी लालची, मतलबी गद्दार प्लीज अब बीजेपी में शामिल हो जाएं। सभी अपनी सीटों से इस्तीफा दें और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ें। देखते हैं आप कितने बड़े हीरो हैं।’
इधर इंडिया गठबंधन की बैठक, उधर फूट
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को मिली करारी हार के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है, जहां उसके 80 विधायकों में से 58 ने पार्टी आला कमान के अनुभवी नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया और निष्कासित विधायक रिताब्रता बनर्जी को उस पद पर नामित कर दिया।
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल सोमवार को उसके संसदीय खेमे में भी फैलती नजर आई। पार्टी में जब यह बगावत हुई तब पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए इंडिया गठबंधन की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली में थीं।












