कौशाम्बी। जिले में डिजिटल मीडिया में प्रकाशित खबर ने जिले के जरूरतमंद युवा दीनानाथ के जीवन में नई उम्मीद जगाई। खबर का संज्ञान लेते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए ग्राम निजामपुर, सिराथू निवासी दीनानाथ पुत्र हरिदत्त को हेलमेट सहित ट्राई-साइकिल प्रदान की। ट्राई-साइकिल मिलने पर युवा के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया का अर्थ केवल तकनीकी विकास और आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का विस्तार नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य तकनीक के माध्यम से आम नागरिक से सीधे संवाद स्थापित करना, उसकी समस्याओं को समझना और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ना भी है।
उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। कौशाम्बी के जुझारू युवा की खबर डिजिटल मीडिया में प्रकाशित होने के बाद उनके संज्ञान में आई। इसके बाद उससे प्रत्यक्ष भेंट कर सहायता करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की सकारात्मक शक्ति का उपयोग जनसेवा के लिए किया जाए तो यह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज को शासन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।
संघर्ष और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने की प्रेरणा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद युवा के चेहरे पर दिखाई देने वाली मुस्कान, आत्मविश्वास और अदम्य जीवटता सभी के लिए प्रेरणादायी है। परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, इच्छाशक्ति और संघर्ष का जज्बा व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। ऐसे जुझारू व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इनके आत्मविश्वास को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया की सार्थकता इसी में है कि तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के बीच मजबूत सेतु बने। डिजिटल माध्यम से सामने आई किसी सूचना के कारण यदि जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचती है तो यह तकनीक के जनकल्याणकारी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।
तकनीक के जरिए शासन और जनता के बीच संवाद हुआ सहज
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल इंडिया की जो दूरदर्शी परिकल्पना की है, वह भारत को केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसा नया भारत बनाना है, जहां तकनीक सुशासन, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनकल्याण का माध्यम बने। प्रधानमंत्री की सोच आधुनिक तकनीक को जनसरोकारों से जोड़कर देश को नई दिशा देने वाली है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। आज आम नागरिक अपनी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को डिजिटल माध्यमों से सरकार तक पहुंचा सकता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद पहले की अपेक्षा अधिक सहज, त्वरित और प्रभावी हुआ है।
ट्राई-साइकिल को बताया आत्मनिर्भरता का माध्यम
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। डिजिटल माध्यमों से सामने आने वाली जनसमस्याओं को संवेदनशीलता से समझना और उनके समाधान की दिशा में कार्य करना जनसेवा की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के संकल्प के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दिव्यांगजन और अन्य जरूरतमंद वर्गों को सम्मानजनक जीवन, आत्मनिर्भरता और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनानाथ को प्रदान की गई ट्राई-साइकिल महज सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और आगे बढ़ने के संकल्प का माध्यम है। उन्होंने युवा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उसका साहस और संघर्ष निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच ने डिजिटल तकनीक को जनसेवा से जोड़कर भारत में विकास और संवेदना का नया अध्याय लिखा है। डिजिटल इंडिया की सफलता तभी पूर्ण होगी, जब तकनीक की पहुंच बढ़ने के साथ उसके केंद्र में मानवता, संवेदना और जनकल्याण भी बना रहे।










