लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभाग को पूरी तरह पारदर्शी, नागरिक केंद्रित और आधुनिक तकनीक आधारित बनाने के सख्त निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग राजस्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए राजस्व वृद्धि के साथ-साथ सेवा गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
सीएम के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागीय अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
– रजिस्ट्री कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित किया जाए।
– संपत्ति और विवाह पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाए।
– बायोमेट्रिक और आईरिस आधारित सत्यापन व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
– ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन और डिजिटल जांच प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए।
– **पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली शीघ्र लागू की जाए।
डिजिटलीकरण और AI पर जोर
सीएम ने अभिलेखों के पूर्ण डिजिटाइजेशन, AI आधारित कार्यप्रणाली और जियो-टैगिंग व्यवस्था को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने संपत्तियों के मूल्यांकन में एकरूपता और पारदर्शिता लाने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजार आधारित मूल्यांकन से विवादों में कमी आएगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
निवेश और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
बैठक में सीएम योगी ने विभाग को निवेश बढ़ाने और राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सरल, तेज और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए।
सीएम का संदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाग का काम केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को सुगम और पारदर्शी सेवाएं देने का माध्यम भी है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनसेवा के साथ-साथ विभाग की छवि को और बेहतर बनाएं।
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