- मुंह में लाठी घुसेड़ी,पीटते हुए चौकी ले गए
- पार्किंग कलेक्शन के पांच हज़ार देकर पुलिस ने छोड़ा
- पार्किंग कर्मचारी ने एसपी रेलवे से की शिकायत
लखनऊ। गुरूवार जीआरपी पुलिस की गोमतीनगर जीआरपी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पार्किंग पर तैनात कर्मचारी से गोमतीनगर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने 25 हज़ार रूपये महीना देने की मांग की थी। आरोप है कि पैसा न देने पर पुलिसकर्मियों ने पार्किंग कर्मचारी के मुंह में लाठी घुसेड़ दी और लाठियों से पीटा। इससे कर्मचारी के कान का पर्दा फैट गया। कर्मचारी का कहना है कि जब उसने पैसे देने से इंकार कर दिया तो आरोपी पुलिसकर्मी उसे चौकी में उठा ले गए और बंद करके पिटाई की। कर्मचारी ने एसपी को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि उसने चौकी में कलेक्शन के पांच हज़ार रूपये देकर अपनी जान बचाई।
जानकारी के मुताबिक़ गोमती नगर रेलवे स्टेशन मेसर्स इसके ट्रेडर्स नाम की कार्यदायी संस्था पार्किंग चलाने का काम ठेके पर करती है। यह फर्म आशु यादव चलाते हैं। आशु ने बताया कि गोमतीनगर पार्किंग चलाने की एवज में गोमतीनगर जीआरपी चौकी की पुलिस पिछले एक सप्ताह से परेशान कर रही थी। आशु का आरोप है कि रोजाना पुलिसकर्मी सिस्टम समझने के लिए फोन करते थे। आरोप है कि जीआरपी चौकी के कर्मी महीने का 25 हज़ार रूपये मांग रहे थे।
आशु ने बताया कि कमाई न होने के कारण उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया। आरोप है कि गुरूवार जीआरपी की पुलिस ने उनके कर्मचारी शिवम यादव को पैसे न देने पर बुरी तरह चौकी में बंद करके पीटा। इस मामले में शिवम यादव ने रेलवे एसपी को शिकायत करते हुए कहा है कि गुरुवार वह प्लेटफार्म न० 06 कि पार्किंग पर कार्यरत था। लगभग 10:00 बजे जीआरपी के उप निरीक्षक अमित शर्मा, कांस्टेबल गोविन्द एवं अवधेश कुमार पार्किंग में अपने निजी वाहन से आये।
शिवम ने आरोप लगाया है कि वह हमेशा की तरह आकर पैसे की मांग करने लगे। पैसे न देने पर उन्होंने उसे मारते जीआरपी चौकी ले गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे चौकी में बंद करके बुरी तरह डंडे और हाथ से पिटाई की। आरोप है कि पिटाई के कारण पीड़ित के कान का पर्दा फट गया और सुनाई देना बंद हो गया। आरोप है कि आशु यादव ने पांच हज़ार रूपये दिए तब पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ा।
बाइक चोरी होने का आरोप लगा रहे आरोपी पुलिसकर्मी
सूत्रों के मुताबिक़ इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मी अब ठेकेदार और उसके कर्मचारियों पर बाइक चोरी होने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति की बाइक चोरी हो गई थी। जब इसकी शिकायत लेकर पीड़ित पार्किंक कर्मचारी के पास पहुंचा था,तो कर्मचारी ने पीड़ित से अभद्रता की और पर्ची फाड़ दी थी।
क्या है बाइक चोरी का मामला ?
आशु यादव ने बताया कि बीते 24 मई 2026 को प्लेटफार्म नंबर एक से एक बाइक चोरी हुई थी। इस मामले में एक नंबर पार्किंग पर तैनात कर्मचारी एफआईआर दर्ज कराने के लिए गए थे। लेकिन जीआरपी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। प्लेटफार्म नंबर एक की पार्किंग के कर्मचारी बाइक चोरी की एफआईआर दर्ज कराने के लिए चौकी और थाने के चक्कर लगा रहे थे। लेकिन अब तक पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तक दर्ज नहीं किया है। इस घटना का हम सभी के पास वीडियो भी है। जिसमे एक व्यक्ति आया और अपनी बाइक खड़ा करके दूसरे की बाइक लेकर चला गया था।
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पूरे मामले की जांच क्षेत्राधिकारी प्रथम को जांच दी गई है। शुक्रवार सभी पक्षों को सीओ कार्यालय में बुलाया गया है। – रोहित मिश्रा,एसपी जीआरपी लखनऊ |












