नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को वांछित भगोड़े गणेश बालासो को थाईलैंड और जॉर्जिया से वांछित वैन्केट गर्ग का प्रत्यर्पण कराने में सफलता मिली है। गणेश बालासो को 24 मई को बैंकॉक में थाई अधिकारियों ने हिरासत में लिया था और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 जून को भारत भेजा गया।
सीबीसीआई के अधिकारी आरोपित को लेकर आज मुंबई पहुंच गए। सीबीआई ने बताया कि मुंबई पहुंचने के बाद गणेश बालासो काले को महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल ने अपनी हिरासत में ले लिया। काले पर आरोप है कि उसने आॅनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का लालच देकर लोगों से निवेश के नाम पर धन जमा कराया और बाद में उन्हें धोखा दिया। वह एक नेटवर्क चलाता था जिसमें निर्दोष व्यक्तियों को शामिल कर उनके बैंक खातों का उपयोग अवैध धन हस्तांतरण के लिए किया जाता था।
वैन्केट गर्ग हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांछित है, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, संगठित अपराध और अवैध हथियारों का इस्तेमाल शामिल है। उसे जॉर्जिया में गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी पर गुरुवार को भारत लाया गया। सीबीआई ने बताया कि सक्रिय समन्वय के तहत हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट टीम जॉर्जिया गई। यह टीम वैन्केट गर्ग को लेकर 11 जून को दिल्ली पहुंची, जहां उसे सीबीआई ने हिरासत में लिया।
इस कार्रवाई में सीबीआई को विदेश मंत्रालय गृह मंत्रालय और हरियाणा पुलिस ने सहयोग किया। इंटरपोल चैनलों के माध्यम से एनसीबी-नई दिल्ली ने वैन्केट गर्ग के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था। इसके आधार पर जॉर्जियाई अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार किया और भारत के अनुरोध पर प्रत्यर्पण की अनुमति दी। एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच जारी है।












